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त्रिपुरा: फर्जी खबर छापने व प्रसारित करने पर दो महिला पत्रकार हिरासत में, सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का आरोप

Sun, 14 Nov 2021 07:23 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अगरतला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अगरतला Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Sun, 14 Nov 2021 07:23 PM IST
सार

पत्रकार समृद्धि सकुनिया और स्वर्णा झा के खिलाफ फर्जी व झूठी खबरें प्रकाशित व प्रसारित करने और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में कई केस दर्ज किए गए हैं। 

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Tripura: Two women journalists detained for publishing and broadcasting fake news, accused of disturbing communal harmony
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

त्रिपुरा में बीते दिनों हुई सांप्रदायिक हिंसा को लेकर फर्जी खबरें प्रकाशित व प्रसारित करने के आरोप में पुलिस ने दो महिला पत्रकारों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें हिरासत में लिया है। 
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त्रिपुरा के आईजी अरिंदम नाथ ने बताया कि पत्रकार समृद्धि सकुनिया और स्वर्णा झा के खिलाफ फर्जी व झूठी खबरें प्रकाशित व प्रसारित करने और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में कई केस दर्ज किए गए हैं। दोनों को हिरासत में ले लिया गया है। 
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दो महिला पत्रकारों की हिरासत को लेकर त्रिपुरा पुलिस ने कहा कि अमरावती और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में हाल ही में हुई हिंसा को सांप्रदायिक घटनाओं को देखते हुए यह स्पष्ट हो गया है कि कुछ निहित स्वार्थ त्रिपुरा में सांप्रदायिक घटना को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं।

त्रिपुरा पुलिस का कहना है कि कथित रूप से झूठी खबर प्रकाशित करने के आरोप में हिरासत में ली गईं दो महिला पत्रकारों को पहले उत्तरी त्रिपुरा के फातिक्रोय पुलिस थाने के  तहत पॉल बाजार में सांप्रदायिक नफरत फैलाने में शामिल पाया गया था।

एडिटर्स गिल्ड, आईडब्ल्यूपीसी ने 2 महिला पत्रकारों को हिरासत में लेने की निंदा की
एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया (ईजीआई) और भारतीय महिला प्रेस कोर (आईडब्ल्यूपीसी) ने रविवार को एक प्राथमिकी के आधार पर दो महिला पत्रकारों को असम पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की निंदा की, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उन्होंने पत्रकार की छवि खराब की है। 

दोनों राज्यों के पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है कि हाल ही में सांप्रदायिक घटनाओं पर लिखने के लिए रविवार को त्रिपुरा गए एचडब्ल्यू न्यूज नेटवर्क के पत्रकार समृद्धि सकुनिया और स्वर्ण झा को असम पुलिस ने सीमा के पास करीमगंज के नीलम बाजार में हिरासत में लिया था। 

असम पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि दोनों को रात के लिए महिलाओं के लिए सरकार द्वारा संचालित आश्रय गृह में रखा गया है और सोमवार सुबह त्रिपुरा पुलिस को सौंप दिया जाएगा।

ईजीआई ने एक बयान में कहा कि एडिटर गिल्ड इस कार्रवाई की निंदा करते हैं और उनकी तत्काल रिहाई और स्वतंत्र यात्रा करने की बहाली की मांग करते हैं।

वहीं आईडब्ल्यूपीसी ने कहा कि हम समझते हैं कि दो महिला पत्रकारों, सकुनिया और स्वर्ण झा को पूछताछ के लिए त्रिपुरा वापस ले जाया जाना है। हम मांग करते हैं कि उन्हें तुरंत रिहा किया जाए और उन्हें अपना काम करने दिया जाए।


राहुल गांधी बोले- पत्रकारिता की हत्या करने में जुटी है भाजपा 
इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा पत्रकारिता की हत्या करने में जुटी है, लेकिन झूठ के सामने सच कब रुका है। गांधी ने यह टिप्पणी त्रिपुरा में हिंसा की हालिया घटनाओं को कवर करने वाली दो पत्रकारों को कथित तौर पर पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद की। उन्होंने ट्वीट किया, ‘भाजपा सिस्टम पत्रकारिता की हत्या में जुटा है। लेकिन झूठ के सामने सच कब रुका है?’
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