Exclusive News एक्सक्लूसिव खबरें
Free E-Paper फ्री में ई-पेपर पढ़ें
ऐप डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Treat accident victims immediately, no advance payment required: Karnataka govt to hospitals

Karnataka: 'बिना पूर्व भुगतान के दुर्घटना पीड़ितों का तुरंत इलाज करें, वरना लगेगा जुर्माना', अस्पतालों को आदेश

Thu, 04 Sep 2025 01:03 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू। Published by: निर्मल कांत Updated Thu, 04 Sep 2025 01:03 PM IST
सार

Karnataka: कर्नाटक सरकार ने आदेश जारी कर सभी अस्पतालों को दुर्घटना पीड़ितों का तुरंत इलाज करने और उनसे कोई अग्रिम भुगतान न मांगने के निर्देश दिए हैं। नियम तोड़ने पर अस्पतालों पर एक लाख रुपये तक जुर्माना और कानूनी कार्रवाई हो सकती है।  

विज्ञापन
Treat accident victims immediately, no advance payment required: Karnataka govt to hospitals
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया। - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

कर्नाटक सरकार ने सभी चिकित्सा संस्थानों और डॉक्टरों को याद दिलाया कि वे किसी भी दुर्घटना पीड़ित का तुरंत उपचार करें और उनसे किसी भी प्रकार का अग्रिम भुगतान (एडवांस पेमेंट) न मांगें। एक सरकारी आदेश में बुधवार को यह निर्देश दिया गया। 
विज्ञापन

 
सरकार ने कहा, यह जरूरी है कि कानून और राज्य में चल रही योजनाओं को लागू करने वाली एजेंसियों और आम लोगों को एक बार फिर बताया जाए कि दुर्घटना पीड़ितों का इलाज बिना देरी और बिना एडवांस पेमेंट के किया जाना अनिवार्य है। कर्नाटक निजी चिकित्सा प्रतिष्ठान अधिनियम, 2007 के तहत, दुर्घटना पीड़ित की परिभाषा केवल सड़क हादसों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें जलने, जहर खाने या आपराधिक हमलों जैसी स्थितियां भी शामिल हैं। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: केरल के विधायक राहुल ममकूटाथिल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज, महिलाओं का पीछा करने और डराने-धमकाने का आरोप
विज्ञापन
विज्ञापन


'नियम के उल्लंघन पर अस्पताल को लगेगा एक लाख का जुर्माना'
आदेश में कहा गया, जब भी कोई ऐसा दुर्घटना पीड़ित अस्पताल में आता है या लाया जाता है, तो उसका आपात स्थिति में तत्काल उपचार किया जाना चाहिए अग्रिम भुगतान की मांग नहीं की जानी चाहिए। अगर कोई अस्पताल इस नियम का उल्लंघन करता है, तो धारा 19 (5) के तहत उस पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

'कानून के अनुसार आवश्यक उपचार प्रदान करना जरूरी'
सरकार ने कर्नाटक गुड समेरिटन एंड मेडिकल प्रोफेशनल एक्ट, 2016 का भी हवाला देते हुए कहा कि हर अस्पताल को मुफ्त मेडिकल स्क्रीनिंग, फर्स्ट-एड और आवश्यक उपचार प्रदान करना अनिवार्य है, ताकि मरीज की स्थिति में सुधार हो सके। अगर किसी अस्पताल में इलाज की सुविधाएं नहीं हैं, तो उसे पहले मरीज को स्थिर करना होगा और फिर दूसरी जगह रेफर करना होगा, साथ ही चिकित्सा दस्तावेज भी देना होगा। इसके अलावा, सरकार ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 187 का भी हवाला देते हुए कहा कि नियमों का पालन न करने पर तीन महीने की जेल या 500 रुपये जुर्माना और दोबारा अपराध करने पर छह महीने की जेल या 1,000 रुपये जुर्माना लगाया जा सकता है। 


ये भी पढ़ें: 'उनके स्वागत में कुत्ते की तरह..', भाजपा विधायक की फिसली जुबान; महिला एसपी पर टिप्पणी मामले में FIR

'हादसा पीड़ित को सात दिनों तक नकदी रहित चिकित्सा सुविधा'
राज्य सरकार ने बताया कि सड़क हादसा पीड़ितों के लिए नकदी रहित (कैशलेश) उपचार योजना, 2025 के तहत अब हर सड़क हादसे के पीड़ित को 1.5 लाख रुपये तक की नकदी रहित चिकित्सा सुविधा सात दिनों तक दी जाएगी। इसके लिए राज्य सड़क सुरक्षा परिषद नोडल एजेंसी होगी और खर्च की भरपाई मोटर वाहन दुर्घटना फंड से की जाएगी। सरकार पहले से ही 48 घंटे तक की नकदी रहित चिकित्सा योजना चला रही है, जिसमें सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और एसएएसटी सूचीबद्ध अस्पतालों में 76 जीवन रक्षक सेवाएं कवर की गई हैं।

आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि हर पंजीकृत डॉक्टर और हर अस्पताल को तुरंत प्राथमिक उपचार देना और मरीज को स्थिर करना अनिवार्य है। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो उन पर नियम के अनुसरा सजा लागू होगी।  



 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed