टीएमसी ने लगाया दुर्गा पूजा समितियों को आईटी नोटिस भेजने का आरोप, आयकर ने किया खारिज
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पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) मे भाजपानीत केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि केंद्र ने दुर्गा पूजा समितियों को आयकर नोटिस भेजा है। हालांकि, आयकर विभाग ने इस बारे में स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि इस साल किसी भी दुर्गा पूजा समिति को विभाग की ओर से कोई नोटिस नहीं भेजा गया है।
टीएमसी ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह टीएमसी पर आरोप लगा रहे हैं कि हम बंगाल में दुर्गा पूजा रोकने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि असलियत यह है कि भगवा पार्टी ही ऐसा करने की कोशिश कर रही है। टीएमसी ने आरोप लगाया कि यह कदम समितियों को नीचा दिखाने और उन्हें भगवा कैंप में शामिल होने का दबाव डालने के लिए उठाया गया है।
पिछले साल भेजे गए थे 30 समितियों को नोटिस, इस साल एक भी नहीं
वहीं, आयकर विभाग का कहना है कि इस साल किसी भी दुर्गा पूजा समिति को कोई नोटिस नहीं भेजा गया है। आयकर विभाग ने कहा कि पिछले साल दिसंबर में 30 समितियों को नोटिस भेजा गया था। इसमें समितियों से जुड़े कॉन्ट्रैक्टरों और इवेंट मैनेजरों से टीडीएस की जानकारी मांगी गई थी। आयकर विभाग को शक था कि इवेंट मैनेजरों और कॉन्ट्रैक्टरों ने टैक्स भुगतान नहीं किया था।
टीएमसी ने दिया धरना, कहा- दोहरे मापदंड की राजनीति कर रही भाजपा
टीएमसी ने भाजपा पर समितियों को नोटिस भेजने का आरोप लगाते हुए धरना-प्रदर्शन किया। टीएमसी के महासचिव और राज्य शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने कहा, 'लोकसभा चुनाव अभियान के दौरान उन्होंने (भाजपा) आरोप लगाया था कि हमारी सरकार ने राज्य में दुर्गा पूजा रोकने के प्रयास किए थे। यह पूरी तरह से गलत था और राजनीतिक फायदे के लिए दिया गया बयान था।'
चटर्जी ने कहा कि अब दुर्गा पूजा समितियों को नोटिस भेजकर भाजपा ऐसा करने की कोशिश कर रही है। यह राजनीति के दोहरे मापदंड हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूजा समितियों को आयकर नोटिस भेजने का एकमात्र उद्देश्य उन्हें डराना और भाजपा के खेमे में ले जाना है, ताकि उनके नेता उन्हें अपने हिसाब से चला सकें।