सुषमा के निधन पर बेहद भावुक हुए आडवाणी, केक वाली बात याद आई
- सुषमा स्वराज के निधन पर भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी भावुक हुए।
- उन्होंने कहा कि यह एक अपूरणीय क्षति है और मुझे सुषमाजी की उपस्थिति बहुत याद आएगी।
- आडवाणी ने पुरानी दिनों को याद करते हुए कहा सुषमा उनके जन्मदिवस के अवसर पर उनका पसंदीदा चॉकलेट केक लाना नहीं भूलती थीं।
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पूर्व विदेश मंत्री और भाजपा की दिग्गज नेता सुषमा स्वराज अब इस दुनिया में नहीं रहीं। सीने में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया था। वे पिछले काफी समय से अस्वस्थ चल रही थीं। मंगलवार को देर शाम दिल्ली के एम्स अस्पताल में उन्होंने आखिरी सांस ली। वह 67 साल की थीं।
उनके निधन पर भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने कहा, "राष्ट्र ने एक असाधारण नेता खो दिया है। मेरे लिए, यह एक अपूरणीय क्षति है और मुझे सुषमाजी की उपस्थिति बहुत याद आएगी। उनकी आत्मा को शांति मिले। स्वराज जी, बांसुरी और उनके परिवार के सभी सदस्यों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना। ओम शांति।"
Senior BJP leader LK Advani: The nation has lost a remarkable leader. To me, it is an irreparable loss and I will miss Sushmaji’s presence immensely. May her soul rest in peace. My heartfelt condolences to Swaraj ji, Bansuri & all members of her family. Om Shanti. #SushmaSwaraj pic.twitter.com/4FuLwWAgli
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) August 7, 2019
अपने बयान में आडवाणी ने लिखा है कि सुषमा स्वराज के निधन की खबर से वह स्तब्ध हैं। वह एक ऐसी नेता थीं, जिनके साथ भारतीय जनता पार्टी की शुरुआत से ही काम किया। जब अस्सी के दशक में मैं पार्टी का अध्यक्ष था तब सुषमा स्वराज एक युवा नेता के तौर पर उभर रही थीं और मैंने उन्हें अपनी टीम में शामिल किया था।
आडवाणी ने आगे लिखा है, समय के साथ-साथ वो पार्टी में मुख्य नेता बनीं और देश की महिलाओं के लिए रोल मॉडल बनीं। वह एक प्रखर वक्ता थीं, जो किसी भी बात को बेहतरीन तरीके से बताने की क्षमता रखती थीं।
आडवाणी ने कहा है कि वह एक शानदार इंसान थीं। उन्होंने हर किसी का दिल जीता, हर साल वो मेरे जन्मदिवस के अवसर पर मेरा पसंदीदा चॉकलेट केक लाना नहीं भूलती थीं। उनका जाना देश और निजी तौर पर मेरे लिए एक बड़ी क्षति है। राष्ट्र ने एक असाधारण नेता खो दिया है। मेरे लिए, यह एक अपूरणीय क्षति है और मुझे सुषमाजी की उपस्थिति बहुत याद आएगी।