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Indian Students: यूएस व कनाडा में तनाव से अब दुबई का रुख कर रहे भारतीय छात्र, आवेदनों में 40 गुना की तेजी आई
Sun, 14 Dec 2025 03:53 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Sun, 14 Dec 2025 03:53 AM IST
सार
दुबई अब भारतीय परिवारों के लिए अमेरिका और ब्रिटेन जैसे पारंपरिक अध्ययन गंतव्यों का एक प्रभावी विकल्प बन रहा है। दुनिया के विभिन्न प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय दुबई में अपने कैंपस खोल रहे हैं।
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दुबई में बढ़े भारतीय छात्र
- फोटो : फ्रीपिक
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विस्तार
अमेरिका की ओर से छात्र वीजा में कमी और कनाडा से भारत के टकराव के बीच भारत और पड़ोसी देशों के छात्र अब दुबई को अपना ठिकाना बना रहे हैं। हालिया जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत और पड़ोसी देशों से दुबई जाने वाले छात्रों की संख्या में 40 गुना की तेजी आई है। बता दें, अमेरिकी राष्ट्रपति की सख्ती के बाद अगस्त में अमेरिका ने छात्र वीजा में भारी कमी की। इसका सबसे बड़ा असर भारतीय छात्रों पर पड़ा। उनको जारी होने वाले वीजा में काफी घटे हैं। यूएई व जीसीसी क्षेत्र के डाटा के मुताबिक, दुबई भारतीय छात्रों की पसंदीदा जगह बन रहा है।
दुबई में पश्चिमी देशों के मुकाबले आता है काफी कम खर्च
लेवरेज एडु प्लेटफॉर्म के मुताबिक, दुबई अब भारतीय परिवारों के लिए अमेरिका और ब्रिटेन जैसे पारंपरिक अध्ययन गंतव्यों का एक प्रभावी विकल्प बन रहा है। कई अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के दुबई कैंपस अब वैश्विक मान्यता प्राप्त पीजी कार्यक्रम 50,000 से 85,000 दिरहम प्रति वर्ष में दे रहे हैं। यह उनके मूल कैंपस की तुलना में काफी कम है। लंदन या प्रमुख अमेरिकी शहरों की तुलना में दुबई में जीवन-यापन का खर्च भी कम है।
प्राथमिकताओं में बदलाव
लेवरेज एडु के संस्थापक-सीईओ अक्षय चतुर्वेदी ने कहा, गत वर्षों में छात्र प्राथमिकताओं में बड़ा बदलाव आया है। छात्र केवल डिग्री ही नहीं ले रहे, वे दुनिया के सबसे गतिशील नौकरी बाजारों में से एक में शुरुआती अनुभव हासिल कर रहे हैं। आवेदन में उछाल इस बात का संकेत है कि गुणवत्ता वाली शिक्षा, कॅरियर तैयारी और किफायत एक साथ संभव हैं।
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दुबई में पश्चिमी देशों के मुकाबले आता है काफी कम खर्च
लेवरेज एडु प्लेटफॉर्म के मुताबिक, दुबई अब भारतीय परिवारों के लिए अमेरिका और ब्रिटेन जैसे पारंपरिक अध्ययन गंतव्यों का एक प्रभावी विकल्प बन रहा है। कई अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के दुबई कैंपस अब वैश्विक मान्यता प्राप्त पीजी कार्यक्रम 50,000 से 85,000 दिरहम प्रति वर्ष में दे रहे हैं। यह उनके मूल कैंपस की तुलना में काफी कम है। लंदन या प्रमुख अमेरिकी शहरों की तुलना में दुबई में जीवन-यापन का खर्च भी कम है।
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प्राथमिकताओं में बदलाव
लेवरेज एडु के संस्थापक-सीईओ अक्षय चतुर्वेदी ने कहा, गत वर्षों में छात्र प्राथमिकताओं में बड़ा बदलाव आया है। छात्र केवल डिग्री ही नहीं ले रहे, वे दुनिया के सबसे गतिशील नौकरी बाजारों में से एक में शुरुआती अनुभव हासिल कर रहे हैं। आवेदन में उछाल इस बात का संकेत है कि गुणवत्ता वाली शिक्षा, कॅरियर तैयारी और किफायत एक साथ संभव हैं।
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