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TAPS: तारापुर परमाणु रिएक्टर के संचालन में होगी देरी, विदेश से नहीं आ पाए हैं मुख्य उपकरण
Fri, 10 May 2024 11:37 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुबंई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुबंई
Published by: नितिन गौतम
Updated Fri, 10 May 2024 11:37 AM IST
सार
पहले TAPS का संचालन शुरू होने की तारीख 9 मई तय की गई थी, लेकिन अभी इसका संचालन शुरू होने में पांच माह का समय और लग सकता है। दरअसल परमाणु केंद्र में लगने वाले जरूरी उपकरण इटली से आने हैं और अभी तक उनकी सप्लाई नहीं हो सकी है।
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परमाणु ऊर्जा संयंत्र
- फोटो : पीआईबी
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विस्तार
देश के सबसे पहले दो परमाणु रिएक्टर्स वाले तारापुर परमाणु ऊर्जा केंद्र (TAPS) के संचालन में अभी और समय लग सकता है। तारापुर परमाणु ऊर्जा केंद्र रिपेयर के काम के लिए साल 2020 से बंद है। पहले इसका संचालन शुरू होने की तारीख 9 मई तय की गई थी, लेकिन अभी इसका संचालन शुरू होने में पांच माह का समय और लग सकता है। दरअसल परमाणु केंद्र में लगने वाले जरूरी उपकरण इटली से आने हैं और अभी तक उनकी सप्लाई नहीं हो सकी है।
साल 2020 से बंद है संयंत्र
अधिकारियों ने बताया कि परमाणु ऊर्जा संयंत्र के लिए इटली से विशेष धातु के पाइप आने हैं, जो अभी तक नहीं आ पाए हैं। दरअसल छोटा ऑर्डर होने की वजह से इटली के उत्पादनकर्ता ने अभी तक पाइपों की सप्लाई नहीं की है और इनकी सप्लाई अक्तूबर तक होने की संभावना है। इसका मतलब है कि परमाणु संयंत्र का संचालन शुरू होने में पांच माह का समय और लग सकता है। मुंबई से 100 किलोमीटर दूर स्थित तारापुर परमाणु ऊर्जा संयंत्र में अभी दो बॉयलिंग वाटर रिएक्टर्स काम कर रहे हैं, जिनकी प्रत्येक की क्षमता 160 मेगावाट है। इनका ही रिपेयर किया जा रहा है। इन रिएक्टर्स को साल 1969 में स्थापित किया गया था। यही बॉयलिंग वाटर रिएक्टर्स पानी को भाप में बदलते हैं, जिसकी मदद से टर्बाइन चलती है और बिजली का उत्पादन होता है।
नवंबर में फिर शुरू हो सकता है संचालन
तारापुर परमाणु ऊर्जा संयंत्र के रिपेयर में 351 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं और इसके बाद संयंत्र अगले एक दशक तक और काम करने में सक्षम हो जाएगा। भारत में अब 22 परमाणु रिएक्टर्स संचालित हो रहे हैं, जिनकी बिजली उत्पादन की क्षमता करीब 6,780 मेगावाट है। तारापुर परमाणु ऊर्जा संयंत्र में सर्कुलेशन सिस्टम में दरार देखी गई थी, जिसके बाद संयंत्र को रिपेयर के लिए बंद कर दिया गया था। प्रशासन को उम्मीद है कि सितंबर के मध्य में यह प्रोजेक्ट पूरा हो सकता है और कई परीक्षणों के बाद इसे नवंबर में फिर से संचालित किया जा सकता है।
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साल 2020 से बंद है संयंत्र
अधिकारियों ने बताया कि परमाणु ऊर्जा संयंत्र के लिए इटली से विशेष धातु के पाइप आने हैं, जो अभी तक नहीं आ पाए हैं। दरअसल छोटा ऑर्डर होने की वजह से इटली के उत्पादनकर्ता ने अभी तक पाइपों की सप्लाई नहीं की है और इनकी सप्लाई अक्तूबर तक होने की संभावना है। इसका मतलब है कि परमाणु संयंत्र का संचालन शुरू होने में पांच माह का समय और लग सकता है। मुंबई से 100 किलोमीटर दूर स्थित तारापुर परमाणु ऊर्जा संयंत्र में अभी दो बॉयलिंग वाटर रिएक्टर्स काम कर रहे हैं, जिनकी प्रत्येक की क्षमता 160 मेगावाट है। इनका ही रिपेयर किया जा रहा है। इन रिएक्टर्स को साल 1969 में स्थापित किया गया था। यही बॉयलिंग वाटर रिएक्टर्स पानी को भाप में बदलते हैं, जिसकी मदद से टर्बाइन चलती है और बिजली का उत्पादन होता है।
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नवंबर में फिर शुरू हो सकता है संचालन
तारापुर परमाणु ऊर्जा संयंत्र के रिपेयर में 351 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं और इसके बाद संयंत्र अगले एक दशक तक और काम करने में सक्षम हो जाएगा। भारत में अब 22 परमाणु रिएक्टर्स संचालित हो रहे हैं, जिनकी बिजली उत्पादन की क्षमता करीब 6,780 मेगावाट है। तारापुर परमाणु ऊर्जा संयंत्र में सर्कुलेशन सिस्टम में दरार देखी गई थी, जिसके बाद संयंत्र को रिपेयर के लिए बंद कर दिया गया था। प्रशासन को उम्मीद है कि सितंबर के मध्य में यह प्रोजेक्ट पूरा हो सकता है और कई परीक्षणों के बाद इसे नवंबर में फिर से संचालित किया जा सकता है।
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