फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Tamil Nadu government moves Supreme Court against Governor decision to reserve Kalaignar University Bill

Tamil Nadu: कलाईनार यूनिवर्सिटी बिल पर सुप्रीम कोर्ट पहुंची स्टालिन सरकार, राज्यपाल के फैसले को बताया अवैध

Sun, 05 Oct 2025 03:41 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शुभम कुमार Updated Sun, 05 Oct 2025 03:41 PM IST
सार

तमिलनाडु सरकार ने कलाईनार यूनिवर्सिटी बिल 2025 को राष्ट्रपति के पास भेजने के राज्यपाल आरएन रवि के फैसले को संविधान के अनुच्छेद 200 का उल्लंघन करार देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। बिल में भरतिदासन यूनिवर्सिटी को विभाजित कर कुंभकोणम में नई यूनिवर्सिटी स्थापित करने का प्रस्ताव है।

विज्ञापन
Tamil Nadu government moves Supreme Court against Governor decision to reserve Kalaignar University Bill
राज्यपाल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची स्टालिन सरकार - फोटो : ANI / X @mkstalin

विस्तार

तमिलनाडु सरकार और राज्यपाल आरएन रवि के बीच कलाईनार विश्वविद्यालय को लेकर जारी विवाद बढ़ता ही रहा है। ऐसे में अब स्टालिन सरकार ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है। याचिका में राज्य सरकार ने राज्यपाल आरएन रवि द्वारा कलाईनार यूनिवर्सिटी बिल 2025 को राष्ट्रपति के पास भेजने के फैसले को असंवैधानिक और अवैध बताया गया है।

विज्ञापन


राज्य सरकार का कहना है कि राज्यपाल ने इस बिल पर कैबिनेट की सलाह को नजरअंदाज कर, उसे राष्ट्रपति के पास विचार के लिए भेज दिया है, जो कि संविधान के अनुच्छेद 200 का उल्लंघन है। इस अनुच्छेद के तहत राज्यपाल को विधानसभा द्वारा पारित बिलों पर कैबिनेट की सलाह के अनुसार निर्णय लेना होता है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें:- Politics: 'रूस ने पाकिस्तान को नहीं बेचे JF-17 के इंजन', भाजपा ने कहा- कांग्रेस फैला रही भारत विरोधी जानकारी
विज्ञापन
विज्ञापन


समझिए क्या है कलाईनार यूनिवर्सिटी बिल?
बता दें कि यह बिल तमिलनाडु विधानसभा में अप्रैल 2025 में पारित हुआ था। इसमें भरतिदासन यूनिवर्सिटी को दो भागों में बांटकर कलाईनार यूनिवर्सिटी की स्थापना करने का प्रस्ताव है। यह यूनिवर्सिटी कुंभकोणम में बनेगी और इसका उद्देश्य अरियालुर, नागपट्टिनम, तंजावुर और तिरुवरूर जिलों के छात्रों को उच्च शिक्षा के अवसर प्रदान करना है।

इस यूनिवर्सिटी का नाम पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके नेता एम करुणानिधि के नाम पर रखा गया है, जो कि मौजूदा मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के पिता हैं। बिल में प्रावधान है कि मुख्यमंत्री स्टालिन यूनिवर्सिटी के पहले कुलपति होंगे।


ये भी पढ़ें:- Maharashtra: बीड के सरकारी अस्पताल में जुडवा बच्चों की जन्मदर में अप्रत्याशित बढ़ोतरी, नौ महीने में आए 42 केस

दूसरा बिल भी राष्ट्रपति के पास भेजा गया
इतना ही नहीं मामले में राज्यपाल ने दूसरा बिल भी राष्ट्रपति के पास भेजा है, जो कि तमिलनाडु फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी एक्ट में बदलाव से जुड़ा है। इस बदलाव से राज्य सरकार को स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के कुलपति की नियुक्ति और हटाने का अधिकार मिल जाता।

समझिए क्या है सरकार की मांग?
गौरतलब है कि इस पूरे मामले में राज्य सरकार की मांग है कि राज्यपाल का फैसला अवैध और असंवैधानिक घोषित किया जाए। साथ ही राज्यपाल को निर्देश दिया जाए कि वो अनुच्छेद 200 के तहत कैबिनेट की सलाह के अनुसार ही कार्रवाई करें। मामले में राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री गोवी चेझियान ने पहले बताया था कि नई यूनिवर्सिटी 2025-26 सत्र से शुरू होनी थी। लेकिन राज्यपाल द्वारा बिल पर मंजूरी न देने से काम रुका हुआ है, जिससे छात्रों के भविष्य पर असर पड़ सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed