SC ने कहा-पेशी के वक्त कोर्ट में हो माल्या, लंदन से बोला- मिल रहा हूं मेहमानों से कर रहा हूं मौज
गौरतलब है कि गिरफ्तारी से बचते फिर रहे उद्योगपति विजय माल्या इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पेश नहीं हुए। न्यायालय की अवमानना में दोषी ठहराए गए विजय माल्या के लिए सजा तय करनी है। मालूम हो कि अदालती आदेश के बावजूद अपनी संपत्तियों की पूरी जानकारी न देने पर बीते 9 मई को सुप्रीम कोर्ट ने माल्या को अवमानना का दोषी ठहराया गया था।
माल्या को 10 जुलाई को अदालत में पेश होना था। न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल और न्यायमूर्ति यूयू ललित की पीठ ने तब इस मामले की तारीख 14 जुलाई मुकर्रर की थी। पीठ ने इस मामले में सॉलिसिटर जनरल रंजीत कुमार को मदद करने का आग्रह किया भी किया था। गौरतलब है कि माल्या पर भारतीय बैंकों के समूह का 9,000 करोड़ रुपये से अधिक बकाया है और वह भारत से भागकर लंदन में रह रहा है।
इससे पहले वेस्टमिंस्टर कोर्ट में हुई सुनवाई के वक्त माल्या के वकील ने कहा कि प्रत्यर्पण को चुनौती देने के लिहाज से भारत में जेलों की बुरी हालत भी एक सवाल खड़ा होता है।
'भारत में मिस करने लायक कुछ भी नहीं'
मेरा भारत में कोई नहीं रहता है। मेरे परिवार के कुछ सदस्य इंग्लैंड में रह रहे हैं और कुछ अमेरिका में हैं। मेरे सौतेले भाई-बहन सभी यूके के नागरिक हैं। इस लिहाज से भारत में कुछ भी याद करने लायक नहीं है।' लंदन में मेहमानों से मिल रहा हूं और मजे कर रहा हूं।'
माल्या ने अपने खिलाफ चल रहे अवमानना और बैंक लोन मामले को लेकर यह भी कहा कि 'मैंने कुछ भी गलत नहीं किया। मैं खुश हूं कि मेरा केस लंदन कोर्ट में चल रहा है जहां कि पक्षपात नहीं होता। माल्या ने कहा कि वे अब कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।।