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Tamil Nadu Transformer Scam: पूर्व मंत्री सेंथिल बालाजी को झटका, सुप्रीम कोर्ट का CBI जांच पर रोक से इनकार
Mon, 11 May 2026 03:56 PM IST
शिवम गर्ग
पीटीआई, चेन्नई
पीटीआई, चेन्नई
Published by: शिवम गर्ग
Updated Mon, 11 May 2026 03:56 PM IST
सार
तमिलनाडु में ट्रांसफॉर्मर खरीद घोटाले मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के सीबीआई जांच आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। इससे पूर्व मंत्री सेंथिल बालाजी को झटका लगा है।
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सुप्रीम कोर्ट (फाइल तस्वीर)
- फोटो : ANI
विस्तार
तमिलनाडु के कथित 397 करोड़ रुपये के ट्रांसफॉर्मर खरीद घोटाले में पूर्व बिजली मंत्री वी सेंथिल बालाजी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सर्वोच्च अदालत ने सोमवार को मद्रास हाई कोर्ट के उस आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, जिसमें मामले की सीबीआई जांच के निर्देश दिए गए थे।
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जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने इस मामले में दायर विशेष अनुमति याचिका (SLP) पर सुनवाई करते हुए कहा कि अदालत परिस्थितियों के आधार पर सीबीआई जांच का आदेश दे सकती है, भले ही याचिका में इसकी विशेष मांग न की गई हो।
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अदालत में क्या हुई बहस?
सुनवाई के दौरान तमिलनाडु जनरेशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन कॉरपोरेशन (TANGEDCO) के एक अधिकारी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे ने दलील दी कि मद्रास हाई कोर्ट में सीबीआई जांच की कोई मांग नहीं की गई थी और मामला राजनीतिक रूप से प्रेरित है।
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इस पर सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा "CBI जांच के लिए अलग से प्रार्थना जरूरी नहीं है। यह अदालत की संतुष्टि पर निर्भर करता है कि जांच की जरूरत है या नहीं।" हालांकि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच एजेंसी स्वतंत्र रूप से मामले की जांच करेगी और हाई कोर्ट की किसी टिप्पणी से प्रभावित नहीं होगी।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, 29 अप्रैल को मद्रास हाई कोर्ट ने 45 हजार वितरण ट्रांसफॉर्मरों की खरीद में कथित अनियमितताओं को लेकर CBI जांच के आदेश दिए थे। आरोप है कि वर्ष 2021 से 2023 के बीच इस खरीद प्रक्रिया में राज्य सरकार को करीब 397 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
किसने दायर की थी याचिका?
यह मामला NGO अरप्पोर इयक्कम की याचिका के बाद सामने आया था। संगठन ने विशेष जांच दल (SIT) से जांच की मांग की थी। वहीं AIADMK के कानूनी प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों ई. सरवनन और राजकुमार ने CBI जांच की मांग की थी।
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जांच में सहयोग के निर्देश
याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि सेंथिल बालाजी के बिजली मंत्री रहते हुए ट्रांसफॉर्मर खरीद प्रक्रिया में बड़े स्तर पर अनियमितताएं हुईं। हाई कोर्ट ने मामले से जुड़े सभी दस्तावेज CBI को सौंपने के निर्देश दिए थे। अदालत ने सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय (DVAC) को दो सप्ताह के भीतर सभी रिकॉर्ड CBI को सौंपने का आदेश दिया था। साथ ही CBI को जांच जल्द पूरी कर कानून के अनुसार कार्रवाई करने को कहा गया। हाई कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार, TANGEDCO और DVAC को भी जांच में पूरा सहयोग देने का निर्देश दिया था।
सेंथिल बालाजी ने क्या कहा?
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए DMK नेता सेंथिल बालाजी ने पहले कहा था कि ट्रांसफॉर्मर खरीद प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के तहत की गई थी और इसमें किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई। उन्होंने दावा किया था कि यही प्रक्रिया वर्ष 1987 से अपनाई जा रही है।
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