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Encroachment: गुरुग्राम बुलडोजर एक्शन पर सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई से इनकार, हाईकोर्ट जाने को कहा, जानें मामला

Mon, 27 Apr 2026 03:23 PM IST
Riya Dubey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Riya Dubey Updated Mon, 27 Apr 2026 03:23 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुग्राम में चल रही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति इससे प्रभावित है तो वह पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर करे। आइए विस्तार से जानते हैं। 

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Supreme Court refuses to hear Gurugram bulldozer action case, asks to approach High Court
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

गुरुग्राम में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। शीर्ष अदालत ने बुलडोजर कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने से इनकार कर दिया और प्रभावित लोगों को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट जाने की सलाह दी। अदालत ने स्पष्ट कहा कि यदि किसी व्यक्ति को प्रशासनिक कार्रवाई से शिकायत है, तो वह उचित मंच पर अपनी बात रख सकता है।
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अदलात ने सुनवाई के दौरान क्या कहा?

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि गुरुग्राम में कई स्थानों पर अवैध निर्माण और अतिक्रमण की शिकायतें सामने आई हैं। यदि हाईकोर्ट इस मामले में अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभा रहा है, तो सुप्रीम कोर्ट उसमें दखल क्यों दे। अदालत ने यह भी कहा कि पहले संबंधित हाईकोर्ट के समक्ष सभी तथ्यों और दस्तावेजों के साथ पक्ष रखा जाना चाहिए।
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क्या है मामाल?

दरअसल, गुरुग्राम में पिछले कुछ समय से प्रशासन ने बड़े पैमाने पर अतिक्रमण विरोधी अभियान शुरू किया है। डीएलएफ फेज-1, गोल्फ कोर्स रोड, साउथ सिटी समेत कई पॉश इलाकों में अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है। इस दौरान रैंप, गार्ड रूम, बाउंड्री वॉल, फुटपाथों और सड़कों पर किए गए कब्जों को हटाया जा रहा है।
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यह कार्रवाई पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश के बाद तेज हुई, जिसमें स्टिल्ट प्लस चार मंजिला निर्माण नीति पर रोक लगाई गई थी। इसके बाद प्रशासन ने उन निर्माणों और कब्जों की पहचान कर कार्रवाई शुरू की, जो नियमों के खिलाफ बताए गए।

याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि बिना नोटिस दिए कई वैध निर्माणों को भी तोड़ा जा रहा है, जिससे लोगों को भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने बुलडोजर कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया।


प्रशासन का कहना है कि यह अभियान शहर में ट्रैफिक दबाव कम करने, सार्वजनिक स्थलों को मुक्त कराने और शहरी नियोजन को सही ढंग से लागू करने के लिए जरूरी है। वहीं स्थानीय लोगों का एक वर्ग कार्रवाई का समर्थन कर रहा है, जबकि कई निवासी इसे लेकर अदालत का दरवाजा खटखटा रहे हैं। अब इस मामले में आगे की कानूनी लड़ाई पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में जारी रहने की संभावना है, जहां प्रभावित पक्ष राहत की मांग कर सकते हैं।

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