{"_id":"5a0c25b74f1c1bf2538bcf98","slug":"supreme-court-five-judge-constitution-bench-to-decide-sc-st-reservation-in-promotions","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रमोशन में रिजर्वेशन मिलेगा या नहीं, तय करेगी सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रमोशन में रिजर्वेशन मिलेगा या नहीं, तय करेगी सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ
टीम डिजिटल/ अमर उजाला
Updated Thu, 16 Nov 2017 03:49 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) को प्रमोशन में आरक्षण दिए जाने के मुद्दे पर अब सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संवैधानिक बेंच सुनवाई करेगी।
विज्ञापन
चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिक ए के सीकरी और जस्टिस खान वलीकर की खंडपीठ ने इस मामले को संवैधानिक पीठ के पास भेज दिया है। अब यह पीठ तय करेगी कि एम नागराज के फैसले पर पुनर्विचार की जरूरत है या नहीं।
विज्ञापन
Supreme Court five judge bench to decide if the Scheduled Castes or Scheduled Tribes should be given reservation in promotions or not.
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) November 15, 2017
बता दें कि 2006 में 2006 में एम नागराज वर्सेज यूनियन ऑफ इंडिया के केस में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि एससी-एसटी को प्रमोशन में आरक्षण देने से पहले पिछड़ेपन और कम प्रतिनिधित्व के आंकड़े जुटाने होंगे। फैसले में ये भी कहा गया था कि ये कुछ स्थितियों के आधार पर ही दिया जा सकता है- जिसमें लाभार्थी के लिए अपर्याप्तता और प्रशासनिक दक्षता जैसे कारक शामिल हैं।
इस फैसले में कहा गया था कि संविधान के अनुच्छेद 16(4A) ही जरूरत के मुताबिक एससी-एसटी के कर्मचारियों को आरक्षण देने के लिए राज्य को आरक्षण की आजादी देता है, लेकिन ये अनिवार्य नहीं है।
