फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Successful Test of the Advanced Variant of the Agni MIRV Missile Conducted Nations Defense Shield Strength

Agni MIRV Missile: भारत का रक्षा कवच हुआ और मजबूत, अग्नि मिसाइल के आधुनिक वेरिएंट का हुआ सफल परीक्षण

Sat, 09 May 2026 06:09 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Sat, 09 May 2026 06:09 PM IST
सार

भारत ने 8 मई 2026 को ओडिशा के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से अपनी उन्नत अग्नि मिसाइल का सफल उड़ान परीक्षण किया है। यह मिसाइल एमआईआरवी तकनीक से लैस है, जिसका मतलब है कि यह एक साथ कई अलग-अलग लक्ष्यों पर निशाना साध सकती है।

विज्ञापन
Successful Test of the Advanced Variant of the Agni MIRV Missile Conducted  Nations Defense Shield Strength
बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि के आधुनिक वेरिएंट का परीक्षण - फोटो : ANI

विस्तार

भारत ने अपनी रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में एक और बहुत बड़ी, ऐतिहासिक और शानदार कामयाबी हासिल कर ली है। देश की ताकत और आत्मनिर्भरता को आसमान की नई ऊंचाइयों तक ले जाते हुए, भारत ने अपनी उन्नत अग्नि मिसाइल के एक बेहद खास और आधुनिक रूप का सफल उड़ान परीक्षण किया है।
विज्ञापन


यह कोई साधारण मिसाइल नहीं है, बल्कि यह मिसाइल एमआईआरवी यानी मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेड री-एंट्री व्हीकल नाम की एक बेहद जटिल और मारक तकनीक से पूरी तरह लैस है। यह परीक्षण अपने सभी पैमानों पर पूरी तरह से सफल रहा है और इसने तय किए गए सभी कठिन लक्ष्यों को आसानी से पार कर लिया है। इस बड़ी और अहम कामयाबी से यह पूरी तरह साबित हो गया है कि भारत की रक्षा प्रणाली और मिसाइल तकनीक अब पहले से कहीं ज्यादा मजबूत, ताकतवर और अचूक हो गई है। यह एक ऐसी शानदार खबर है जो देश के हर एक नागरिक को सुरक्षित महसूस कराती है।
विज्ञापन




रक्षा मंत्रालय के अनुसार, भारत ने शुक्रवार को एक बेहद ताकतवर मिसाइल को आसमान में दागा है। यह एमआईआरवी तकनीक वाली उन्नत अग्नि मिसाइल है। आसान और सीधे शब्दों में कहें तो, इस एक अकेली मिसाइल के अंदर यह अद्भुत ताकत है कि यह अपने साथ कई सारे हथियार या पेलोड एक ही समय में ले जा सकती है। जब इस मिसाइल को दागा जाता है, तो यह अपने रास्ते में आगे जाकर अलग-अलग हिस्सों में बंट जाती है और एक ही समय में कई अलग-अलग जगहों पर मौजूद निशानों पर एकदम सटीक हमला कर सकती है। इस सफल उड़ान ने यह पक्का कर दिया है कि हमारी यह तकनीक बिना किसी चूक के एक साथ कई काम कर सकती है।

ये भी पढ़ें- 'रवींद्र जयंती मनाने के लिए तीन जगहों की अनुमति सरकार ने की नामंजूर', ममता बनर्जी ने साधा निशाना

महाशक्तिशाली मिसाइल परीक्षण कहां और कब हुआ?
इस उन्नत और खास अग्नि मिसाइल का यह उड़ान परीक्षण ओडिशा के समुद्री तट से दूर स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से किया गया है। भारत के रक्षा मंत्रालय द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा परीक्षण 8 मई 2026, दिन शुक्रवार को किया गया। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप भारत की वह अहम जगह है जहाँ से देश अपने सबसे बड़े और मारक हथियारों की जांच करता है। ठीक यहीं से इस नई एमआईआरवी प्रणाली वाली मिसाइल को परीक्षण के लिए आसमान में छोड़ा गया। रक्षा मंत्रालय का कहना है कि 8 मई 2026 को हुए इस सफल परीक्षण के बाद यह साफ हो गया है कि इस द्वीप से दागी गई इस मिसाइल ने अपनी उड़ान को पूरी तरह से तय किए गए रास्ते पर बिना भटके पूरा किया।


मिसाइल के निशाने पर कौन सा बड़ा इलाका?
इस परीक्षण के दौरान अग्नि मिसाइल को एक बहुत बड़े और विस्तृत इलाके में अपने लक्ष्यों को भेदने का सबसे अहम काम सौंपा गया था। इस मिसाइल को कई पेलोड यानी अलग-अलग मारक हथियारों के साथ उड़ान परीक्षण के लिए भेजा गया था। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इन सभी पेलोड ने हिंद महासागर क्षेत्र में फैले हुए एक बहुत बड़े और विशाल भौगोलिक इलाके में अपने-अपने तय किए गए अलग-अलग लक्ष्यों पर एकदम सटीक निशाना लगाया। इसका सीधा सा मतलब यह है कि मिसाइल ने हिंद महासागर के ऊपर लंबी उड़ान भरी और उसके अंदर मौजूद अलग-अलग पेलोड ने दूर-दूर मौजूद निशानों को एक साथ खोज कर उन पर बिना किसी गलती के वार किया। यह हमारी तकनीक का एक बहुत बड़ा और शानदार प्रदर्शन है।

एमआईआरवी तकनीक की यह सफलता कितनी खास?
इस उन्नत अग्नि मिसाइल और इसके एमआईआरवी सिस्टम की सबसे बड़ी और खास बात यही है कि यह एक ही बार में कई सारे लक्ष्यों को पूरी तरह नष्ट कर सकती है। यह परीक्षण इस बात की पक्की मुहर लगाता है कि भारत की एक अकेली उन्नत अग्नि मिसाइल अब अलग-अलग जगहों पर मौजूद कई निशानों पर एक साथ वार करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। चूंकि इस परीक्षण में लक्ष्य हिंद महासागर क्षेत्र के बहुत बड़े हिस्से में फैले हुए थे, इसलिए इस परीक्षण की सफलता साफ तौर पर यह बताती है कि हमारी मिसाइल की पहुंच और उसकी मारक क्षमता बहुत दूर तक है। इस उड़ान परीक्षण के जरिए भारत ने यह साबित कर दिया है कि रक्षा क्षेत्र में देश के कदम बहुत तेजी से और मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं।

अन्य वीडियो-



 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed