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सूरत में तनाव: गणेश प्रतिमा से अभद्रता के बाद पथराव से लेकर एफआईआर और गिरफ्तारी तक, जानें अब तक क्या-क्या हुआ
Mon, 09 Sep 2024 11:19 AM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सूरत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सूरत
Published by: श्वेता महतो
Updated Mon, 09 Sep 2024 11:19 AM IST
सार
गुजरात के गृह मंत्री हर्ष सांघवी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने घटना स्थल का दौरा किया। उन्होंने लोगों से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का वादा किया। सांघवी ने कहा कि शहर के शांति और सौहार्द्र में खलल डालने वाले हर व्यक्ति को गिरफ्तार किया जाएगा।
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सूरत में गणेश पंडाल पर पथराव
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
गुजरात के सूरत शहर में गणपति उत्सव के दौरान तनाव फैल गया। दरअसल, बताया जा रहा है कि कुछ लोगों ने कथित रूप से एक पंडाल में पथराव किया। इस वजह से भगवान गणेश की मूर्ति को नुकसान पहुंचा। रविवार देर रात सैयदपुरा में हुई इस घटना के सिलसिले में पुलिस ने कुछ नाबालिगों को हिरासत में लिया। इसके बाद करीब 300 लोगों ने लालगेट थाने का घेराव किया। उन्होंने अपने समुदाय के लोगों के खिलाफ कार्रवाई का विरोध किया। इस दौरान हालात बेकाबू हो गए। आइए जानते हैं विस्तार से...
आरोपियों के घर पर बुलडोजर चला, नगर निगम ने बताया कार्रवाई का कारण
सरकार ने कई आरोपियों के अवैध निर्माणों को सोमवार दोपहर बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। पुलिस के मुताबिक, फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। बुलडोजर कार्रवाई का बचाव करते हुए सूरत नगर निगम (एसएमसी) के उपमेयर नरेंद्र पाटिल ने बताया, इस कार्रवाई का रविवार की हिंसा से कोई लेना देना नहीं है बल्कि इसकी योजना दो हफ्ते पहले बनाई गई थी।
कैसे भड़की हिंसा?
पुलिस के मुताबिक, एक ऑटोरिक्शा में सवार कुछ उपद्रवियों ने गणेश पंडाल में पत्थर फेंके। इससे मूर्ति खंडित हो गई। पुलिस ने इस सिलसिले में कुछ नाबालिगों को हिरासत में लिया। उन्हें लालगेट थाने लाया गया। सूरत के पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलोत ने बताया कि जब भीड़ ने अपने समुदाय के लोगों को हिरासत में लिए जाने के विरोध में थाने का घेराव किया तो दो समूहों ने एक दूसरे पर पथराव करना शुरू कर दिया। इस दौरान कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए। एक पुलिस के वाहनों को भी नुकसान पहुंचा। हालात बेकाबू होता देख पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसूगैस के गोले छोड़े। उन्होंने कहा कि हमारे पास सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग हैं। इससे सभी की पहचान कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
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किन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया?
पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता के विभिन्न प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिनमें गैरकानूनी तरीके से एकत्र होना, किसी भी वर्ग के धर्म का अपमान करने के इरादे से पूजा स्थल को नुकसान पहुंचाना या अपवित्र करना और किसी भी वर्ग के धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करके उसकी धार्मिक भावनाओं को आहत करने के इरादे से जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कार्य करना शामिल है। पुलिस के मुताबिक, हिंसा में शामिल लोगों पर दंगा फैलाने, गैरकानूनी तरीके से एकत्र होने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने आदि के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।
अब तक कितनों पर हुई कार्रवाई?
इन घटनाओं के सिलसिले में अब तक 34 लोगों को हिरासत में लिया गया है। इसमें छह नाबालिगों को हिरासत में लिया जाना भी शामिल है। दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।
सरकार ने क्या किया?
गुजरात के गृह मंत्री हर्ष सांघवी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने घटना स्थल का दौरा किया। उन्होंने लोगों से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का वादा किया। सांघवी ने कहा कि शहर के शांति और सौहार्द्र में खलल डालने वाले हर व्यक्ति को गिरफ्तार किया जाएगा। किसी को छोड़ा नहीं जाएगा।
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आरोपियों के घर पर बुलडोजर चला, नगर निगम ने बताया कार्रवाई का कारण
सरकार ने कई आरोपियों के अवैध निर्माणों को सोमवार दोपहर बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। पुलिस के मुताबिक, फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। बुलडोजर कार्रवाई का बचाव करते हुए सूरत नगर निगम (एसएमसी) के उपमेयर नरेंद्र पाटिल ने बताया, इस कार्रवाई का रविवार की हिंसा से कोई लेना देना नहीं है बल्कि इसकी योजना दो हफ्ते पहले बनाई गई थी।
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कैसे भड़की हिंसा?
पुलिस के मुताबिक, एक ऑटोरिक्शा में सवार कुछ उपद्रवियों ने गणेश पंडाल में पत्थर फेंके। इससे मूर्ति खंडित हो गई। पुलिस ने इस सिलसिले में कुछ नाबालिगों को हिरासत में लिया। उन्हें लालगेट थाने लाया गया। सूरत के पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलोत ने बताया कि जब भीड़ ने अपने समुदाय के लोगों को हिरासत में लिए जाने के विरोध में थाने का घेराव किया तो दो समूहों ने एक दूसरे पर पथराव करना शुरू कर दिया। इस दौरान कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए। एक पुलिस के वाहनों को भी नुकसान पहुंचा। हालात बेकाबू होता देख पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसूगैस के गोले छोड़े। उन्होंने कहा कि हमारे पास सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग हैं। इससे सभी की पहचान कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
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किन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया?
पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता के विभिन्न प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिनमें गैरकानूनी तरीके से एकत्र होना, किसी भी वर्ग के धर्म का अपमान करने के इरादे से पूजा स्थल को नुकसान पहुंचाना या अपवित्र करना और किसी भी वर्ग के धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करके उसकी धार्मिक भावनाओं को आहत करने के इरादे से जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कार्य करना शामिल है। पुलिस के मुताबिक, हिंसा में शामिल लोगों पर दंगा फैलाने, गैरकानूनी तरीके से एकत्र होने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने आदि के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।
अब तक कितनों पर हुई कार्रवाई?
इन घटनाओं के सिलसिले में अब तक 34 लोगों को हिरासत में लिया गया है। इसमें छह नाबालिगों को हिरासत में लिया जाना भी शामिल है। दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।
सरकार ने क्या किया?
गुजरात के गृह मंत्री हर्ष सांघवी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने घटना स्थल का दौरा किया। उन्होंने लोगों से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का वादा किया। सांघवी ने कहा कि शहर के शांति और सौहार्द्र में खलल डालने वाले हर व्यक्ति को गिरफ्तार किया जाएगा। किसी को छोड़ा नहीं जाएगा।
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