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Shiv Sena Symbol Issue: शिवसेना मुद्दे पर ECI ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया जवाब, अपने फैसले को सही ठहराया
Wed, 15 Mar 2023 10:34 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Wed, 15 Mar 2023 10:34 PM IST
सार
इससे पहले उद्धव ठाकरे गुट को झटका देते हुए चुनाव आयोग ने 17 फरवरी को शिंदे गुट को असली शिवसेना घोषित कर दिया था। इसके साथ ही बालासाहेब ठाकरे द्वारा स्थापित पार्टी का धनुष और तीर चुनाव चिह्न भी शिंदे गुट को आवंटित कर दिया था।
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सर्वोच्च न्यायालय
- फोटो : PTI
विस्तार
शिवसेना के चुनाव चिह्न के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग ने जवाब दाखिल किया। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती देते हुए एक याचिका दायर की गई है। कोर्ट में दाखिल किए गए जवाब में चुनाव आयोग ने शिंदे खेमे को चुनाव चिह्न आवंटित करने के अपने फैसले को सही ठहराया। आयोग ने कहा कि यह एक सुविचारित आदेश था। इसमें उद्धव खेमे की ओर से उठाए गए सभी मुद्दों को भी सुना और समझा गया। चुनाव आयोग का कहना है कि उसने अपने अधिकारों के दायरे में रहकर यानी अर्ध-न्यायिक हैसियत से आदेश पारित किया था।
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चुनाव आयोग ने कहा कि आदेश पारित होने के बाद वह इस मामले में फंक्टस ऑफिसियो बन गया है। फंक्टस ऑफिसियो यानी एक निकाय जिसने अपने कर्तव्य का निर्वहन किया है। आयोग के 17 फरवरी के आदेश को चुनौती देने वाली उद्धव ठाकरे की याचिका पर दाखिल हलफनामे में आयोग ने यह जवाब दिया।
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चुनाव आयोग ने कहा कि शीर्ष अदालत ने कई मामलों में कहा था कि जहां एक अर्ध-न्यायिक निकाय द्वारा पारित एक आदेश अपीलीय अदालत के समक्ष चुनौती के अधीन है, ऐसे निकाय को अपील के लिए एक पक्ष के रूप में प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं है।
चुनाव आयोग ने कहा कि चूंकि विवादित आदेश आयोग की प्रशासनिक क्षमता में नहीं, बल्कि प्रतीक आदेश के पैरा 15 के तहत एक अर्ध-न्यायिक क्षमता में पारित किया गया था, इसलिए इस मामले की योग्यता के आधार पर विवाद करने का कोई तर्क ही नहीं है। आदेश एक सुविचारित आदेश है और याचिकाकर्ता द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को शामिल करता है।
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इससे पहले उद्धव ठाकरे गुट को झटका देते हुए चुनाव आयोग ने 17 फरवरी को शिंदे गुट को असली शिवसेना घोषित कर दिया था। इसके साथ ही बालासाहेब ठाकरे द्वारा स्थापित पार्टी का धनुष और तीर चुनाव चिह्न भी शिंदे गुट को आवंटित कर दिया था। अपने आदेश में आयोग ने कहा था कि शिंदे का समर्थन करने वाले विधायकों को 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में शिवसेना के 55 विजयी उम्मीदवारों के पक्ष में लगभग 76 प्रतिशत वोट मिले। इस दौरान उद्धव ठाकरे खेमे के विधायकों को विजयी शिवसेना उम्मीदवारों के पक्ष में 23.5 प्रतिशत वोट मिले।