Maharashtra: शरद पवार ने केंद्र की विदेश नीति की आलोचना की, कहा- भारत पड़ोसियों के साथ सार्थक संवाद नहीं करता
एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने केंद्र की विदेश नीति की आलोचना की। उन्होंने कहा कि भारत अपने पड़ोसी देशों के साथ सार्थक संवाद नहीं करता है, जिसकी देश को कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल के दौरान भारत के अपने पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध थे।
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एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने मंगलवार को भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने केंद्र की विदेश नीति की आलोचना की और कहा कि भारत पड़ोसी देशों के साथ सार्थक संवाद के लिए अनुकूल माहौल बनाने में विफल रहा है।
एनसीपी के 26वें स्थापना दिवस के मौके पर मंगलवार को पुणे में सम्मेलन आयोजित किया गया। पार्टी सम्मेलन को संबोधित करते हुए शरद पवार ने कहा कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल के दौरान भारत के अपने पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध थे।
पहलगाम हमले के बाद केंद्र का समर्थन करने का लिया फैसला
शरद पवार ने आगे कहा कि उनकी पार्टी ने कभी भी राष्ट्रीय हित से जुड़े मुद्दों का राजनीतिकरण नहीं किया। उन्होंने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद हमने सरकार की आलोचना नहीं करने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि हमले के जवाब में हमने केंद्र द्वारा की गई किसी भी कार्रवाई का समर्थन करने का फैसला किया। उन्होंने कहा, 'अगर कोई भारत के नक्शे को देखे, तो उत्तर में पाकिस्तान और चीन है, और पूर्व और दक्षिण में क्रमशः बांग्लादेश और श्रीलंका हैं। इन देशों के साथ भारत के संबंधों की वर्तमान स्थिति क्या है?'
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नेहरू के नेतृत्व में पड़ोसी देशों को साथ लेकर चलता था भारत
शरद पवार ने कहा कि पहले प्रधानमंत्री नेहरू के नेतृत्व में भारत सभी पड़ोसी देशों को साथ लेकर चलता था। उन्होंने कहा कि आज पाकिस्तान और चीन के साथ हमारे संबंध खराब हो गए हैं। भारत के समर्थन से बना बांग्लादेश भी हमारे साथ खड़ा नहीं है। श्रीलंका को लेकर पवार ने कहा कि चीन का बढ़ता प्रभाव भारत के साथ उसके संबंधों पर संदेह पैदा करता है। उन्होंने कहा कि आज हम विश्वास के साथ यह नहीं कह सकते कि भारत वर्तमान में अपने किसी भी पड़ोसी के साथ सार्थक बातचीत कर रहा है। देश को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।
शरद पवार ने जोर देकर कहा कि एनसीपी (एसपी) इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं करेगी, लेकिन उन्होंने पुष्टि की कि उनकी पार्टी, कांग्रेस और वाम दलों के साथ देश की बेहतरी के लिए राष्ट्रीय स्तर पर काम करना जारी रखेगी।
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मिस्र-कतर, इथियोपिया और दक्षिण अफ्रीका के नेताओं ने महात्मा गांधी को याद किया: सुले
इसके अलावा, पार्टी की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने कहा कि मिस्र, कतर, इथियोपिया और दक्षिण अफ्रीका के नेताओं ने महात्मा गांधी को याद किया और नेहरू की यात्राओं और भाषणों को याद किया। बता दें कि सुले ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद इन देशों का दौरा किया और सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था।
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