Elgar Parishad: सुप्रीम कोर्ट का निर्देश, गौतम नवलखा को इलाज के लिए ले जाएं जसलोक अस्पताल
शीर्ष अदालत ने कहा कि चिकित्सा उपचार प्राप्त करना एक कैदी का मौलिक अधिकार है। हम निर्देश देते हैं कि याचिकाकर्ता को तत्काल चिकित्सा जांच के लिए ले जाया जाए।
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सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को तलोजा जेल अधीक्षक को एल्गार परिषद-माओवादी लिंक मामले में जेल में बंद कार्यकर्ता गौतम नवलखा को तुरंत इलाज के लिए मुंबई के जसलोक अस्पताल में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया। शीर्ष अदालत ने कहा कि चिकित्सा उपचार प्राप्त करना एक कैदी का मौलिक अधिकार है। जस्टिस के एम जोसेफ और हृषिकेश रॉय की पीठ ने नवलखा की साथी सभा हुसैन और बहन को भी अस्पताल में उनसे मिलने की अनुमति दी। अदालत ने कहा कि पक्षकारों के वकील को सुनने के बाद हमारा विचार है कि इलाज प्राप्त करना एक मौलिक अधिकार है। हम निर्देश देते हैं कि याचिकाकर्ता को तत्काल चिकित्सा जांच के लिए ले जाया जाए।
पीठ ने कहा, हम अधीक्षक तलोजा जेल को याचिकाकर्ता को जसलोक अस्पताल ले जाने का निर्देश देते हैं ताकि वह आवश्यक मेडिकल जांच और उपचार प्राप्त कर सके। हम यह स्पष्ट करते हैं कि याचिकाकर्ता पुलिस हिरासत में रहेगा। 70 वर्षीय कार्यकर्ता ने मुंबई के पास तलोजा जेल में पर्याप्त चिकित्सा और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट के 26 अप्रैल के आदेश के खिलाफ शीर्ष अदालत में अपील की थी, जहां वह बंद हैं।