फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Reservation in India like railway, those inside don't want others to come in: SC, News in Hindi

Supreme Court: 'आरक्षण अब रेलवे के डिब्बे जैसा बन गया है', जानें उच्चतम न्यायालय ने क्यों की ऐसी टिप्पणी

Tue, 06 May 2025 07:05 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: पवन पांडेय Updated Tue, 06 May 2025 07:05 PM IST
सार

Supreme Court On Reservation: सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षण को लेकर बड़ी टिप्पणी की है। दरअसल, एक मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि- 'हमारे देश में आरक्षण का खेल अब रेलवे जैसा हो गया है। जो लोग डिब्बे में चढ़ गए, वे नहीं चाहते कि कोई और चढ़े। यही खेल यहां भी चल रहा है।

विज्ञापन
Reservation in India like railway, those inside don't want others to come in: SC, News in Hindi
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को देश में आरक्षण व्यवस्था की तुलना रेलवे के डिब्बे से की और कहा कि जो लोग एक बार इसमें दाखिल हो जाते हैं, वे दूसरों को अंदर नहीं आने देना चाहते। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की बेंच ने यह टिप्पणी महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों में ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) को आरक्षण देने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए की। वहीं इस मामले में याचिकाकर्ता मंगेश शंकर ससाने की ओर से वरिष्ठ वकील गोपाल शंकरनारायणन ने दलील दी कि महाराष्ट्र सरकार की जयंत कुमार बंथिया आयोग ने बिना यह साबित किए कि ओबीसी वर्ग राजनीतिक रूप से पिछड़ा है, उन्हें 27 प्रतिशत आरक्षण दे दिया।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - SC: 'पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने में विफल होने पर होगी अवमानना कार्रवाई', NCR राज्यों को 'सुप्रीम' निर्देश
विज्ञापन


याचिकाकर्ता के वकील की दलील पर जज की टिप्पणी
इस पर जस्टिस सूर्यकांत ने वकील से कहा, 'हमारे देश में आरक्षण का खेल अब रेलवे जैसा हो गया है। जो लोग डिब्बे में चढ़ गए, वे नहीं चाहते कि कोई और चढ़े। यही खेल यहां भी चल रहा है। याचिकाकर्ता भी इसी खेल का हिस्सा है।' वकील शंकरनारायणन ने जवाब में कहा कि डिब्बों में पीछे-पीछे और भी डिब्बे जोड़े जा रहे हैं। उन्होंने तर्क दिया कि राजनीतिक पिछड़ापन, सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन से अलग है और ओबीसी वर्ग को अपने आप राजनीतिक रूप से पिछड़ा नहीं माना जा सकता।
विज्ञापन
विज्ञापन


जज और वकील के बीच जमकर हुई बहस
उन्होंने कहा, 'ओबीसी के भीतर भी यह तय किया जाना चाहिए कि कौन राजनीतिक रूप से पिछड़ा है और कौन सामाजिक रूप से, तभी आरक्षण मिलना चाहिए।' इस पर जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि जब समावेशिता के सिद्धांत का पालन किया जाता है, तो राज्यों को और वर्गों की पहचान करनी ही पड़ेगी। उन्होंने कहा, 'सामाजिक पिछड़े वर्ग होंगे, राजनीतिक रूप से पिछड़े वर्ग होंगे और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग भी होंगे। फिर उन्हें लाभ से क्यों वंचित रखा जाए? यह लाभ किसी एक ही परिवार या समूह तक क्यों सीमित रहना चाहिए?'


सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से जवाब मांगा
सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर महाराष्ट्र सरकार से जवाब मांगा है और इसे पहले से लंबित मामलों के साथ जोड़ दिया है। इसी बीच, एक अन्य मामले में कोर्ट ने महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर आदेश दिया कि राज्य चुनाव आयोग चार हफ्ते में चुनाव की अधिसूचना जारी करे। ये चुनाव उसी व्यवस्था के मुताबिक कराए जाएं जो 2022 में बंथिया आयोग की रिपोर्ट से पहले लागू थी।

यह भी पढ़ें - Supreme Court: ‘महिला उम्मीदवारों के लिए सचिव पद आरक्षित हो’, SCBA चुनाव के लिए कोर्ट ने तय की 20 मई की तारीख

बेंच ने आदेश दिया कि चुनाव आयोग चार महीने के भीतर चुनाव संपन्न करे और जरूरत पड़ने पर समय बढ़ाने के लिए कोर्ट से अनुमति ले सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों का नतीजा सुप्रीम कोर्ट में लंबित याचिकाओं के फैसले के अधीन रहेगा। बता दें कि, 22 अगस्त 2022 को सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार और चुनाव आयोग को आदेश दिया था कि चुनावी प्रक्रिया में यथास्थिति बनाए रखें।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed