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कभी शरद पवार के कट्टर प्रतिद्वंदी थे पूर्व सांसद राजू शेट्टी, अब बनेंगे विधान परिषद सदस्य
Sat, 20 Jun 2020 09:17 PM IST
मुकेश कुमार झा
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
Published by: मुकेश कुमार झा
Updated Sat, 20 Jun 2020 09:17 PM IST
सार
पूर्व सांसद राजू शेट्टी कभी एनसीपी सुप्रीमों शरद पवार के कट्टर प्रतिद्वंदी थे लेकिन अब पवार के रहमोकरम पर विधान परिषद के सदस्य बनेंगे।
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राजू शेट्टी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मराठा क्षत्रप शरद पवार ने बदली परिस्थिति में पुराने दुश्मनों पर गजब का जादू कर दिया है। पहले शिवसेना के साथ बेमेल गठबंधन कर महाराष्ट्र के सत्ता की चाबी अपने हाथ में ली और उसके बाद स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के नेता पूर्व सांसद राजू शेट्टी को भी अपना शागिर्द बना लिया है। अब पवार उन्हें जल्द ही विधान परिषद में भेजने की तैयारी में हैं।
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पूर्व सांसद राजू शेट्टी कभी एनसीपी सुप्रीमों शरद पवार के कट्टर प्रतिद्वंदी थे लेकिन अब पवार के रहमोकरम पर विधान परिषद के सदस्य बनेंगे। पवार पश्चिम महाराष्ट्र की शक्कर लॉबी को संरक्षण देते रहे हैं जबकि राजू शेट्टी किसानों के मुद्दे पर चीनी मिल मालिकों के खिलाफ आंदोलन कर किसान नेता बने हैं।
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सूबे में शेट्टी को पवार का धुरविरोधी माना जाता रहा है। शरद पवार जब केंद्रीय कृषि मंत्री थे तब शेट्टी ने पंढरपुर से बारामती के बीच किसान पदयात्रा निकाली थी जिसमें हजारों किसान शामिल हुए थे। बारामती पहुंचने पर बड़ी जनसभा हुई थी और उसके बाद गोविंदबाग में शेट्टी धरने पर बैठ गए थे।
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बारामती के जिस गोविंदबाग में शेट्टी ने आंदोलन किया था। बीते सप्ताह उसी गोविंदबाग में पवार ने शेट्टी को सैर कराया और अपने पास बैठाकर मीठा आम खिलाया। साल 2014 के लोकसभा चुनाव में शेट्टी एनडीए का हिस्सा थे। लेकिन मंत्री बनने की लालसा पूरी नहीं हुई तो एनडीए से अलग हो गए। बीते लोकसभा चुनाव में राज्य की कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन का हिस्सा थे लेकिन कोल्हापुर के हातकलंगणे से बुरी तरह चुनाव हार गए।
राज्यसभा में जाना चाहते थे शेट्टी
राजू शेट्टी विधान परिषद की बजाए राज्यसभा में जाना चाहते थे लेकिन एनसीपी इसके लिए राजी नहीं हुई। एनसीपी सूत्रों का कहना है कि विधान परिषद की 12 सीटे रिक्त हुई है। इस सीट पर राज्यपाल सदस्यों को मनोनीत करेंगे। राजू शेट्टी किसान नेता होने के नाते उन्होंने किताब भी लिखी है और फिल्मों में भी काम किया है इसलिए एनसीपी चाहती है कि साहित्यकार और कलाकार के रूप में शेट्टी का नाम राज्यपाल के पास भेजा जा सकता है जिसे राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी स्वीकार भी कर लेगें।