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कोरोना संक्रमण: राजस्थान में 10 से 24 मई तक लगा पूर्ण लॉकडाउन, जानिए किसे मिली छूट

Fri, 07 May 2021 12:55 AM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: Jeet Kumar Updated Fri, 07 May 2021 12:55 AM IST
सार

राजस्थान में 10 मई सुबह पांच बजे से 24 मई सुबह पांच बजे तक लॉकडाउन लगने के साथ ही विवाह समारोह 31 मई 2021 के बाद ही आयोजित किए जाएंगे।

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Rajasthan government imposes a complete lockdown in the state from 10 to May 24 amid the surge in coronavirus cases
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत - फोटो : twitter.com/ashokgehlot51

विस्तार

राजस्थान सरकार ने बढ़ते कोरोना के मामले को देखते हुए पूरे राज्य में संपूर्ण लॉकडाउन की घोषणा कर दी है। इसके तहत 10 मई की सुबह 5 बजे से 24 मई की सुबह 5 बजे तक कड़ी पाबंदी रहेगी। राजस्थान में कोरोना की चेन तोड़ने के लिए 24 मई  तक संपूर्ण लॉकडाउन लगाया जा है। इस दौरान जरूरी सेवाएं छोड़कर बाकी सब बंद रहेगा।

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10 मई से 24 मई तक सख्त लॉकडाउन 
राज्य में 10 मई सुबह पांच बजे से 24 मई सुबह पांच बजे तक लॉकडाउन लगने के साथ ही विवाह समारोह 31 मई 2021 के बाद ही आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान सभी प्रकार के धार्मिक स्थल बंद रहेंगे।
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विवाह से संबंधित किसी भी प्रकार के समारोह, डीजे, बारात एवं निकासी तथा प्रीतिभोज आदि की अनुमति 31 मई तक नहीं होगी। विवाह घर पर ही अथवा कोर्ट मैरिज के रूप में ही करने की अनुमति होगी, जिसमें केवल 11 व्यक्ति ही अनुमत होंगे। इसकी सूचना वेब पोर्टल पर देनी होगी।
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इनकी अनुमति नहीं होगी 
निर्णय के अनुसार विवाह में बैण्ड-बाजे, हलवाई, तंबू या इस प्रकार के अन्य किसी भी व्यक्ति के सम्मिलित होने की अनुमति नहीं होगी। शादी के लिए टेंट हाउस एवं हलवाई से संबंधित किसी भी प्रकार के सामान की होम डिलीवरी भी नहीं की जा सकेगी।

मैरिज गार्डन, मैरिज हॉल एवं होटल परिसर शादी-समारोह के लिए बंद रहेंगे। विवाह स्थल मालिकों, टेंट व्यवसायियों, कैटरिंग संचालकों और बैण्ड-बाजा वादकों आदि को अग्रिम बुकिंग राशि आयोजनकर्ता को लौटानी होगी या बाद में आयोजन करने पर समायोजित करनी होगी।

निर्णय के अनुसार किसी भी प्रकार के सामूहिक भोज की अनुमति नहीं होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में श्रमिकों के संक्रमित होने के मामले सामने आए हैं, इसे देखते हुए मनरेगा के कार्य स्थगित रहेंगे।

चिकित्सा सेवाओं के अतिरिक्त सभी प्रकार के निजी एवं सरकारी परिवहन के साधन जैसे- बस, जीप आदि पूरी तरह बंद रहेंगे। बारात के आवागमन के लिए बस, ऑटो, टेम्पो, ट्रैक्टर, जीप आदि की अनुमति नहीं होगी।

मंत्रिमंडल के निर्णय के अनुसार अन्तरराज्यीय एवं राज्य के भीतर माल का परिवहन करने वाले भारी वाहनों का आवागमन, माल उतारने-चढ़ाने तथा इस कार्य के लिए नियोजित व्यक्ति अनुमत होंगे। राज्य में चिकित्सा, अन्य आपातकालीन एवं अनुमत श्रेणियों को छोड़कर एक जिले से दूसरे जिले, एक शहर से दूसरे शहर, शहर से गांव, गांव से शहर और एक गांव से दूसरे गांव में सभी प्रकार के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

आरटीपीसीआर नेगेटिव जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करना अनिवार्य
राज्य के बाहर से आने वाले यात्रियों को 72 घंटे के भीतर करवाई गई आरटीपीसीआर नेगेटिव जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। यदि कोई यात्री नेगेटिव जांच रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करता है, तो उसे 15 दिन के लिए पृथक-वास में रखा जाएगा।

श्रमिकों के पलायन को रोकने के लिए उद्योगों एवं निर्माण से संबंधित सभी इकाइयों में कार्य करने की अनुमति होगी। श्रमिकों को आवागमन में असुविधा नहीं हो, इसके लिए इन इकाइयों द्वारा पहचान पत्र जारी किया जाएगा।

बैठक में प्रदेश में ऑक्सीजन के ‘अपर्याप्त आवंटन’ पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। मंत्रिमंडल ने कहा कि राजस्थान में कोरोना संक्रमितों की बड़ी संख्या के अनुपात में केंद्र सरकार द्वारा किया गया आवंटन नाकाफी है।

इसने कहा कि जामनगर से अनावंटित 200 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की मात्रा में से राजस्थान को अधिकतम आवंटन किया जाए क्योंकि वर्तमान में कोविड रोगियों के लिए प्रदेश में ऑक्सीजन की आवश्यकता 600 मीट्रिक टन से अधिक पहुंच गई है और 15 मई तक इसके लगभग 795 मीट्रिक टन तक हो जाने का अनुमान है।

बैठक में कहा गया कि केंद्र सरकार राज्य की आवश्यकता के अनुरूप जल्द-से-जल्द ऑक्सीजन का आवंटन बढ़ाए।







9 जिलों में 61.5% रोगी और 70% मौतें
राजस्थान के 9 जिलों- जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, बीकानेर, अलवर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, सीकर में 61.5% मरीज और 70% मौतें हुई हैं। अगर सरकार इन नौ जिलों में पाबंदियां और सख्त कर दे तो महामारी से आधी जंग जीती जा सकती है। 

नौ जिलों में ही नए पाॅजिटिव 16,815 के 61.5% यानी 10341 रोगी मिले हैं। इन्हीं जिलों में 73% मौतें हो रही हैं। बुधवार को प्रदेश में कुल 155 मौतें हुईं। इन नौ जिलों में 114 मौतें हुईं। जयपुर में 43, जोधपुर में 20, उदयपुर में 19, बीकानेर में 8, अलवर में 7, कोटा में 6, डूंगरपुर में 5, सीकर और श्रीगंगानगर में 3-3 की मौत हुई। 

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