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रेलवे के निजीकरण की बात को रेल मंत्री गोयल ने नकारा, कहा- ऐसी कोई योजना नहीं
Fri, 28 Jun 2019 05:37 PM IST
Gaurav Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Gaurav Pandey
Updated Fri, 28 Jun 2019 05:37 PM IST
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रेल मंत्री पीयूष गोयल (फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
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राजधानी और शताब्दी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों का निजीकरण करने की बात को रेल मंत्री पीयूष गोयल ने आज सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने एक लिखित प्रश्न का उत्तर देते हुए राज्यसभा को बताया कि रेलवे का निजीकरण करने की कोई योजना ही नहीं है। दरअसल, सपा सदस्य सुरेंद्र सिंह नागर ने सवाल पूछा था किया सरकार राजधानी और शताब्दी जैसी ट्रेनों का निजीकरण करने की योजना बना रही है।
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एक अन्य प्रश्न के लिखित उत्तर में गोयल ने बताया कि सरकार लंबी दूरी की ट्रेनों मके डिब्बों में सीसीटीवी कैमरे लगवाने की योजना तैयार कर रही है। प्रीमियम, मेल, एक्सप्रेस और उपनगरीय ट्रेनों के सभी सवारी डिब्बों में सीसीटीवी कैमरे लगवाने की पहल की गई है। गोयल ने बताया कि इस योजना के पहले चरण में इन ट्रेनों के 7020 सवारी डिब्बों में सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएंगे।
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पीयूष गोयल ने एक अन्य प्रश्न के उत्तर में बताया कि 31 जनवरी 2019 तक बड़ी लाइन पर बिना चौकीदार वाली सभी रेलवे क्रॉसिंग को समाप्त कर दिया गया है। उन्होंने तगा कि मौजूदा नीति के मुताबिक मीटर लाइन और छोटी लाइन पर बिना चौकीदार वाली रेलवे क्रॉसिंग को अमान परिवर्तन के दौरान समाप्त कर दिया जाएगा।
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रेलमंत्री ने एक अन्य प्रश्न के उत्तर में बताया कि त्योहारों, गर्मी की छुट्टियों और अन्य अवकाशों के दौरान होने वाली भीड़ के चलते सीटों की मांग उपलब्धता से ज्यादा हो जाती है। उन्होंने कहा कि ऐसे में यात्री सीटों की आरक्षण प्रणाली के दुरुपयोग के मामले भी सामने आते हैं।