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Qatar: भारतीयों की सकुशल वापसी के पीछे PM और NSA डोभाल की सक्रियता, पूर्व नौसैनिक कमांडर की बहन ने कही यह बात
Tue, 13 Feb 2024 06:20 AM IST
ज्योति भास्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Tue, 13 Feb 2024 06:20 AM IST
सार
कतर से भारत लौटे सात पूर्व नौसैनिकों के की सकुशल वापसी सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद कमान संभाल रखी थी। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने काफी कम अवधि में छह बार कतर दौरा किया। सरकार के मुताबिक, नौसेनिकों की सकुशल रिहाई, विदेश मंत्रालय समेत विभिन्न एजेंसियों के संयुक्त प्रयास का नतीजा है।
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विदेश मंत्री डॉ जयशंकर, अजीत डोभाल और पीएम मोदी (फाइल)
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
कतर से आठ पूर्व नौसेनिकों की रिहाई की कमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद संभाल रखी थी। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को छह बार गुपचुप कतर भेजा। सूत्रों ने बताया कि पीएम की सलाह व विदेश मंत्रालय और विभिन्न भारतीय खुफिया एजेंसियों के संयुक्त प्रयास से यह रिहाई हो सकी। एजेंसियां पिछले एक साल से लगातार काम कर रही थीं। अजीत डोभाल ने कतर सरकार और वहां के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी के नजदीकी लोगों को मौजूद भू-राजनीति के मद्देनजर मामले की बारिकियां समझाईं। उधर, विदेश मंत्री एस जयशंकर की अगुवाई में खास गठित टीम कूटनीतिक स्तर पर मामले को संभाल रही थी।
सूत्रों के मुताबिक इसके तहत सऊदी अरब समेत खाड़ी के कई देशों के साथ भी बातचीत चल रही थी। विदेश में काम करने वाली खुफिया एजेंसी की भूमिका भी काफी अहम मानी जा रही है। गौरतलब है कि कतर सरकार ने इन आठों पूर्व नौसैनिकों पर जासूसी के लगे आरोप के बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की थी। लेकिन एनएसए की कोशिशों के बाद शीर्ष स्तर पर यह जानकारी दी गई। इन्हीं जानकारियों के आधार पर भारतीय एजेंसियों ने अपना बचाव तैयार किया।
23 दिसंबर को मौत की सजा कैद में बदली
पिछले साल 23 दिसंबर को कतर की अदालत ने इनके खिलाफ मौत की सजा को कैद में बदला। पीएम मोदी व भारतीय एजेंसियों की अथक कोशिशों के बाद अमीर ने खुद इसमें दिलचस्पी लेनी शुरू कर दी थी। जब इनकी मौत की सजा को कैद में तब्दील की गई थी तो कमांडर पूर्णेंदु तिवारी को 25 साल, सेलर रागेश को तीन साल, चार आधिकारियों को 15 साल और दो को 10 साल कतर की जेल में बिताने थे।
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मोदी के बिना नहीं था मुमकिन
स्वदेश लौटने का सुकून और कैद से आजाद होनी की खुशी चेहरे पर लिए पूर्व नौसैनिकों ने कहा, मोदी के बिना घर वापस मुमकिन नहीं थी। आठ में से स्वदेश लौटे सात नौसैनिकों ने इसके लिए पीएम मोदी का आभार जताया। वहीं अपनों की वापसी पर खुशी से उनके परिवारों के आंसू छलक आए। परिवारों ने मोदी को ढेरों शुभकामनाएं व आशीष दिए। देश की धरती पर उतरने के बाद एक पूर्व नौसैनिक ने कहा, आज हमारे घर लौटने का पूरा श्रेय पीएम को जाता है। उनके निजी तौर पर हस्तक्षेप से ही यह मुमकिन हुआ। हमें आजादी दिलाने के लिए उच्चतम स्तर पर हस्तक्षेप किया गया इसके लिए आभार। एक अन्य पूर्व नौसैनिक ने कहा, मैं मोदी के साथ ही कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी का भी शुक्रिया करते हैं।
कैप्टन पूर्णेंदु की बहन बोलीं-भाई स्वदेश लौटते तो अधिक खुशी होती :
पूर्व नौसैनिक कमांडर (रिटायर्ड) पूर्णेंदु तिवारी की बहन डॉ. मीतू भार्गव ने भाई की रिहाई के लिए मोदी सरकार को धन्यवाद कहा। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके भाई जल्द भारत लौटेंगे। डॉ. मीतू भार्गव ने कहा, इस तनावपूर्ण समय में हमने धैर्य बनाए रखा। अगर भाई भी आज देश लौट आते तो ज्यादा खुशी होती। उम्मीद है कि वह जल्द ही वापस आएंगे।
सरकार पर भरोसा और मजबूत : अनुराग ठाकुर
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि इससे किसी भी कीमत पर अपने नागरिकों की रक्षा करने की मोदी सरकार की प्रतिबद्धता जाहिर होती है। उन्होंने कहा कि इन पूर्व नौसैनिकों को कुछ झूठे आरोपों में हिरासत में लिया गया था। उनकी वापसी एक बेहद खुशी का क्षण है। इसने सरकार के प्रति भरोसे को और मजबूत किया है। पार्टी प्रवक्ता शाजिया इल्मी ने कहा, एक समय ऐसा लग रहा था कि यह काम बहुत मुश्किल होगा। लेकिन वे सुरक्षित वापस आ गए हैं। इससे पता चलता है कि गारंटी ने जादू की तरह काम किया। वहीं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा-पीएम मोदी के नेतृत्व ने बार-बार साबित किया है कि वह प्रधान सेवक और प्रधान रक्षक भी हैं।
सुरक्षित वापसी, मोदी की गारंटी : पुरी
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, किसी भी भारतीय पर संकट आए, उसकी सुरक्षित स्वदेश वापसी मोदी की गारंटी है। पुरी ने कहा, कतर से भारतीयों की रिहाई भारत के प्रति दुनिया की धारणा बदल देने वाली है।
कांग्रेस ने भी दी बधाई
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, हम पूर्व नौसैनिकों और उनके परिवारजनों को बधाई और शुभकामनाएं देते हैं। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा, यह एक बड़ी राहत है और सभी भारतीयों के लिए बड़ी खुशी की बात है कि हमारे आठ हमवतन रिहा होकर घर लौट आए हैं।
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सूत्रों के मुताबिक इसके तहत सऊदी अरब समेत खाड़ी के कई देशों के साथ भी बातचीत चल रही थी। विदेश में काम करने वाली खुफिया एजेंसी की भूमिका भी काफी अहम मानी जा रही है। गौरतलब है कि कतर सरकार ने इन आठों पूर्व नौसैनिकों पर जासूसी के लगे आरोप के बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की थी। लेकिन एनएसए की कोशिशों के बाद शीर्ष स्तर पर यह जानकारी दी गई। इन्हीं जानकारियों के आधार पर भारतीय एजेंसियों ने अपना बचाव तैयार किया।
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23 दिसंबर को मौत की सजा कैद में बदली
पिछले साल 23 दिसंबर को कतर की अदालत ने इनके खिलाफ मौत की सजा को कैद में बदला। पीएम मोदी व भारतीय एजेंसियों की अथक कोशिशों के बाद अमीर ने खुद इसमें दिलचस्पी लेनी शुरू कर दी थी। जब इनकी मौत की सजा को कैद में तब्दील की गई थी तो कमांडर पूर्णेंदु तिवारी को 25 साल, सेलर रागेश को तीन साल, चार आधिकारियों को 15 साल और दो को 10 साल कतर की जेल में बिताने थे।
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मोदी के बिना नहीं था मुमकिन
स्वदेश लौटने का सुकून और कैद से आजाद होनी की खुशी चेहरे पर लिए पूर्व नौसैनिकों ने कहा, मोदी के बिना घर वापस मुमकिन नहीं थी। आठ में से स्वदेश लौटे सात नौसैनिकों ने इसके लिए पीएम मोदी का आभार जताया। वहीं अपनों की वापसी पर खुशी से उनके परिवारों के आंसू छलक आए। परिवारों ने मोदी को ढेरों शुभकामनाएं व आशीष दिए। देश की धरती पर उतरने के बाद एक पूर्व नौसैनिक ने कहा, आज हमारे घर लौटने का पूरा श्रेय पीएम को जाता है। उनके निजी तौर पर हस्तक्षेप से ही यह मुमकिन हुआ। हमें आजादी दिलाने के लिए उच्चतम स्तर पर हस्तक्षेप किया गया इसके लिए आभार। एक अन्य पूर्व नौसैनिक ने कहा, मैं मोदी के साथ ही कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी का भी शुक्रिया करते हैं।
कैप्टन पूर्णेंदु की बहन बोलीं-भाई स्वदेश लौटते तो अधिक खुशी होती :
पूर्व नौसैनिक कमांडर (रिटायर्ड) पूर्णेंदु तिवारी की बहन डॉ. मीतू भार्गव ने भाई की रिहाई के लिए मोदी सरकार को धन्यवाद कहा। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके भाई जल्द भारत लौटेंगे। डॉ. मीतू भार्गव ने कहा, इस तनावपूर्ण समय में हमने धैर्य बनाए रखा। अगर भाई भी आज देश लौट आते तो ज्यादा खुशी होती। उम्मीद है कि वह जल्द ही वापस आएंगे।
सरकार पर भरोसा और मजबूत : अनुराग ठाकुर
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि इससे किसी भी कीमत पर अपने नागरिकों की रक्षा करने की मोदी सरकार की प्रतिबद्धता जाहिर होती है। उन्होंने कहा कि इन पूर्व नौसैनिकों को कुछ झूठे आरोपों में हिरासत में लिया गया था। उनकी वापसी एक बेहद खुशी का क्षण है। इसने सरकार के प्रति भरोसे को और मजबूत किया है। पार्टी प्रवक्ता शाजिया इल्मी ने कहा, एक समय ऐसा लग रहा था कि यह काम बहुत मुश्किल होगा। लेकिन वे सुरक्षित वापस आ गए हैं। इससे पता चलता है कि गारंटी ने जादू की तरह काम किया। वहीं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा-पीएम मोदी के नेतृत्व ने बार-बार साबित किया है कि वह प्रधान सेवक और प्रधान रक्षक भी हैं।
सुरक्षित वापसी, मोदी की गारंटी : पुरी
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, किसी भी भारतीय पर संकट आए, उसकी सुरक्षित स्वदेश वापसी मोदी की गारंटी है। पुरी ने कहा, कतर से भारतीयों की रिहाई भारत के प्रति दुनिया की धारणा बदल देने वाली है।
कांग्रेस ने भी दी बधाई
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, हम पूर्व नौसैनिकों और उनके परिवारजनों को बधाई और शुभकामनाएं देते हैं। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा, यह एक बड़ी राहत है और सभी भारतीयों के लिए बड़ी खुशी की बात है कि हमारे आठ हमवतन रिहा होकर घर लौट आए हैं।