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New Delhi Railway Station Stampede: भगदड़ पर आई जांच रिपोर्ट, संसद में रेल मंत्री ने बताया कैसे मची अफरा-तफरी
Fri, 01 Aug 2025 07:22 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Fri, 01 Aug 2025 07:22 PM IST
सार
New Delhi Railway Station Stampede: राज्यसभा में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर एक यात्री के सिर से भारी सामान गिरने के बाद 15 फरवरी को भगदड़ मची थी। इसमें 18 लोगों की जान चली गई थी। सरकार ने मुआवजा देने के साथ-साथ रेलवे स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन के लिए कई जरूरी कदम उठाए हैं।
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नई दिल्ली रेलवे स्टेशन हादसे पर आई जांच रिपोर्ट
- फोटो : ANI
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विस्तार
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को राज्यसभा में बताया कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर इस साल 15 फरवरी को हुई भगदड़ की मुख्य वजह एक यात्री के सिर से भारी बोझ का गिरना था। इस हादसे में 18 लोगों की मौत हो गई थी और 15 लोग घायल हुए थे। रेल मंत्री ने एक लिखित जवाब में बताया कि इस घटना की जांच के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। रिपोर्ट के अनुसार, प्लेटफॉर्म 14 और 15 को जोड़ने वाली फुट ओवरब्रिज (एफओबी-3) की सीढ़ियों पर शाम 8:48 बजे यह दुर्घटना घटी।
यह भी पढ़ें - MEA: भारत-रूस संबंधों पर चिढ़े ट्रंप को विदेश मंत्रालय की दो टूक, कहा- हमारे संबंध योग्यता पर आधारित हैं
क्या हुआ था उस दिन?
मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि घटना वाले दिन स्टेशन पर यात्रियों की संख्या में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो रही थी। इस दौरान बहुत से यात्री अपने सिर पर भारी बोझ लेकर चल रहे थे, जिससे फुट ओवरब्रिज पर आवाजाही में दिक्कत आ रही थी। इसी दौरान, एक यात्री के सिर से भारी सामान गिरा, जिससे नीचे की सीढ़ियों पर अचानक दबाव बन गया और यात्री एक-दूसरे पर गिरने लगे। यह भगदड़ सीढ़ियों तक ही सीमित रही, लेकिन इससे भारी नुकसान हुआ।
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मृतकों और घायलों को मुआवजा
रेल मंत्री ने बताया कि इस हादसे में मारे गए 18 लोगों के परिजनों को 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया है। गंभीर रूप से घायल 15 लोगों में से प्रत्येक को 2.5 लाख रुपये और अन्य घायलों को 1 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया है। कुल मिलाकर सरकार ने 33 पीड़ितों और उनके परिवारों को 2.01 करोड़ रुपये की राशि दी है।
हादसे के बाद सरकार ने उठाए ये कदम
रेल मंत्री ने बताया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इसमें 73 बड़े रेलवे स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन के लिए स्थायी होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं। वहीं अब केवल कन्फर्म टिकट वाले यात्रियों को ही प्लेटफॉर्म में प्रवेश की अनुमति दी जा रही है। फुट ओवरब्रिज को चौड़ा किया जा रहा है। सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। बड़े स्टेशनों पर 'वार रूम' बनाए जा रहे हैं ताकि भीड़ की स्थिति पर नजर रखी जा सके और तत्काल कार्रवाई की जा सके।
यह भी पढ़ें - Air India: मनीष तिवारी बोले- सरकार फिर से एअर इंडिया को वापस ले, टाटा समूह ने एयरलाइन को बर्बाद कर दिया
सपा सांसद ने पूछा था सवाल
यह जानकारी तब सामने आई जब समाजवादी पार्टी के सांसद रामजी लाल सुमन ने इस घटना की जांच रिपोर्ट और उठाए गए कदमों के बारे में सवाल किया। रेल मंत्री ने आश्वासन दिया कि रेलवे भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं से बचने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहा है और रिपोर्ट में सुझाए गए सुधारों को लागू किया जा रहा है।
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क्या हुआ था उस दिन?
मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि घटना वाले दिन स्टेशन पर यात्रियों की संख्या में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो रही थी। इस दौरान बहुत से यात्री अपने सिर पर भारी बोझ लेकर चल रहे थे, जिससे फुट ओवरब्रिज पर आवाजाही में दिक्कत आ रही थी। इसी दौरान, एक यात्री के सिर से भारी सामान गिरा, जिससे नीचे की सीढ़ियों पर अचानक दबाव बन गया और यात्री एक-दूसरे पर गिरने लगे। यह भगदड़ सीढ़ियों तक ही सीमित रही, लेकिन इससे भारी नुकसान हुआ।
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मृतकों और घायलों को मुआवजा
रेल मंत्री ने बताया कि इस हादसे में मारे गए 18 लोगों के परिजनों को 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया है। गंभीर रूप से घायल 15 लोगों में से प्रत्येक को 2.5 लाख रुपये और अन्य घायलों को 1 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया है। कुल मिलाकर सरकार ने 33 पीड़ितों और उनके परिवारों को 2.01 करोड़ रुपये की राशि दी है।
हादसे के बाद सरकार ने उठाए ये कदम
रेल मंत्री ने बताया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इसमें 73 बड़े रेलवे स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन के लिए स्थायी होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं। वहीं अब केवल कन्फर्म टिकट वाले यात्रियों को ही प्लेटफॉर्म में प्रवेश की अनुमति दी जा रही है। फुट ओवरब्रिज को चौड़ा किया जा रहा है। सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। बड़े स्टेशनों पर 'वार रूम' बनाए जा रहे हैं ताकि भीड़ की स्थिति पर नजर रखी जा सके और तत्काल कार्रवाई की जा सके।
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सपा सांसद ने पूछा था सवाल
यह जानकारी तब सामने आई जब समाजवादी पार्टी के सांसद रामजी लाल सुमन ने इस घटना की जांच रिपोर्ट और उठाए गए कदमों के बारे में सवाल किया। रेल मंत्री ने आश्वासन दिया कि रेलवे भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं से बचने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहा है और रिपोर्ट में सुझाए गए सुधारों को लागू किया जा रहा है।