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बाल विवाह: पतियों पर होगा पॉक्सो का केस, काजी पुरोहित भी नहीं बख्शे जाएंगे; बंगाल सरकार ने अपनाई सख्त नीति

Tue, 08 Sep 2026 01:37 AM IST
ज्योति भास्कर एजेंसी, कोलकाता।
एजेंसी, कोलकाता। Published by: ज्योति भास्कर Updated Tue, 08 Sep 2026 01:37 AM IST
सार

बाल विवाह को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार ने सख्त नीति बनाने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार ने तय किया है कि बाल विवाह से जुड़े पतियों पर पॉक्सो कानून के तहत मुकदमा चलाया जाएगा। काजी पुरोहित भी नहीं बख्शे जाएंगे।

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Bengal govt Child Marriage Husbands to face POCSO Act charges Qazis and priests not to spared know details
शुभेंदु अधिकारी (फाइल) - फोटो : Suvendu Adhikari

विस्तार

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बाल विवाह के खिलाफ राज्य में कड़े अभियान की घोषणा की है। इसके तहत कम उम्र के विवाहों और गर्भधारण के मामलों की पहचान के लिए घर-घर जाकर अभियान चलाया जाएगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों की गिरफ्तारी, जेल और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के लाभ बंद किए जाने की चेतावनी दी गई है।

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स्वतः संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की तैयारी
मुख्यमंत्री ने सचिवालय नबन्ना में बताया कि 18 वर्ष से कम उम्र की जिन महिलाओं ने बच्चे को जन्म दिया है, उनके पतियों के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत स्वतः संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की जाएगी। जो पुरोहित, काजी या अन्य व्यक्ति इस प्रकार के विवाह करवाएंगे, उन्हें भी बख्शा नहीं जाएगा और माता-पिता तथा अभिभावकों के विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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18 वर्ष से कम उम्र की बालिकाओं 60 हजार संस्थागत प्रसव
राज्य स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस वर्ष एक जनवरी से 30 जून के बीच 18 वर्ष से कम उम्र की बालिकाओं के लगभग साठ हजार संस्थागत प्रसव के आंकड़े सामने आने के बाद यह घोषणा की गई है। सबसे अधिक ऐसे मामले मुर्शिदाबाद में दर्ज किए गए, जिसके बाद दक्षिण 24 परगना और पूर्व बर्द्धमान का स्थान रहा।
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धार्मिक भेदभाव नहीं, कानून का सख्ती से पालन होगा
सरकार स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों का उपयोग करके उन पतियों का पता लगाएगी, जिनकी पत्नियों की आयु विवाह के समय 18 वर्ष से कम और पति की आयु 21 वर्ष से कम थी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी भी प्रकार का धार्मिक भेदभाव नहीं किया जाएगा और कानून का सख्ती से पालन किया जाएगा।

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