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'तिजोरी की चाबी गायब': कालीघाट मंदिर की कीमती चीजों को लेकर सबर्ण रॉयचौधरी परिवार चिंतित; जज से क्या मांग की?
Mon, 07 Sep 2026 11:54 PM IST
निर्मल कांत
पीटीआई, कोलकाता।
पीटीआई, कोलकाता।
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 07 Sep 2026 11:54 PM IST
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कालीघाट काली मंदिर
- फोटो : इंस्टाग्राम
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कोलकाता के पुराने जमींदार सबर्ण रॉयचौधरी परिवार ने दक्षिण 24 परगना के जिला जज से संपर्क किया है। उन्होंने तिजोरी की चाबी गायब होने के मामले में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज करने की मांग की है। यह तिजोरी कालीघाट मंदिर में रखी कीमती चीजों से जुड़ी है। तिजोरी की चाबी कथित तौर पर गायब है।
जिला जज की क्या भूमिका है?
दक्षिण 24 परगना के जिला जज कालीघाट मंदिर समिति के पदेन अध्यक्ष भी होते हैं। परिवार परिषद ने जिला जज को लिखित शिकायत दी है। इसमें एफआईआर दर्ज करने के लिए निर्देश देने की मांग की गई है।
चाबी कब से गायब है?
सबर्ण रॉयचौधरी परिवार परिषद का दावा है कि तिजोरी की चाबी 1980 से गायब है। यह तिजोरी एक सरकारी बैंक में रखी है। परिवार ने इसी मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
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तिजोरी में क्या रखा है?
परिषद के अनुसार, मंदिर की तिजोरी में देवी को श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाए गए गहने रखे गए हैं। इसके अलावा, मंदिर की दूसरी कीमती चीजें भी तिजोरी में रखी गई हैं। परिषद ने इस पर चिंता जताई है। उसका कहना है कि चाबी नहीं होने के कारण यह पता नहीं चल सकता कि अभी तिजोरी में क्या-क्या रखा है। यह भी पता नहीं चल सकता कि गहने और दूसरी कीमती चीजें सुरक्षित हैं या नहीं। परिषद के एक प्रवक्ता ने यह जानकारी दी।
ये भी पढ़ें: राजनाथ की दुश्मनों को दो टूक: रक्षा मंत्री बोले- शांति हमारी ताकत है कमजोरी नहीं; सेना को खुली छूट और संसाधन
परिवार ने और क्या मांग की?
इस परिवार की जड़ें और विरासत कोलकाता के प्रारंभिक इतिहास और विकास से गहराई से जुड़ी हैं। परिवार ने मंदिर की संपत्तियों की जानकारी भी मांगी है। इसके साथ ही संबंधित जमीन और संपत्ति के दस्तावेज भी मांगे गए हैं। दक्षिण कोलकाता में स्थित कालीघाट का काली मंदिर भारत के 52 शक्तिपीठों में से एक है।
मंदिर समिति ने क्या कहा?
मामले पर मंदिर समिति के एक अधिकारी ने कहा कि अगर यह मुद्दा जिला अदालत के स्तर पर सामने आता है, तो समिति उचित जवाब देने के लिए तैयार है। परिषद ने एक और दावा किया है। उसके मुताबिक, मंदिर समिति के चुनाव 2014 के बाद से नहीं हुए हैं। परिषद ने कहा कि इससे मंदिर की संपत्तियों की निगरानी और उनके संरक्षण को लेकर चिंता पैदा होती है।
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जिला जज की क्या भूमिका है?
दक्षिण 24 परगना के जिला जज कालीघाट मंदिर समिति के पदेन अध्यक्ष भी होते हैं। परिवार परिषद ने जिला जज को लिखित शिकायत दी है। इसमें एफआईआर दर्ज करने के लिए निर्देश देने की मांग की गई है।
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चाबी कब से गायब है?
सबर्ण रॉयचौधरी परिवार परिषद का दावा है कि तिजोरी की चाबी 1980 से गायब है। यह तिजोरी एक सरकारी बैंक में रखी है। परिवार ने इसी मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
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तिजोरी में क्या रखा है?
परिषद के अनुसार, मंदिर की तिजोरी में देवी को श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाए गए गहने रखे गए हैं। इसके अलावा, मंदिर की दूसरी कीमती चीजें भी तिजोरी में रखी गई हैं। परिषद ने इस पर चिंता जताई है। उसका कहना है कि चाबी नहीं होने के कारण यह पता नहीं चल सकता कि अभी तिजोरी में क्या-क्या रखा है। यह भी पता नहीं चल सकता कि गहने और दूसरी कीमती चीजें सुरक्षित हैं या नहीं। परिषद के एक प्रवक्ता ने यह जानकारी दी।
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परिवार ने और क्या मांग की?
इस परिवार की जड़ें और विरासत कोलकाता के प्रारंभिक इतिहास और विकास से गहराई से जुड़ी हैं। परिवार ने मंदिर की संपत्तियों की जानकारी भी मांगी है। इसके साथ ही संबंधित जमीन और संपत्ति के दस्तावेज भी मांगे गए हैं। दक्षिण कोलकाता में स्थित कालीघाट का काली मंदिर भारत के 52 शक्तिपीठों में से एक है।
मंदिर समिति ने क्या कहा?
मामले पर मंदिर समिति के एक अधिकारी ने कहा कि अगर यह मुद्दा जिला अदालत के स्तर पर सामने आता है, तो समिति उचित जवाब देने के लिए तैयार है। परिषद ने एक और दावा किया है। उसके मुताबिक, मंदिर समिति के चुनाव 2014 के बाद से नहीं हुए हैं। परिषद ने कहा कि इससे मंदिर की संपत्तियों की निगरानी और उनके संरक्षण को लेकर चिंता पैदा होती है।