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Presidential Election: द्रौपदी मुर्मू की जीत लगभग तय, मिल सकते हैं 61 फीसदी मत
Sat, 16 Jul 2022 06:25 AM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Sat, 16 Jul 2022 06:25 AM IST
सार
राजग उम्मीदवार के पास कुल 10,86,431 मतों में से 6.67 लाख से अधिक मत हैं। इनमें 3.08 लाख वोट सत्तारूढ़ भाजपा और उसके सहयोगी दलों के हैं।
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Presidential Elections 2022: यशवंत सिन्हा और द्रौपदी मुर्मू
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
राजग उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू की जीत लगभग तय मानी जा रही है। बीजद, वाईएसआर कांग्रेस, बसपा, टीडीपी, जदएस, शिरोमणि अकाली दल, शिवसेना और झारखंड मुक्ति मोर्चा जैसे विपक्षी दलों के समर्थन के एलान से माना जा रहा है कि उन्हें 61 फीसदी मत मिल सकते हैं। ऐसे में देश को पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति मिलने की उम्मीद पुख्ता है। राजग उम्मीदवार के पास कुल 10,86,431 मतों में से 6.67 लाख से अधिक मत हैं। इनमें 3.08 लाख वोट सत्तारूढ़ भाजपा और उसके सहयोगी दलों के हैं।
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बीजद के करीब 32,000 मत हैं, जो कुल मतों का करीब 2.9 प्रतिशत है। ओडिशा की 147 सदस्यीय विधानसभा में सत्तारूढ़ बीजद के 114 विधायक हैं, जबकि भाजपा के 22 विधायक हैं। लोकसभा में बीजद के 12 और राज्यसभा में 9 सदस्य हैं। मुर्मू को अन्नाद्रमुक (17,200 वोट), वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (करीब 44,000 वोट), तेलुगू देशम पार्टी (करीब 6,500 वोट), शिवसेना (25,000 वोट) और जदएस (करीब 5,600 वोट) का भी समर्थन मिल रहा है। हाल में संपन्न राज्यसभा चुनावों के परिणाम के बाद उच्च सदन में भाजपा सदस्यों की संख्या 92 हो गई है। लोकसभा में उसके 301 सदस्य हैं।
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स्वतंत्रता बाद जन्मा व्यक्ति पहली बार बनेगा राष्ट्रपति
मुर्मू अगर राष्ट्रपति चुनी जाती हैं तो स्वतंत्रता के बाद जन्मी इस शीर्ष पद पर पहुंचने वाली पहली नेता होंगी।
सांसदों को हरे रंग, विधायकों को गुलाबी रंग के मत पत्र मिलेंगे
राष्ट्रपति पद के लिए 18 जुलाई को होने वाले चुनाव में संसद सदस्यों और राज्यों की विधानसभा के सदस्यों को अलग-अलग रंग के मत पत्र मिलेंगे। सांसदों को हरे रंग जबकि विधायकों को गुलाबी रंग के मत पत्र मिलेंगे। एक विधायक के मत की कीमत उस राज्य की आबादी पर निर्भर करती है। उत्तर प्रदेश में प्रत्येक विधायक के मत की कीमत 208, झारखंड और तमिलनाडु की 176, महाराष्ट्र के विधायक की 175, सिक्किम के विधायक की सात, नगालैंड के नौ और मिजोरम के विधायक के मत की कीमत 8 है।
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जम्मू-कश्मीर में विधानसभा के अस्तित्व में न होने के चलते इस बार सांसदों के मत की कीमत 708 से घटकर 700 रह गई है। ऐसे में अलग-अलग रंग के मत पत्र होने से रिटर्निंग अधिकारी को गणना करने में मदद मिलेगी। मत पत्रों को दो कॉलम के साथ प्रिंट किया जाता है। पहले कॉलम में उम्मीदवारों के नाम होते हैं और दूसरा कॉलम उम्मीदवारों के लिए निर्वाचक द्वारा वरीयता को चिह्नित करने लिए होता है। राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए सत्तारूढ़ राजग की ओर से द्रौपदी मुर्मू और विपक्ष की तरफ से यशवंत सिन्हा उम्मीदवार हैं।
आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के जरिये राष्ट्रपति का चुनाव करने वाले चुनावी कॉलेज में निर्वाचित सांसद और राज्य विधानसभा के सदस्य शामिल होते हैं। मनोनीत सांसद, विधायक और विधान परिषद के सदस्य इस चुनाव में मतदान करने के हकदार नहीं हैं। राष्ट्रपति चुनाव में मतदान संसद भवन और राज्यों की विधानसभाओं में कराया जाता है। मतगणना संसद भवन में होती है। इस बार मतगणना 21 जुलाई को होगी।