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जानवरों की दवाइयों को इंसानों की बताकर बेच रही थी फार्मेसी, ऐसे चला पता
टीम डिजिटल/अमर उजाला
Updated Wed, 22 Nov 2017 11:19 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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मुंबई में एक फार्मेसिस्ट और एक फार्मेसी के पार्टनर पर फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने केस दर्ज किया है, उनपर जानवरों के लिए बनी दवाओं को गलत लेबल लगाकर मरीजों को बेचने का आरोप है। थाणे के नौपाडा की इस घटना के बाद वहां मौजूद लाइफकेयर मेडिकोज का लाइसेंस कैंसल करने की बात चल रही है।
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क्या है मामला: टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, Oxymac नाम की एक दवाई को Oxytocin नाम से बेचा जा रहा था। Oxymac जानवरों को दी जाने वाली दवाई है वहीं Oxytocin प्रेग्नेंट महिलाओं को डिलीवरी के बाद दी जाती है।
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FDA की एक टीम 24 अक्टूबर को रूटीन जांच पड़ताल के लिए निकली थी। उस दौरान टीम जिस फार्मा स्टोर पर पहुंची थी वहां उसने पाया कि 82 दवाएं ऐसी थीं जिसपर गलत लेबल लगा हुआ था। वे असल में जानवरों को देने वाली दवाईयां थीं लेकिन उनके ऊपर से अलग लेबल लगा दिया गया था जिसपर लिखा था कि वह दवाईयां मनुष्य के इस्तेमाल की हैं।
इसके बाद कुछ और दुकानों की चैकिंग हुई जिसके बाद इस पूरे गोरखधंधे के तार गाजियाबाद और पंजाब तक से जुड़ गए। गाजियाबाद के एक थोक व्यापारी और थाणे के कुछ विक्रेताओं के यहां पड़े छापे में ऐसी तीन हजार दवाएं जब्त की गई थीं। इन दवाईयों को पंजाब में बनाया गया था, आने वाले वक्त में उस कंपनी से भी बात की जाएगी।