Ordnance Factory Blast: अफसरों ने मशीनों की मरम्मत में बरती थी लापरवाही, चार अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा
महाराष्ट्र के भंडारा जिले में आयुध फैक्टरी में विस्फोट मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि फैक्टरी के अधिकारियों ने मशीनों और उपकरणों की मरम्मत में लापरवाही बरती थी। यहां प्रशिक्षुओं को अत्यधिक संवेदनशील क्षेत्रों में काम करने के लिए मजबूर किया जाता था।
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महाराष्ट्र के भंडारा जिले में आयुध फैक्टरी में विस्फोट मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि फैक्टरी के अधिकारियों ने मशीनों और उपकरणों की मरम्मत में लापरवाही बरती थी। यहां प्रशिक्षुओं को अत्यधिक संवेदनशील क्षेत्रों में काम करने के लिए मजबूर किया जाता था। मामले में रक्षा उत्पादन इकाई के चार अधिकारियों के खिलाफ जवाहर नगर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
अधिकारी ने गुरुवार को कहा कि पुलिस ने दुर्घटना के बाद गठित एक जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की है। एफआईआर में सेफ्टी सेक्शन के डिवीजनल ऑफिसर देवेंद्र मीना, मेंटेनेंस डिपार्टमेंट के जूनियर वर्क्स मैनेजर आदिल फारूकी, सेक्शन एडमिनिस्ट्रेशन ऑफिसर आनंदराव फाये और सामान्य प्रशासन विभाग के संजय धापड़े का नाम है। कुछ अन्य अनाम अधिकारियों पर भी मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने बताया कि जांच में सामने आया है कि बिल्डिंग नंबर 23 में आरएक्स विभाग के एलटीपीई (लो टेम्परेचर प्लास्टिक एक्सप्लोसिव्स) सेक्शन में एक्सट्रूमिक्स मशीन और अन्य उपकरण खराब हो गए थे, लेकिन इनकी समय पर मरम्मत नहीं कराई गई। इसके चलते विस्फोट हो गया। साथ ही प्रशिक्षुओं को इकाई के अत्यधिक संवेदनशील खंडों में काम करने के लिए नियुक्त किया गया था। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 (1) के तहत लापरवाही से मौत और 125 (बी) के तहत मामला दर्ज किया है।
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24 जनवरी को हुआ था विस्फोट
महाराष्ट्र के भंडारा जिले में 24 जनवरी को सुबह एक आयुध फैक्टरी में विस्फोट हो गया। हादसे में नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि सात को गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि आयुध फैक्टरी में विस्फोट के कारण एक इकाई की छत गिरने से कई श्रमिक फंस गए। उन्होंने विस्फोट में जान गंवाने वालों के लिए शोक भी व्यक्त किया।
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कोका अभयारण्य के पास है आयुध निर्माण फैक्टरी
भंडारा स्थित आयुध फैक्टरी में रॉकेट और मिसाइल में इस्तेंमाल होने वाले उपकरण (प्रोपेलेंट) और विस्फोटक सामग्रियों का निर्माण होता है। यहां से करीब 40 किमी दूर वैनगंगा, आम, जाम, सूर और कन्हान नदियों का संगम है जो पर्यटन स्थल भी है। इस आय़ुध फैक्टरी से कोका अभयारण्य करीब 20 से 25 किमी दूर है, जबकि उमरेड-करहंडला अभयारण्य और गोठनगांव गेट भी 15 किमी की दूरी पर हैं। लेकिन आयुध फैक्टरी के आसपास जो जंगल है उसमें बड़ी मात्रा में वन्यजीव निवास करते हैं।
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