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Ordnance Factory Blast: सतपुड़ा की वादी में भंडारा आयुध फैक्टरी, बनते हैं मिसाइल के उपकरण; वन्यजीवों पर खतरा

Sun, 26 Jan 2025 12:20 AM IST
ज्योति भास्कर सुरेन्द्र मिश्र, अमर उजाला, मुंबई
सुरेन्द्र मिश्र, अमर उजाला, मुंबई Published by: ज्योति भास्कर Updated Sun, 26 Jan 2025 12:20 AM IST
सार

महाराष्ट्र में आयुध निर्माण फैक्टरी का धमाका चिंता पैदा कर रहा है। सतपुड़ा की वादियों में भंडारा आयुध फैक्टरी विस्फोट के बाद अब आसपास के जंगलों में रहने वाले वन्यजीवों पर खतरा मंडराने लगा है। बता दें कि इस फैक्टरी में मिसाइल लांचर उपकरण बनाए जाते हैं।

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Maharashtra Ordnance Factory Blast Danger on Wildlife in vicinity know consequences of Bhandara Factory Mishap
Ordnance Factory Blast - फोटो : PTI

विस्तार

भंडारा जिले के जवाहर नगर स्थित आयुध निर्माण फैक्टरी सतपुड़ा पर्वत श्रृंखला की वादियों के बीच स्थित है जहां पांच नदियों का संगम है। इलाके में मानव निर्मित जंगल हैं जहां बड़ी संख्या में वन्य जीव निवास करते हैं। विस्फोट के बाद इस जंगल के वन्य जीवों पर भी खतरा मंडराने लगा है। वहीं, जंगल में रहने वाले तेंदुए और अन्य वन्यजीवों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। वन्यजीव एवं पर्यावरण विशेषज्ञों को आशंका है कि विस्फोट का असर यहां के वन्यजीवों पर भी पड़ सकता है।
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कोका अभयारण्य के पास है आयुध निर्माण फैक्टरी
भंडारा स्थित आयुध फैक्टरी में रॉकेट और मिसाइल में इस्तेंमाल होने वाले उपकरण (प्रोपेलेंट) और विस्फोटक सामग्रियों का निर्माण होता है। यहां से करीब 40 किमी दूर वैनगंगा, आम, जाम, सूर और कन्हान नदियों का संगम है जो पर्यटन स्थल भी है। इस आय़ुध फैक्टरी से कोका अभयारण्य करीब 20 से 25 किमी दूर है, जबकि उमरेड-करहंडला अभयारण्य और गोठनगांव गेट भी 15 किमी की दूरी पर हैं। लेकिन आयुध फैक्टरी के आसपास जो जंगल है उसमें बड़ी मात्रा में वन्यजीव निवास करते हैं।
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वन्यजीवों की बड़ी संख्या, जंगली जानवरों की संख्या भी बढ़ी
आयुध निर्माणी प्रबंधन ने इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में पेड़ लगाए और यहां एक बड़ा जंगल स्थापित किया है। इसलिए इसे मिनी अभयारण्य कहा जा सकता है। इसके कारण यह क्षेत्र तेंदुएं, काले हिरण, नीलगाय, जंगली सूअर, विभिन्न प्रजाति की पंक्षियों, सहित कई वन्यजीवों का निवास स्थान बन गया है। आयुध फैक्टरी के कर्मचारियों को अक्सर यहां तेंदुएं दिखाई देते हैं। इससे यहां जंगली जानवरों की संख्या में भी वृद्धि हुई है।
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धमाके के बाद वन्यजीवों पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है
फिलहाल, यह पता नहीं चल पाया है कि शुक्रवार को आयुध फैक्टरी में हुए जोरदार विस्फोट में जंगली जानवरों को नुकसान हुआ है या नहीं। लेकिन, इलाके में डर का माहौल बन गया है। वन्यजीव एवं पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि जितनी दूर तक विस्फोट की आवाज और धुआं पहुंचा, उसे देखते हुए यहां के वन्यजीवों पर इसका प्रभाव पड़ सकता है।
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