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गर्मी का बदलता मिजाज: अप्रैल-अक्तूबर तक तपेगी दुनिया, उत्तर-पश्चिम भारत में वसंत से बढ़ेगी लू की मार!
Sun, 13 Sep 2026 04:10 AM IST
राकेश कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली।
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली।
Published by: राकेश कुमार
Updated Sun, 13 Sep 2026 04:10 AM IST
सार
दुनिया में अत्यधिक गर्मी का मौसम अब सिर्फ जून-जुलाई-अगस्त तक सीमित नहीं रह गया है। 1980 से 2024 तक के वैश्विक मौसम आंकड़ों के विश्लेषण में सामने आया है कि करीब आधी वैश्विक भूमि पर अत्यधिक गर्मी का मौसम लंबा हुआ है। कहीं गर्मी शरद ऋतु तक खिंच रही है, तो कहीं वसंत में ही तेज गर्मी शुरू हो रही है। उत्तर-पश्चिम भारत में गर्म दिनों का विस्तार वसंत की ओर ज्यादा देखा गया है।
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- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गर्मी अब सिर्फ भी, जून-जुलाई-अगस्त का मौसम नहीं रह गई है। दुनिया के कई हिस्सों में अत्यधिक गर्म दिनों का सिलसिला गर्मियों से बाहर निकल रहा है। कहीं गर्मी शरद ऋतु तक खिंच रही है तो कहीं वसंत में ही तेज गर्मी दस्तक दे रही है। अब इसने अप्रैल से अक्तूबर तक का दायरा कवर कर लिया है। 45 साल के वैश्विक मौसम आंकड़ों के नए विश्लेषण में सामने आया है कि दुनिया की करीब आधी भूमि पर अत्यधिक गर्मी का मौसम पहले की तुलना में लंबा हो चुका है।
उत्तर-पश्चिम भारत भी उन क्षेत्रों में है, जहां गर्मी का विस्तार वसंत की ओर ज्यादा हुआ है। अध्ययन एजीयू एडवांसेज जर्नल में प्रकाशित हुआ है। नासा के गोडार्ड इंस्टीट्यूट फॉर स्पेस स्टडीज की कैथरीन इवानोविच और उनके सहयोगियों ने 1980 से 2024 तक के वैश्विक जलवायु आंकड़ों का अध्ययन किया।
यह भी पढ़ें: ब्रिक्स की महफिल में भारत का जलवा: भरतनाट्यम से कथक तक, 160 कलाकारों ने दिखाई अपनी विरासत, क्या था खास?
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शोधकर्ताओं ने 1980 के दशक के अत्यधिक गर्म दिनों की तुलना 2015-24 के आंकड़ों से की। अध्ययन के मुताबिक, करीब 50 फीसदी वैश्विक भूमि क्षेत्र में अत्यधिक शुष्क गर्मी का मौसम लंबा हुआ, जबकि करीब 48 फीसदी क्षेत्र में आर्द्र गर्मी का मौसम बढ़ा। यानी गर्मी केवल अधिक तीखी नहीं हो रही, उसका मौसमी दायरा भी बदल रहा है। यह बदलाव हर जगह एक जैसा नहीं है।
पश्चिमी अमेरिका, पूर्वी चीन, उत्तरी अफ्रीका और पूर्वी यूरोप में अत्यधिक गर्मी पुराने गर्मी के मौसम के बाद की अवधि यानी शरद ऋतु की ओर ज्यादा बढ़ी। इसके उलट पश्चिमी यूरोप, दक्षिणी अफ्रीका और उत्तर-पश्चिम भारत में वसंत की ओर गर्म दिनों का विस्तार ज्यादा देखा गया। पूर्वी रूस के कुछ हिस्सों में इसके उलट अत्यधिक गर्मी का मौसम छोटा हुआ।
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उत्तर-पश्चिम भारत भी उन क्षेत्रों में है, जहां गर्मी का विस्तार वसंत की ओर ज्यादा हुआ है। अध्ययन एजीयू एडवांसेज जर्नल में प्रकाशित हुआ है। नासा के गोडार्ड इंस्टीट्यूट फॉर स्पेस स्टडीज की कैथरीन इवानोविच और उनके सहयोगियों ने 1980 से 2024 तक के वैश्विक जलवायु आंकड़ों का अध्ययन किया।
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शोधकर्ताओं ने 1980 के दशक के अत्यधिक गर्म दिनों की तुलना 2015-24 के आंकड़ों से की। अध्ययन के मुताबिक, करीब 50 फीसदी वैश्विक भूमि क्षेत्र में अत्यधिक शुष्क गर्मी का मौसम लंबा हुआ, जबकि करीब 48 फीसदी क्षेत्र में आर्द्र गर्मी का मौसम बढ़ा। यानी गर्मी केवल अधिक तीखी नहीं हो रही, उसका मौसमी दायरा भी बदल रहा है। यह बदलाव हर जगह एक जैसा नहीं है।
पश्चिमी अमेरिका, पूर्वी चीन, उत्तरी अफ्रीका और पूर्वी यूरोप में अत्यधिक गर्मी पुराने गर्मी के मौसम के बाद की अवधि यानी शरद ऋतु की ओर ज्यादा बढ़ी। इसके उलट पश्चिमी यूरोप, दक्षिणी अफ्रीका और उत्तर-पश्चिम भारत में वसंत की ओर गर्म दिनों का विस्तार ज्यादा देखा गया। पूर्वी रूस के कुछ हिस्सों में इसके उलट अत्यधिक गर्मी का मौसम छोटा हुआ।