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CAPF: गृह मंत्रालय का एक आदेश बना अर्धसैनिक बलों के 11 लाख जवानों के लिए परेशानी का सबब, होगी भत्तों की रिकवरी

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Fri, 18 Jul 2025 06:32 PM IST
सार

सीएपीएफ जवानों को मिले अलाउंस को सरकार रिकवर करने जा रही है। मिली जानकरी के मुताबिक, 
सीएपीएफ यानी सीआरपीएफ, बीएसएफ, एसएसबी,  सीआईएसएफ, आईटीबीपी और असम राइफल (एआर) के जवानों को अगर अनियमित रूप से ट्रांसपोर्ट अलाउंस मिला है तो अब उसकी रिकवरी होगी।

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order of Home Ministry has become a cause of trouble for 11 lakh paramilitary personnel allowances will be rec
सीएपीएफ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

केंद्रीय गृह मंत्रालय का एक आदेश, अर्धसैनिक बलों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। सीएपीएफ यानी सीआरपीएफ, बीएसएफ, एसएसबी,  सीआईएसएफ, आईटीबीपी और असम राइफल (एआर) के जवानों को अगर अनियमित रूप से ट्रांसपोर्ट अलाउंस मिला है तो अब उसकी रिकवरी होगी। इतना ही नहीं, यह रिकवरी एक सितंबर 2008 से लेकर अब तक मिले  अनियमित ट्रांसपोर्ट अलाउंस की होगी। ट्रेनिंग के दौरान रिक्रूट को एचआरए भी दिया गया है तो यह कौन से आदेश के तहत दिया गया है, ये बताया जाए। उन अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय हो, जिनके निर्देशन में ये हुआ है। उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई, ये भी रिपोर्ट में बताना होगा। 

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केंद्रीय गृह मंत्रालय की पुलिस (सेकेंड) डिविजन द्वारा 17 जुलाई को जारी कार्यालय ज्ञापन के तहत उक्त आदेश जारी किए गए हैं। इससे पहले 7 जुलाई को एमएचए ने 'सीआरपीएफ' और 'एआर' में रिक्रूट को ट्रांसपोर्ट अलाउंस व एचआरए की स्वीकार्यता बाबत एक कार्यालय ज्ञापन जारी किया था। इसके संदर्भ में यहां पर बताया गया है कि सभी सीएपीएफ और एआर की तरफ से सीआरपीएफ द्वारा 5 दिसंबर 2023 और 22 अक्तूबर 2024 को एक जवाब दिया गया था। उसमें बताया गया कि यह तथ्य नोटिस में है कि सीएपीएफ रिक्रूट को ट्रांसपोर्ट अलाउंस और एचआरए दिया गया है। 
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इन सबके चलते गृह मंत्रालय ने सभी 'सीएपीएफ' और 'एआर' को तीन बातों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए कहा है। पहला, एक सितंबर 2008 से लेकर अब तक 'सीएपीएफ' और 'एआर' में जो अनियमित ट्रांसपोर्ट अलाउंस जारी किया गया है, उसकी रिकवरी सुनिश्चित करें। बताया गया है कि बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी और एसएसबी में एक सितंबर 2008 से लेकर अभी तक ट्रांसपोर्ट अलाउंस दिया गया है। अब 1 सितंबर 2008 से उसकी रिक्वरी हो।  
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दूसरा, सीएपीएफ की तरफ से जो जवाब दिया गया है, उसका विश्लेषण करने के बाद यह पता चला है कि सीएपीएफ में ट्रेनिंग के दौरान रिक्रूट को एचआरए भी प्रदान किया गया है। अब सीएपीएफ और एआर से पूछा गया है कि जिन रिक्रूट को एचआरए दिया गया है, किस आदेश के तहत ऐसा किया गया है। वह अथॉरिटी कौन है, जिसके आदेशों पर ऐसा हुआ है। 


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तीसरा, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और असम राइफल से कहा गया है कि उन अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए, जिनके मातहत एक सितंबर 2008 से लेकर अभी तक अनियमित ट्रांसपोर्ट अलाउंस दिया गया है। उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है, यह भी गृह मंत्रालय को बताया जाए। 

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