फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Opposition questions governments silence on Khameneis assassination says values, principles interest betrayed

'भारत के मूल्यों, सिद्धांतों और हितों के साथ धोखा': खामनेई की हत्या पर सरकार की चुप्पी पर विपक्ष ने उठाए सवाल

Sun, 01 Mar 2026 10:36 PM IST
Himanshu Singh Chandel न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Himanshu Singh Chandel Updated Sun, 01 Mar 2026 10:36 PM IST
सार

ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामनेई की हत्या के बाद भारत सरकार की चुप्पी को लेकर देश में राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। विपक्षी दलों ने मोदी सरकार पर विदेश नीति से समझौता करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस, सपा और अन्य नेताओं ने सरकार से स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की है। आइए जानते हैं किसने क्या कहा।

विज्ञापन
Opposition questions governments silence on Khameneis assassination says  values, principles interest betrayed
प्रियंका गांधी वाड्रा, अखिलेश यादव और ओवैसी - फोटो : X

विस्तार

अमेरिका-इस्राइल की सैन्य कार्रवाई में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामनेई की मौत के बाद भारत की राजनीतिक सियासत भी गरमा गई है। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की चुप्पी को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का कहना है कि इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर भारत सरकार की ओर से स्पष्ट प्रतिक्रिया न आना देश की पारंपरिक विदेश नीति पर सवाल खड़े करता है।

विज्ञापन


सरकार की चुप्पी पर क्यों उठा विवाद?
विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि ईरान जैसे पुराने मित्र देश पर हुए हमले और उसके सर्वोच्च नेता की हत्या के बावजूद सरकार ने खुलकर प्रतिक्रिया नहीं दी। विपक्ष का कहना है कि भारत हमेशा शांति, कूटनीति और संप्रभुता के सम्मान की बात करता रहा है, लेकिन इस मामले में सरकार का रुख साफ दिखाई नहीं दे रहा है। इसे भारत के मूल्यों और सिद्धांतों से समझौता बताया जा रहा है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी समागम में बोले पीएम मोदी, सिखों के सम्मान और न्याय के लिए सरकार प्रतिबद्ध
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रियंका गांधी और ओवैसी ने क्या कहा?
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने खामनेई की हत्या को निंदनीय बताते हुए कहा कि किसी संप्रभु देश के नेतृत्व की लक्षित हत्या अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के लिए खतरनाक संकेत है। उन्होंने कहा कि निर्दोष लोगों की मौत की भी कड़ी निंदा होनी चाहिए। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी इस कार्रवाई को अनैतिक और गैरकानूनी बताया और उम्मीद जताई कि भारत सरकार युद्ध रोकने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएगी।

अखिलेश यादव और प्रियंका चतुर्वेदी का सवाल
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि मोदी सरकार को साफ करना चाहिए कि भारत युद्ध के पक्ष में है या शांति के। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संकट के समय जिम्मेदार देशों को स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए। वहीं शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने सवाल उठाया कि ईरान के नेता की मौत पर भारत सरकार की ओर से शोक संदेश तक क्यों जारी नहीं किया गया, जबकि दोनों देशों के संबंध लंबे समय से मजबूत रहे हैं।


कांग्रेस ने जताई खामेनेई की हत्या पर संवेदना
कांग्रेस अध्यक्ष  मल्लिकार्जुन खरगे ने खामेनेई की हत्या पर कहा कि कांग्रेस ईरान के सर्वोच्च नेता अली हुसैनी खामेनेई की बिना किसी औपचारिक युद्ध घोषणा के किए गए सैन्य हमले में लक्षित हत्या की घोर निंदा करती है। कांग्रेस इस गहरे दुख की घड़ी में सर्वोच्च नेता के परिवार, ईरान की जनता और दुनिया भर के शिया समुदाय के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती है।

ये भी पढ़ें- ईरान-इस्राइल युद्ध का असर: दिल्ली में फंसे पत्रकार ने सुनाई व्यथा, भारतीय ने बढ़ाए मदद के हाथ; वीडियो वायरल

भारत की विदेश नीति पर बढ़ी राजनीतिक बहस
खामनेई की मौत के बाद पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है और इसका असर भारत की कूटनीतिक स्थिति पर भी पड़ सकता है। विपक्ष का कहना है कि सरकार को संतुलित और स्वतंत्र विदेश नीति दिखानी चाहिए। साथ ही प्रभावित देशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग भी की गई है। इस मुद्दे ने देश में विदेश नीति को लेकर नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है।


अन्य वीडियो-
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article