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India-Pak Tension: संजय राउत ने पाकिस्तान के साथ सीजफायर समझौते पर उठाए सवाल, सर्वदलीय बैठक की मांग की

Sun, 11 May 2025 06:23 PM IST
नीतीश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नीतीश कुमार Updated Sun, 11 May 2025 06:23 PM IST
सार

राउत ने कहा कि इस समझौते से भारतीय सेना का मनोबल गिरा है और यह निर्णय अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इशारे पर लिया गया। राउत ने कहा कि जब तक पहलगाम आतंकी हमले में शामिल आतंकियों का खात्मा नहीं होता, तब तक ऑपरेशन सिंदूर अधूरा है।

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opposition leader Sanjay Raut questions ceasefire deal with Pakistan asks modi government to call all party me
संजय राउत, सांसद, शिवसेना यूबीटी - फोटो : ANI

विस्तार

राउत ने कहा कि इस समझौते से भारतीय सेना का मनोबल गिरा है और यह निर्णय अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इशारे पर लिया गया। राउत ने कहा कि जब तक पहलगाम आतंकी हमले में शामिल आतंकियों का खात्मा नहीं होता, तब तक ऑपरेशन सिंदूर अधूरा है।
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शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने भारत और पाकिस्तान के बीच हुए हालिया समझौते पर सरकार को घेरते हुए इसकी टाइमिंग पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह समझौता ऐसे समय किया गया जब पाकिस्तान को सबक सिखाने का सुनहरा अवसर था। इसके साथ ही उन्होंने इस गंभीर मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है।
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'सेना का मनोबल तोड़ा गया'
राउत ने कहा कि इस समझौते से भारतीय सेना का मनोबल गिरा है और यह निर्णय अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इशारे पर लिया गया। उन्होंने पूछा, "ट्रंप का इस मामले से क्या लेना-देना है?" राउत ने यह भी आरोप लगाया कि यह समझौता उस वक्त हुआ जब एक पाकिस्तानी मिसाइल दिल्ली की ओर बढ़ रही थी और उसे हरियाणा में गिराया गया। उन्होंने दावा किया कि गुजरात भी निशाना बन सकता था।
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'गुजरात के उद्योगपतियों को बचाने के लिए समझौता'
राउत ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह समझौता कुछ "गुजरात के उद्योगपतियों को बचाने के लिए" किया गया और इसे एक प्रकार का विश्वासघात करार दिया। उन्होंने पूछा, "भारत एक संप्रभु देश है। ट्रंप ने जो कहा, हमने उसी पर क्यों समझौता कर लिया? आखिर भारत को इस समझौते से क्या मिला?"

'प्रधानमंत्री को होना चाहिए जवाबदेह'
राउत ने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मौजूद रहकर जवाब देना चाहिए और सभी दलों के नेताओं को विश्वास में लिया जाना चाहिए। उन्होंने पूछा कि जब पाकिस्तान को सख्त सबक सिखाने का मौका था, तब पीछे हटने की क्या ज़रूरत थी?

राउत ने कहा कि जब तक पहलगाम आतंकी हमले में शामिल आतंकियों का खात्मा नहीं होता, तब तक ऑपरेशन सिंदूर अधूरा है। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, "इस स्तर पर आकर पीछे हटना सेना के हौसले को तोड़ने जैसा है।"

संजय राउत ने यह भी कहा कि इस पूरे घटनाक्रम में चीन और तुर्की ने पाकिस्तान का समर्थन किया, जबकि भारत के समर्थन में एक भी देश सामने नहीं आया। उन्होंने पूछा, "यह किसकी कूटनीतिक विफलता है?"


युद्ध के मुहाने पर थे भारत-पाक
गौरतलब है कि भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिनों तक चले ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद शनिवार को दोनों देशों के बीच जमीन, समुद्र और वायु क्षेत्र में सभी सैन्य गतिविधियों को रोकने पर सहमति बनी थी। यह घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा की गई थी। हालांकि, उसी रात पाकिस्तान ने सीजफायर तोड़ते हुए जम्मू-कश्मीर में ड्रोन और विस्फोटों से हमला कर फिर चिंता बढ़ा दी थी।
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