Congress: 'यह एक और बड़ी कूटनीतिक चूक', कनाडा में जी-7 शिखर सम्मेलन में PM मोदी के शामिल न होने पर जयराम
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने 15 से 17 जून को कनाडा में होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल न होने को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि शिखर सम्मेलन में भारत की अनुपस्थिति एक और बड़ी कूटनीतिक चूक है।
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कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस साल कनाडा में होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल न होने की खबरों को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह एक और बड़ी कूटनीतिक चूक है। एक्स पर एक पोस्ट में रमेश ने कहा कि छह साल में पहली बार भारत शिखर सम्मेलन में शामिल नहीं होगा।
जयराम रमेश ने जी7 शिखर सम्मेलन में भारत की अनुपस्थिति को एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक चूक बताया। उन्होंने कहा कि भारत की बढ़ते वैश्विक प्रभाव और अंतरराष्ट्रीय नीतियों को आकार देने के लिए ऐसे मंचों पर भागीदारी महत्वपूर्ण है। जयराम ने एक्स पर पोस्ट में कहा, 'भारतीय प्रधानमंत्रियों को आमंत्रित करने की परंपरा 2014 के बाद भी जारी रही, लेकिन अब 6 साल में पहली बार, विश्वगुरु कनाडा शिखर सम्मेलन में उपस्थित नहीं होंगे। चाहे जो भी कहा जाए, लेकिन तथ्य यही है कि यह एक और बड़ी कूटनीतिक चूक है।'
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15 से 17 जून को कनाडा में होगा जी7 शिखर सम्मेलन
उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 2007 में शिखर सम्मेलन में भाग लिया था, जहां जलवायु परिवर्तन वार्ता के लिए प्रसिद्ध सिंह-मर्केल फॉर्मूला का अनावरण किया गया था। जयराम रमेश ने कहा कि इस साल 15 से 17 जून 2025 को कनाडा के अल्बर्टा के कनानास्किस में जी7 सम्मेलन हो रहा है। इसमें अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, जापान, इटली, कनाडा और जर्मनी के नेता हिस्सा लेंगे। इसके अलावा ब्राजील, मैक्सिको, दक्षिण अफ्रीका, यूक्रेन के राष्ट्रपतियों और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री को भी शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया गया है। 2014 से पहले, G7 वास्तव में कई वर्षों तक G8 था और इसमें रूस भी शामिल था।
भारत-पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता के ट्रंप के दावों को लेकर भाजपा पर हमला
इसके अलावा, जयराम रमेश ने भारत और पाकिस्तान के बीच शत्रुता समाप्त करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावों को लेकर भी भाजपा पर हमला किया। जयराम ने एक्स पर पोस्ट में कहा, 'अमेरिका को भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता करने की छूट देना, भारत की दशकों पुरानी विदेश नीति के खिलाफ है, और यह एक बड़ी भूल थी।'
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ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान शत्रुता समाप्त कराने का फिर लिया श्रेय
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार (स्थानीय समयानुसार) को एक बार फिर भारत-पाकिस्तान के बीच शत्रुता को समाप्त करने का श्रेय लिया। उन्होंने कहा कि उनके प्रशासन की व्यापार वार्ता ने संभावित रूप से दोनों देशों के बीच परमाणु युद्ध को टाल दिया।
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