China New Map: ‘बीजिंग के दावे बेतुके’, अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चिन को चीन का हिस्सा बताए जाने पर कांग्रेस
मनीष तिवारी ने कहा कि चीन के दावे मुर्खतापूर्ण हैं। उसने दो हजार वर्ग किलोमीटर भारतीय क्षेत्र पर अवैध कब्जा कर रखा है। आज, भारत और चीन के बीच असली मुद्दा यह है कि चीन ने एलएसी का उल्लंघन किया है।
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चीन ने हाल ही में अपने मानक मानिचत्र का नया संस्करण जारी किया। इसमें उसने भारत के अरुणाचल प्रदेश, अक्साई चीन, ताइवान और दक्षिण चीन सागर को अपने क्षेत्र में दिखाया है। इसी मानचित्र को लेकर विवाद खड़ा हो गया। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि चीन के दावे बेतुके हैं और यह चीन-भारत सीमा विवाद के इतिहास से प्रमाणित है।
एलएसी का उल्लंघन
नीष तिवारी ने कहा कि चीन के दावे मुर्खतापूर्ण हैं। आज, भारत और चीन के बीच असली मुद्दा यह है कि चीन ने कई बिंदुओं पर एलएसी का उल्लंघन किया है। उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों में सरकार को गंभीरता से आत्ममंथन करना चाहिए कि क्या दिल्ली में उस व्यक्ति (चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग) का स्वागत करना भारत के स्वाभिमान के अनुरूप होगा, जिसने सीमा के पास दो हजार वर्ग किलोमीटर भारतीय क्षेत्र पर अवैध कब्जा कर रखा है।
कब्जाए क्षेत्रों को खाली कराने की जरूरत
न्होंने कहा कि पहले कब्जाए क्षेत्रों को खाली कराने की जरूरत है। कांग्रेस सांसद ने कहा कि अगर संक्षेप में कहूं तो चीनी मानचित्र बेतुके हैं। ये भारत-चीन सीमा विवाद के इतिहास से मेल नहीं खाते हैं, चीन का अरुणाचल प्रदेश पर कोई दावा नहीं है।
पवन खेड़ा ने उठाए सवाल
चीन सरकार के 'चीन के मानक मानचित्र के 2023 संस्करण' पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने चीन को जो क्लीन चिट दी थी, उसके बाद पिछले हफ्ते हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में चीनी राष्ट्रपति के प्रति उनकी बॉडी लैंग्वेज देखकर बुरा लगा। 140 करोड़ लोगों के प्रधानमंत्री उनके सामने हाथ बांधे खड़े हों, इससे हम दुनिया को अच्छा संदेश नहीं दे रहे हैं। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन खत्म होते ही चीन ने नक्शा जारी किया, अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चिन को अपना हिस्सा बताया। अगर नेहरू ने चीनी दावा रेखा मान लिया होता तो 1962 का युद्ध नहीं हुआ होता। युद्ध हुआ और भले ही हम युद्ध हारे लेकिन हमने चीनी दावा रेखा को स्वीकार नहीं किया। आज हम बिना युद्ध लड़े चीनी दावा रेखा को स्वीकार कर रहे हैं। आप उस सरकार से उम्मीद नहीं रख सकते जिस सरकार के मंत्री एस जयशंकर ने एक पॉडकास्ट साक्षात्कार में कहा कि हम चीन से कैसे लड़ सकते हैं वो तो एक बड़ी अर्थव्यवस्था है, जबकि भारत एक छोटी अर्थव्यवस्था है।
क्या पीएम मोदी की बातों का कोई असर नहीं होता?: सुप्रिया श्रीनेत
चीन द्वारा एक नया 'आधिकारिक मानचित्र' जारी कर पूरे अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चिन पर क्षेत्रीय दावा करने पर कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका में पीएम नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच मुलाकात हुई। चीन का कहना है कि ये बैठक PM मोदी के आग्रह पर हुई थी। हमारी सरकार के सूत्रों ने मीडिया को बताया कि उन्होंने (PM मोदी) LAC और घुसपैठ पर सख्ती से बात की। सवाल ये है कि क्या पीएम मोदी की बातों का कोई असर नहीं होता? 4 दिन के अंदर चीन ने नक्शा जारी किया जो हमारी भौगोलिक अखंडता पर सवाल उठाता है। सरकार को सख्त रवैया दिखाना होगा।
चीन ने फिर दिखाई चालबाजी
इससे पहले चीनी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने एक्स पर ट्वीट कर कहा था कि चीन ने सोमवार को 2023 का नया मानचित्र जारी किया है। यह नक्शा चीन और दुनिया के विभिन्न देशों की राष्ट्रीय सीमाओं की ड्राइंग पद्धति के आधार पर संकलित किया गया है। ग्लोबल टाइम्स द्वारा जारी मानचित्र में अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चीन को भी अपने क्षेत्र में दर्शाया है। बता दें, चीन अरुणाचल प्रदेश को दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा मानता है। हालांकि, भारत ने चीन के इस मानचित्र को खारिज किया है। भारत का कहना था कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है और भविष्य में भी यह भारत का ही अविभाज्य हिस्सा रहेगा। वहीं, चीन ताइवान को भी अपने क्षेत्र का हिस्सा मानता है। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का उद्देश्य है कि वे ताइवान का एकीकरण करें। इसके लिए चीन वियतनाम, फिलीपींस, मलेशिया, ब्रुनेई और दक्षिण चीन सागर पर भी अपना दावा करता है।