ओम बिड़ला का लोकसभा अध्यक्ष बनना लगभग तय, मिला दस पार्टियों का साथ
उन्होंने कहा कि बीजेडी, शिवसेना, नेशनल पीपुल्स पार्टी, मिजो नेशनल फ्रंट, अकाली दल, लोक जनशक्ति पार्टी, वाईएसआरसीपी, जेडीयू, अन्नाद्रमुक और अपना दल ने प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।
प्रह्लाद जोशी ने आगे कहा कि ओम बिड़ला के नाम पर सहमति को लेकर हमने कांग्रेस से बात की है। उन्होंने अभी प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, लेकिन वे इसका विरोध नहीं करेंगे, मैं गुलाम नबी आजाद से मिला हूं।
Union Minister Pralhad Joshi on Om Birla's candidature for Lok Sabha Speaker: We have talked to Congress, they haven't signed the proposal yet but they won't oppose it, I've met Ghulam Nabi Azad. https://t.co/jy4Q5ZQsp5
— ANI (@ANI) June 18, 2019
ओम बिड़ला को लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए एनडीए का उम्मीदवार बनाया गया है। खबर है कि बिड़ला आज अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल कर सकते हैं। हालांकि, बिड़ला ने इस बात से इनकार किया है।
भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात करने उनके घर पहुंचे बिड़ला से जब पत्रकारों ने पूछा तो उन्होंने कहा कि मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। मैं सिर्फ एक कार्यकर्ता की हैसियत से कार्यकारी अध्यक्ष से मिलने गया था। ओम बिड़ला कोटा से दूसरी बार सांसद चुने गए हैं। साथ में वो तीन बार विधायक भी रह चुके हैं।
लोकसभा चुनाव 2019 में ओम बिड़ला ने करीब पौने तीन लाख वोटों के अंतर से कांग्रेस प्रत्याशी को मात दी थी। वहीं बिड़ला की पत्नी अमिता बिड़ला ने खुशी जाहिर की है। अमिता बिड़ला ने कहा कि यह हमारे लिए बहुत गर्व और खुशी का पल है।
बता दें कि लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव होना है और बुधवार को सदन में इसपर मतदान होगा। लोकसभा में एनडीए की बहुमत से साफ है कि लोकसभा अध्यक्ष की चुनावी प्रक्रिया में किसी तरह की कोई समस्या नहीं होगी।
विपक्ष ने अभी इस पद के लिए किसी उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है। हालांकि मंगलवार नामांकन दाखिल करने का आखिरी दिन है। अगर वह निर्वाचित हो गए तो लोकसभा अध्यक्ष के तौर पर आठ बार सांसद रही सुमित्रा महाजन का स्थान लेंगे।
आमतौर पर लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए वरिष्ठता क्रम पर विचार किया जाता है लेकिन ऐसे भी मौके रहे हैं जब एक बार और दो बार के निर्वाचित सांसद अध्यक्ष बने हैं। मनोहर जोशी को 2002 में लोकसभा अध्यक्ष चुना गया था और तब वह पहली बार ही सांसद बने थे। उन्होंने दो बार के सांसद जीएमसी बालयोगी का स्थान लिया था जिनकी हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई थी।