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गरीबी से जूझ रहे बुजुर्ग ने त्यागा अन्न-जल तो आननफानन में गांव पहुंचे अफसर
ब्यूरो/अमर उजाला, महोबा
Updated Sun, 03 Jul 2016 08:42 AM IST
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कोटेदार की धांधली पर अन्न त्यागने वाले वृद्ध को मरणासन्न देख गांववालों से लेकर अफसरों तक खलबली मच गई। अधिकारी आननफानन में गांव पहुंचे, वृद्ध को अनाज मुहैया कराके तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया। इतना ही नहीं कोटेदार का कोटा निलंबित कर उसे जेल भी भेज दिया। घटना श्रीनगर थाना क्षेत्र के अतरारमाफ गांव की है।
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सूखे से जूझ रहे बुंदेलखंड में सरकार की ओर से गरीबों में खानपान सामग्री के समाजवादी राहत पैकेट बंटवाए जा रहे हैं। अतरारमाफ में गरीबी से जूझ रहे (65) वर्षीय प्रताप के परिवार में कुल सात लोग हैं। इकलौता बेटा गोपाल दिल्ली में रहकर मजदूरी करता है।
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गांव में प्रताप, उनकी पत्नी, बहू और बेटे के तीन बच्चे उसके साथ रहते हैं। गोपाल के भेजे पैसों से परिवार का भरण पोषण नहीं हो पाता है। अंत्योदय राशन कार्ड होने के बाद भी कोटेदार अनुरुद्ध ने न तो उन्हें समाजवादी राहत पैकेट का लाभ दिलाया और न ही खाद्य सुरक्षा के तहत अनाज दिया।
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प्रशासन हुआ सतर्क
कोटेदार की धांधली से दुखी प्रताप ने मंगलवार को अन्न त्याग दिया और घर पर ही बैठा रहा। भूख से बेहाल प्रताप की शुक्रवार सुबह हालत बिगड़ गई। परिजनों और गांववालों से सूचना मिलते ही प्रशासन के हाथपांव फूल गए।
ग्रामीणों ने तुरंत प्रशासन को सूचना दी। जानकारी होते ही शुक्रवार को एक घंटे के अंदर उपजिलाधिकारी सदर नन्हकू, प्रभारी तहसीलदार कुंवर बिहारी निगम, नायब तहसीलदार कर्मवीर सिंह, थाना प्रभारी श्रीनगर राजीव यादव, पूर्ति निरीक्षक सुनील कुमार व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डा. पीडी अवस्थी वृद्ध के घर पहुंच गए।
चिकित्सकों ने वृद्ध प्रताप की जांच की और तुरंत जिला अस्पताल भेज दिया। अफसरों ने तत्काल गरीब परिवार को राहत पैकेट व अनाज दिलाया। इसके बाद कोटेदार के खिलाफ जांच चली। शुक्रवार देर रात तक चली जांच के बाद अनियमितता मिलने पर कोटा निलंबित करके कोटेदार अनुरुद्ध को जेल भेज दिया गया।
ग्रामीणों ने तुरंत प्रशासन को सूचना दी। जानकारी होते ही शुक्रवार को एक घंटे के अंदर उपजिलाधिकारी सदर नन्हकू, प्रभारी तहसीलदार कुंवर बिहारी निगम, नायब तहसीलदार कर्मवीर सिंह, थाना प्रभारी श्रीनगर राजीव यादव, पूर्ति निरीक्षक सुनील कुमार व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डा. पीडी अवस्थी वृद्ध के घर पहुंच गए।
चिकित्सकों ने वृद्ध प्रताप की जांच की और तुरंत जिला अस्पताल भेज दिया। अफसरों ने तत्काल गरीब परिवार को राहत पैकेट व अनाज दिलाया। इसके बाद कोटेदार के खिलाफ जांच चली। शुक्रवार देर रात तक चली जांच के बाद अनियमितता मिलने पर कोटा निलंबित करके कोटेदार अनुरुद्ध को जेल भेज दिया गया।