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जवाहर बाग पर ढाई साल तक मीटिंग-मीटिंग खेलते रहे अधिकारी

Fri, 10 Jun 2016 02:38 AM IST
चंद्रमोहन शर्मा/अमर उजाला, आगरा
चंद्रमोहन शर्मा/अमर उजाला, आगरा Updated Fri, 10 Jun 2016 02:38 AM IST
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officers were aware about jawahar bagh
कमिश्नरी की फाइलें बस मोटी होती चली गईं।

कमिश्नर ने कहा जवाहर बाग से कब्जा हटवाइए। डीएम मथुरा बोले, जी हर, हटवाता हूं । फाइल में एक और पन्ना जुड़ गया। फिर अगली मीटिंग तक के लिए न डीएम को ख्याल आयाड्ड और न कमिश्नर को। महीने दर महीने साल दर साल बीतते गए। फाइल मोटी होती चली गई। अवैध कब्जे का पौधा वृक्ष बन गया। लेकिन न डीएम ने एक्शन लिया और न कमिश्नर ने। कमिश्नरी की फाइलें बताती हैं कि ढाई साल तक मीटिंग-मीटिंग खेलते रहे अफसर।

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आला अधिकारियों ने एक बार भी मौका मुआयना तक नहीं किया। कागजों में बने प्लान फाइलों से बाहर नहीं निकले। न्यायिक आयोग के सामने कमिश्नर प्रदीप भटनागर भी सवालों के कठघरे में आ सकते हैं। वजह यह है कि उनके कार्यकाल में ही रामवृक्ष और उसके साथियों ने 3000 करोड़ कीमत के बताए जा रहे 270 एकड़ के जवाहर बाग पर कब्जा किया था। भटनागर की यहां तैनाती दो जनवरी 2013 को हुई थी।
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मथुरा में रामवृक्ष ने बाग पर कब्जा 14 मार्च 2014 को किया था। इसके बाद मथुरा के डीएम बदलते रहे लेकिन कमिश्नर अभी तक भटनागर ही हैं। उनके कार्यकाल में ही दो दिन के धरने की अनुमति लेकर रामवृक्ष ने बाग में पूरा नगर बसाया, हथियारों का जखीरा इकट्ठा किया, उपद्रवी किस्म के समर्थकों की फौज इकट्ठा की। ये सारी रिपोर्ट पुलिस प्रशासन के अन्य अधिकारियों के साथ कमिश्नर के पास भी आ रही थीं।
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प्रशासन के सूत्रों का कहना है कि वे हर महीने होने वाली मंडल की मीटिंग में जवाहर बाग पर बात करते थे, डीएम मथुरा को निर्देश भी देते थे लेकिन सख्ती बरतने में कमी रही। निर्देशों का पालन न करने पर किसी डीएम के खिलाफ शासन को भी नहीं लिखा।

उनके आदेश-निर्देश हल्के में लिए गए और उन्होंने इसकी परवाह नहीं की। नतीजा यह हुआ कि जब हाईकोर्ट ने बाग खाली कराने का आदश दिया, तो प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। आनन फानन में उल्टा सीधा प्लान बनाकर आपरेशन शुरू कर दिया जिसका नतीजा यह हुआ कि एसपी सिटी और एसओ फरह शहीद हो गए, 27 कब्जाधारियों की जान चली गई। अब न्यायिक जांच के आदेश होने के बाद अधिकारी उन फाइलों को खंगाल रहे हैं जिनमें जवाहर बाग खाली कराने के निर्देश दर्ज हैं।


मैंने हर मीटिंग में डीएम मथुरा को बाग खाली कराने के लिए निर्देश दिए, इन पर अमल नहीं किया गया, जो भी त्योहार नजदीक होता, डीएम कहते थे, इसके बीत जाने के बाद कार्रवाई करेंगे।
-प्रदीप भटनागर     ( मंडलायुक्त आगरा )

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