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Railways: छोटे शहरों से भी दौड़ेगी वंदे भारत! रेलवे इन राज्यों में चलाने की कर रहा तैयारी, जानें कब होगी शुरू
Thu, 30 Oct 2025 06:38 PM IST
शिव शुक्ला
डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: शिव शुक्ला
Updated Thu, 30 Oct 2025 06:38 PM IST
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वंदे भारत।
- फोटो : अमर उजाला।
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इन दिनों वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन यात्रियों की पहली पसंद बनी हुई है। भारत के सभी राज्यों के बड़े शहरों में यह सुपरफास्ट ट्रेन चल रही है। लेकिन आने वाले दिनों में पंजाब, हरियाणा समेत कई राज्यों के में सेमी हाईस्पीड ट्रेन चलाने की तैयारी हो रही है। रेलवे का कहना है कि, इन राज्यों के यात्रियों को ज्यादा इंतजार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। दिसंबर माह से ट्रेन चलना शुरू हो जाएंगी।
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रेलवे के अनुसार चार वंदे भारत रेक तैयार हो चुके हैं। इसका रूट जल्द ही फाइनल कर दिया जाएगा। जिससे इन शहरों के लोगों को सेमी हाईस्पीड ट्रेन से सफर करने का अनुभव मिल सकेगा। अभी देशभर में करीब 156 वंदे भारत ट्रेन चलाई जा रही है। जो 24 राज्यों के 100 से अधिक शहरों को जोड़ती है। इनमें प्रमुख रूप से उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, असम, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, गोवा, हिमाचल प्रदेश और असम शामिल हैं।
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इनमें अधिकांश वंदे भारत ट्रेन इन राज्यों के राजधानी और अन्य प्रमुख शहरों से चल रही है। इन ट्रेनों के जरिये यात्रियों को एयरलाइन जैसी सुविधाएं और हाईस्पीड ट्रेन का अनुभव मिल रहा है।इन वंदे भारत एक्सप्रेस ने कई पुराने रूट्स पर यात्रियों की यात्रा का समय 25–30 प्रतिशत तक घटाया है। हर ट्रेन में मॉडर्न सीटिंग, ऑटोमैटिक दरवाजे, जीपीएस आधारित सूचना प्रणाली और ऑनबोर्ड कैटरिंग जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। अभी चार वंदे भारत एक्सप्रेस के रेक तैयार हो चुके हैं। इनमें से एक रूट फाइनल हो गया है। इस ट्रेन को पंजाब के फिरोजपुर से चलाया जाएगा। ये ट्रेन हरियाणा के कई शहरों को कवर करते हुए राजधानी दिल्ली पहुंचेगी। इसके बाद दो और वंदे भारत का रूट जल्द ही फाइनल कर दिया जाएगा। जबकि एक वंदे भारत को रिजर्व में रखा जाएगा।
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दरअसल,देशभर में वंदे भारत की सर्विस और बढ़ाने के लिए 90 वंदे भारत ट्रेन और तैयार कराई जा रही हैं। इनका आर्डर हो चुका है, जो कई कोच फैक्ट्रियों में तैयार हो रही है। इतनी बड़ी संख्या का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जितनी वंदे भारत एक्सप्रेस का निर्माण पिछले करीब 7 वर्षों में नहीं हुआ है, उससे अधिक का निर्माण होने जा रहा है। रेलवे के अनुसार जैसे-जैसे वंदे भारत का निर्माण होता जाएगा, ट्रैक पर आती जांएगी। इस तरह जल्द ही बड़े शहरों के साथ साथ छोटे शहरों और पर्यटन या धार्मिक स्थलों से वंदे भारत ट्रेनों का ऑपरेशन शुरू होगा, जिससे अधिक से अधिक लोग इस ट्रेन से सफर करने का अनुभव ले सकें।
यात्रियों के लिए सेफ्टी और स्पीड दोनों में सुधार
नई वंदे भारत ट्रेनों में पुराने मॉडलों की तुलना में कई तकनीकी सुधार किए गए हैं। इनमें बेहतर एंटी-कॉलिजन सिस्टम , अधिक आरामदायक सीटें, और ऊर्जा-सक्षम डिजाइन शामिल हैं। साथ ही, ट्रेनों की अधिकतम रफ्तार 180 किमी प्रति घंटा तक बढ़ाई जा रही है, जिससे शहरों के बीच यात्रा समय में बड़ी कमी आएगी। रेलवे का लक्ष्य है कि आने वाले दो वर्षों में हर राज्य की राजधानी को वंदे भारत नेटवर्क से जोड़ दिया जाए। इसके अलावा रेलवे की योजना है कि नई वंदे भारत ट्रेनों को सिर्फ बड़े महानगरों तक सीमित न रखकर छोटे शहरों, पर्यटन स्थलों और धार्मिक धामों तक पहुंचाया जाए। आगामी दिनों में वाराणसी, प्रयागराज, उज्जैन, तिरुपति, शिरडी, द्वारका और वैष्णो देवी जैसे धार्मिक केंद्रों को भी वंदे भारत नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी चल रही है। इससे इन शहरों में पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।
रेलवे मंत्रालय ने लक्ष्य रखा है कि 2026 तक देश के हर राज्य की राजधानी या प्रमुख शहर वंदे भारत नेटवर्क से जुड़ जाएं। इसके साथ ही रेलवे स्टेशन भी “वंदे भारत थीम” पर विकसित किए जा रहे हैं जिनमें क्लीन प्लेटफॉर्म, डिजिटल साइनबोर्ड, और बेहतर वेटिंग लाउंज जैसी सुविधाएं शामिल हैं।