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यूके वेरिएंट: उत्तर भारत में ब्रिटिश वायरस का कहर ज्यादा
Fri, 07 May 2021 07:08 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 07 May 2021 07:08 AM IST
सार
- महाराष्ट्र, कर्नाटक और गुजरात दोहरे स्वरूप से प्रभावित
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कोरोना वायरस
- फोटो : PTI
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विस्तार
देश में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच राष्ट्रीय रोग नियंत्र केंद्र (एनसीडीसी) ने बताया कि इस समय वायरस के दो स्वरूप का कहर जारी है। एनसीडीसी के निदेशक सुजीत सिंह के मुताबिक उत्तर भारत जहां इस समय यूके वेरिएंट से तो वहीं महाराष्ट्र, कर्नाटक और गुजरात डबल म्यूटेंट से प्रभावित है।
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हालांकि उन्होंने कहा, कि वायरस के यूके वैरिएंट बी1.1.7 प्रकार से देश में संक्रमित होने वाले लोगों के अनुपात में गत एक महीने में 50 प्रतिशत की कमी आई है। सिंह के मुताबिक पंजाब (482 नमूनों), दिल्ली (516 नमूने) सहित उत्तर भारत में वायरस का ब्रिटिश संस्करण प्रमुखता से लोगों को संक्रमित कर रहा है ।
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वहीं तेलंगाना (192 नमूने), महाराष्ट्र (83) और कर्नाटक (82) में भी इसकी मौजूदगी पाई गई है। उन्होंने बताया कि डबल म्यूटेंट जिसे बी.1.617 के नाम से भी जाना जाता है प्रमुख रूप से महाराष्ट्र (721 नमूने), पश्चिम बंगाल (124), दिल्ली (107) और गुजरात (102) को प्रभावित कर रहा है।
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सिंह ने बताया कि वायरस के दक्षिण अफ्रीकी स्वरूप का मुख्य रूप से प्रभाव तेलंगाना और दिल्ली में देखने को मिला। इसे जिसे बी.1.315 के नाम से जाना जाता है । उन्होंने बताया कि ब्राजीलियाई स्वरूप पी.1 केवल महाराष्ट्र में मिला और उसका अनुपात नगण्य है।
राज्यों से साझा हो रही सीक्वेंसिंग की जानकारी
उन्होंने बताया कि 10 शीर्ष सरकारी प्रयोगशालाएं एवं संस्थान दिसंबर से ही कोरोना वायरस का जीनोम सीक्वेंसिंग कर रहे हैं। अबतक 18,053 नमूनों का जीनोम सीक्वेेंसिंग हो गई है। जीनोम सीक्वेंसिंग से जुड़ी जानकारी राज्यों से फरवरी में दो बार और मार्च-अप्रैल में चार-चार बार साझा की गई। राज्यों के साथ निरंतर बातचीत हो रही है।
सिंह ने बताया कि राज्यों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये उन्हें वायरस के मौजूदा और स्वरूप और नए म्यूटेंट के बारे में अवगत कराया गया है। इसके साथ ही सार्वजनिक स्वास्थ्य उपचार को और मजबूत करने पर जोर देने के लिए कहा गया है।