Manipur: भाजपा बोली- मणिपुर की क्षेत्रीय अखंडता के साथ कोई समझौता नहीं; कांग्रेस ने करार दिया संवैधानिक संकट
Manipur Crisis: मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद से भाजपा का दावा किया गया है कि मणिपुर की क्षेत्रीय अखंडता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। वहीं कांग्रेस की तरफ से केंद्र और पीएम मोदी पर निशाना साधा गया है। इस मामले में कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने कहा, 'राष्ट्रपति शासन लागू करना, अपनी ही पार्टी की सरकार को निलंबित करना इस बात की सीधी स्वीकारोक्ति है कि आपने मणिपुर के लोगों को कैसे निराश किया है।'
विस्तार
#WATCH इंफाल, मणिपुर: भाजपा नेता संबित पात्रा ने कहा, "मणिपुर के राज्यपाल की रिपोर्ट के बाद भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मणिपुर विधानसभा को निलंबित कर दिया है, जिसका अर्थ है कि राज्य की विधानसभा को भविष्य में किसी भी समय बहाल किया जा सकता है, जब भारत के राष्ट्रपति राज्य… pic.twitter.com/3oAaG0aKkW
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 14, 2025विज्ञापन
वहीं भाजपा और पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में लिखा- मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू करना केंद्र और राज्य में भाजपा सरकारों की विफलता की प्रत्यक्ष स्वीकारोक्ति है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वहां के लोगों से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा- मणिपुर में एक संवैधानिक संकट है जिसके कारण राष्ट्रपति शासन लागू करना पड़ा। कांग्रेस अध्यक्ष ने पीएम मोदी से कहा- यह आपकी पार्टी है जो 11 वर्षों से केंद्र में शासन कर रही है। यह आपकी पार्टी है जो 8 वर्षों से मणिपुर पर शासन कर रही थी। यह भाजपा है जो राज्य में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार थी। यह आपकी सरकार है जो राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमा गश्त के लिए जिम्मेदार है।
सीपीआई ने भी केंद्र पर बोला हमला.@narendramodi ji
— Mallikarjun Kharge (@kharge) February 14, 2025
It is your party which has been ruling at the Centre for 11 years.
It is your party which was ruling Manipur for 8 years.
It is the BJP which was responsible for maintaining Law & Order in the state.
It is your government which is responsible for…
वहीं इस मामले पर सीपीआई नेता डी. राजा ने कहा, 'मणिपुर में राष्ट्रपति शासन इस बात की पुष्टि करता है कि मणिपुर की राज्य सरकार और केंद्र सरकार पूरी तरह विफल रही है... गृह मंत्रालय को सर्वदलीय बैठक बुलाकर मणिपुर समस्या के समाधान के लिए रोडमैप पर चर्चा करनी चाहिए। मणिपुर के राजनीतिक दलों और हितधारकों की बात इन्हें सुननी चाहिए।'
13 फरवरी को मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगा#WATCH दिल्ली: CPI नेता डी. राजा ने कहा, "मणिपुर में राष्ट्रपति शासन इस बात की पुष्टि करता है कि मणिपुर की राज्य सरकार और केंद्र सरकार पूरी तरह विफल रही है... गृह मंत्रालय को सर्वदलीय बैठक बुलाकर मणिपुर समस्या के समाधान के लिए रोडमैप पर चर्चा करनी चाहिए। मणिपुर के राजनीतिक दलों… pic.twitter.com/YjQLUTYglp
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 14, 2025
गुरुवार 13 फरवरी को संघर्षग्रस्त मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया और राज्य विधानसभा को निलंबित कर दिया गया, मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के अपने पद से इस्तीफा देने के कुछ दिनों बाद, जिससे पूर्वोत्तर राज्य में राजनीतिक अनिश्चितता पैदा हो गई। गृह मंत्रालय की तरफ से जारी एक अधिसूचना के अनुसार, मणिपुर विधानसभा, जिसका कार्यकाल 2027 तक है, को निलंबित कर दिया गया है। मणिपुर में भाजपा सरकार का नेतृत्व कर रहे एन बीरेन सिंह ने लगभग 21 महीने बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया कई महीनों से चल रही जातीय हिंसा में अब तक 250 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।
#WATCH इंफाल: मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद इंफाल में सुरक्षा बढ़ाई गई। pic.twitter.com/b7YRbfVBBW
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 14, 2025