फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   NMC Strict on Ragging Gujarat Gmers Medical College Case PGMEB Board Chairman Letter for rule compliance

Ragging: NMC ने गुजरात में छात्र की मौत, रैगिंग की बढ़ती शिकायतों पर लिया संज्ञान; कॉलेजों को सख्ती के निर्देश

Wed, 11 Dec 2024 06:28 AM IST
दीपक कुमार शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Wed, 11 Dec 2024 06:28 AM IST
सार

बोर्ड के चेयरमैन डॉ. विजय ओझा ने पत्र में लिखा है कि गुजरात के धारपुर मेडिकल कॉलेज की घटना काफी शर्मिंदगी भरी है। यह घटना न सिर्फ मीडिया के जरिये सामने आई बल्कि यूजीसी की एंटी-रैगिंग हेल्पलाइन पर भी इसकी सूचना दी गई। ऐसी घटनाएं शैक्षणिक संस्थानों की प्रतिष्ठा को कलंकित कर रही हैं।

विज्ञापन
NMC Strict on Ragging Gujarat Gmers Medical College Case PGMEB Board Chairman Letter for rule compliance
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI/@NMC_IND/X

विस्तार

गुजरात के गमर्स मेडिकल कॉलेज में 18 साल के छात्र की मौत के बाद राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) ने देश के सभी मेडिकल कॉलेजों को रैगिंग के खिलाफ सख्त एक्शन लेने का आदेश जारी किया। आयोग के पीजीएमईबी बोर्ड के चेयरमैन ने मेडिकल कॉलेजों को जारी एक पत्र में कहा है कि रैगिंग की रोकथाम के लिए समय समय पर नियम लागू किए गए हैं लेकिन जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई न होने की वजह से ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं।

विज्ञापन


एनएमसी ने मेडिकल कॉलेजों को बताया कि पिछले कुछ समय से अलग अलग प्लेटफॉर्म के जरिए रैगिंग से जुड़ी शिकायतें पहुंच रही हैं। इसलिए सभी सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों से रैगिंग शिकायतों पर तत्काल ठोस कार्रवाई करने का आदेश दिया है। बोर्ड के चेयरमैन डॉ. विजय ओझा ने पत्र में लिखा है कि गुजरात के धारपुर मेडिकल कॉलेज की घटना काफी शर्मिंदगी भरी है। यह घटना न सिर्फ मीडिया के जरिये सामने आई बल्कि यूजीसी की एंटी-रैगिंग हेल्पलाइन पर भी इसकी सूचना दी गई। ऐसी घटनाएं शैक्षणिक संस्थानों की प्रतिष्ठा को कलंकित कर रही हैं।
विज्ञापन


शिकायतें तेजी से बढ़ रहीं
चेयरमैन ने कहा कि रैगिंग की शिकायतों में मानसिक उत्पीड़न के मामले और यहां तक कि ऐसे मामले भी शामिल हैं जो आत्महत्या की घटनाओं से जुड़े हैं। यह शिकायत एनएमसी के एंटी-रैगिंग सेल, यूजीसी एंटी-रैगिंग हेल्पलाइन और अन्य माध्यमों के जरिये दर्ज की जा रहीं हैं। आम तौर पर रिपोर्ट किए जाने वाले मामलों में अव्यवस्थित आचरण, छेड़खानी, जबरदस्ती और अनुशासनहीन गतिविधियों के बारे में पता चल रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed