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नीता अंबानी ने बीएचयू में प्रोफेसर बनाए जाने की खबर को बताया गलत, छात्र कर रहे थे विरोध
Wed, 17 Mar 2021 10:55 AM IST
दीप्ति मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दीप्ति मिश्रा
Updated Wed, 17 Mar 2021 10:55 AM IST
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neeta ambani
रिलायंस इंडस्ट्रीज की कार्यकारी निदेशक और रिलायंस फाउंडेशन की अध्यक्ष नीता अंबानी के बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में विजिटिंग प्रोफेसर बनने की रिपोर्ट को उनके प्रवक्ता ने फर्जी करार दिया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के प्रवक्ता ने बुधवार को कहा कि नीता अंबानी को बीएचयू की ओर से विजिटिंग प्रोफेसर बनाने का कोई प्रस्ताव नहीं मिला है।
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रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के प्रवक्ता ने कहा कि बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में विजिटिंग प्रोफेसर बनाई जाने की खबरें फर्जी हैं। नीता अंबानी को विश्वविद्यालय से कोई प्रस्ताव नहीं मिला है।
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Reports that Nita Ambani (in pic) will be a visiting lecturer at Banaras Hindu University (BHU) are fake. She hasn't received an invitation from BHU: Reliance Industries Limited spokesperson to ANI pic.twitter.com/dd8MUpER8T
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) March 17, 2021
हाल ही में खबरें आईं थीं कि बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के सामाजिक विज्ञान संकाय की ओर से नीता अंबानी को विजिटिंग प्रोफेसर बनाने का प्रस्ता भेजा गया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी की पत्नी नीता अंबानी ने मुंबई विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है और उन्हें वर्ष 2014 में रिलायंस इंडस्ट्रीज का कार्यकारी निदेशक बनाया गया। साल 2010 में उन्होंने रिलायंस फाउंडेशन का गठन किया था। माना जा रहा था कि उनकी एक सफल महिला उद्यमी होने की छवि की वजह यह प्रस्ताव दिया गया है।
छात्र कर रहे थे विरोध
नीता को बीएचयू का विजिटिंग प्रोफेसर बनाए जाने की खबरें आने के बाद विश्वविद्यालय के छात्रों ने विरोध शुरू कर दिया। छात्रों ने कुलपति पर बीएचयू को उद्योगपतियों के इशारे पर चलाने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी।
विश्वविद्यालय ने कहा था , नीता ने मौखिक तौर पर स्वीकार प्रस्ताव
वहीं, सामाजिक विज्ञान संकाय के डीन प्रोफेसर कौशल किशोर मिश्रा ने बताया था कि नीता अंबानी ने मौखिक तौर पर प्रस्ताव स्वीकारा भी है। वैसी भी मालवीय जी के समय से परंपरा रही है कि बीएचयू से बड़े उद्योगपतियों को जोड़ा गया है। उसी कड़ी में अंबानी को जोड़ने की कोशिश हो रही है। उनके जुड़ने से महिलाओं को रोजगार के कई साधन उपलब्ध होंगे।