{"_id":"6553ddbdec444b5c1c01b423","slug":"nirbhay-class-long-range-cruise-missiles-to-be-part-in-all-three-defence-forces-arsenal-2023-11-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Nirbhay Cruise Missiles: थर-थर कांपेंगे दुश्मन, जल्द ही तीनों सेनाओं का हिस्सा होंगी क्रूज मिसाइल निर्भय","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Nirbhay Cruise Missiles: थर-थर कांपेंगे दुश्मन, जल्द ही तीनों सेनाओं का हिस्सा होंगी क्रूज मिसाइल निर्भय
Wed, 15 Nov 2023 02:21 AM IST
यशोधन शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: यशोधन शर्मा
Updated Wed, 15 Nov 2023 02:21 AM IST
सार
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सरकार निर्भय श्रेणी की क्रूज मिसाइलों को शामिल करने के लिए एक सेवा के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। एक बार मंजूरी मिलने के बाद तीनों सेनाओं के पास लक्ष्य पर हमला करने के लिए सबसोनिक क्रूज मिसाइलें होंगी।
विज्ञापन
Nirbhay Cruise Missile
- फोटो : ANI
विस्तार
भारत की तीनों सेनाओं यानी कि जल, थल और वायु सेना के पास अब जल्द निर्भय वर्ग की क्रूज मिसाइलें होंगी। यह एक हजार किमी से अधिक की दूरी पर लक्ष्य पर हमला करने सक्षम होगी।
विज्ञापन
डीआरडीओ में विकसित हो रहीं मिसाइल
बता दें कि निर्भय श्रेणी की लंबी दूरी की क्रूज मिसाइलें रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित की जा रही हैं।
मिसाइलों को शामिल करने पर विचार कर रहा मंत्रालय
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सरकार निर्भय श्रेणी की क्रूज मिसाइलों को शामिल करने के लिए एक सेवा के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। एक बार मंजूरी मिलने के बाद तीनों सेनाओं के पास लक्ष्य पर हमला करने के लिए सबसोनिक क्रूज मिसाइलें होंगी।
विज्ञापन
तीनों सेनाओं की जल्द बढ़ने वाली है ताकत
सुपरसोनिक ब्रह्मोस क्रूज मिसाइलों के साथ सबसोनिक निर्भय श्रेणी की क्रूज मिसाइलें सुरक्षा बलों के शस्त्रागार में एक उन्नत और घातक संयोजन होगी। ये मिसाइल सुरक्षा बलों को जंग के समय अधिक विकल्प देंगी।
विज्ञापन
बैलिस्टिक मिसाइलों को शामिल करने की मिली थी मंजूरी
इससे पहले प्रलय बैलिस्टिक मिसाइलों को रक्षा बलों के बेड़े में शामिल करने की मंजूरी दी गई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक इन बैलिस्टिक मिसाइलों के साथ-साथ क्रूज मिसाइलें भी होंगी और एक बार मिसाइल के प्रस्ताव को मंजूरी देने की प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद सेना अलग- अलग विंग बना सकेगी।