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पीएम मोदी पर विपक्ष का तंज, '...हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री की दौड़ पाकिस्तान तक'

Fri, 07 Feb 2020 04:39 AM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अनवर अंसारी Updated Fri, 07 Feb 2020 04:39 AM IST
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Narendra Modi Speech Lok Sabha On opposition, Adhir Ranjan Chowdhury on Pm, Rahul Gandhi
Adhir Ranjan Chowdhury - फोटो : ANI

लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर हुई चर्चा का बृहस्पतिवार को लोकसभा में जवाब देते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने विपक्ष खासतौर पर कांग्रेस पर तीखा निशाना साधा। पंडित नेहरू का नाम लिए बिना पीएम ने कहा कि तब पीएम बनने के लिए देश के नक्शे पर बंटवारे की लकीर खींची। अब सरोकार बदलने के लिए लीक से हट कर लकीर खींची जा रही है। जय श्री राम के जवाब में विपक्ष के महात्मा गांधी की जय के नारे पर भी पीएम ने चुटकी ली। 

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उन्होंने कहा आपके लिए गांधी ट्रेलर हो सकते हैं मगर हमारे लिए तो गांधी जी जिंदगी हैं। इस दौरान पीएम और विपक्षी सदस्यों के बीच कई बार नोंक झोंक हुई। चर्चा का जवाब देते हुए पीएम ने देश भर में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध पर चिंता जताई। इसमें विपक्ष की मिलीभगत का आरोप लगाते हुए पीएम ने पड़ोसी देशों के अल्पसंख्यकों पर पहली पीएम पंडित नेहरू के रुख को ले कर कांग्रेस पर हमला बोला। 
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उन्होंने कहा कि चाहे पाकिस्तानी पीएम लियाकत अली के साथ आजादी के तत्काल बाद हुआ समझौता हो या फिर इसके बाद असम के सीएम को लिखे पंडित नेहरू का पत्र। सभी में पहले पीएम ने पाकिस्तासन में अल्पसंख्यकों की चिंता की है। असम के सीएम को लिखे पत्र में तो साफ कहा कि उन्हें हिंदू शरणार्थी और मुस्लिम घुसपैठियों में फर्क करना होगा। हिंदू शरणार्थी को सुरक्षा देना ही होगा। इसके बाद पीएम ने कांग्रेस से पूछा कि क्या अब वे नेहरू को भी सांप्रदायिक कहेंगे? यह कहेंगे कि नेहरू हिंदू राष्ट्र बनाना चाहते थे।
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सीएए के खिलाफ प्रदर्शनों को लेकर जताई चिंता

पीएम ने सीएए के विरोध में हो रहे प्रदर्शन और इसमें विपक्ष के सहयोग को ले कर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह एक खतरनाक चलन है। उन्होंने पूछा कि कल को अगर मध्यप्रदेश, राजस्थान विधानसभा में बने कानून को लोग मानने से इंकार कर दें तो क्या होगा? उन्होंने कहा कि विपक्ष अब सरकार के सरोकारों को बदलने केलिए लीक से हट कर काम कर रहा है। यह एक खतरनाक प्रवृत्ति है।

कांग्रेस की संविधान बचाने की मांग पर भी कसा तंज

पीएम ने अभिभाषण पर चर्चा के दौरान कांग्रेस के वक्ताओं द्वारा संविधान बचाने की मांग पर भी तंज किया। पीएम ने कहा कि कांग्रेस को वास्तव में संविधान के मंत्र को रटने की जरूरत है। संभवत: ऐसा करते करते उसे संविधान के महत्व और इसकी ताकत का अनुभव हो जाए। पीएम ने कहा कि जिस पार्टी ने आपातकाल लगा कर अदालत से न्यायिक समीक्षा का अधिकार छीना, जीने का अधिकार संबंधी अधिकार छीना, दर्जनों बार चुनी हुई सरकारों के बर्खास्त किया, पीएम-पीएमओ से ऊपर एनएसी बनाई, उस कांग्रेस को संविधान का जाप जरूर करना चाहिए।

'आपकी राह चलते तो यह नहीं होता'

पीएम ने कहा कि जनता ने महज सत्ता नहीं बदली है, उसकी सत्ता का सरोकार बदलने की भी इच्छा है। आप सरोकार नहीं बदलने देने पर उतारू हैं।अगर हम भी आपकी राह चलते तो जम्मू कश्मीर में 70 साल बाद भी अनुच्छेद 370 जारी रहता। मुस्लिम महिलाएं तीन तलाक से अब तक डर रही होतीं। राम जन्मभूमि आज भी विवादों में ही होता। करतारपुर कॉरिडोर कभी नहीं बनता। भारत-बांग्लादेश सीमा विवाद जारी रहता। 

उन्होंने कहा, 70 साल बाद भी शत्रु संपत्ति कानून नहीं बनता। 35 साल बाद अगली पीढ़ी का लड़ाकू विमान नहीं आता। 28 साल बाद बेनामी संपत्ति कानून नहीं बनता। 37 करोड़ लोगों के बैंक खाते नहीं खुलते। 11 करोड़ परिवारों को शौचालय नहीं मिलता।13 करोड़ परिवारों को रसोई गैस नहीं मिलती। दो करोड़ लोगों के नए घर नहीं बनते। दिल्ली में 1700 अवैध कॉलोनियां नियमित नहीं होती।

एक कविता एक शेर और पांच गिलास पानी

करीब डेढ़  घंटे से भी लंबे भाषण के दौरान पीएम ने एक कविता, एक शेर सुनाया और पांच बार पानी पिया। पहली कविता सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की -लीक पर वो चलें जिनके चरण दुर्बल और हरे हैं, हमें तो जो हमारी यात्रा से बने ऐसे अनिर्मित पथ ही प्यारे हैं।- दूसरा शेर -खूब पर्दा है कि चिलमन से लगे बैठे हैं, साफ छिपते भी नहीं सामने आते भी नहीं- पढ़ी।

विपक्ष ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने राज्यसभा में उनके बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उनके भाषण 3-4 चीजों के इर्द-गिर्द ही रहते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए तीन तलाक, अनुच्छेद 370, मुस्लिम और इमरान खान का इस्तेमाल करते रहते हैं। अधीर रंजन ने आगे कहा, 'कहावत है 'मुल्ला की दौड़ मस्जिद तक' इसी तरह हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री की दौड़ पाकिस्तान तक।'

राज्यसभा में प्रधानमंत्री मोदी पर पलटवार करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा, 'मैं प्रधानमंत्री जी का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं कि आखिर उन्होंने भी माना कि कांग्रेस की सेक्युलर पॉलिसी 1947 से चली आ रही है।

गुलाम नबी आजाद ने कहा कि पूरे विपक्ष की तरफ से बात कहूं तो हम पाकिस्तान, बांग्लादेश या अफगानिस्तान से आने वाले शरणार्थियों के विरोध में नहीं है। हमारा विरोध सिर्फ इस बात पर है कि इस कानून में श्रीलंका के हिन्दुओं को क्यों शामिल नहीं किया गया? नेपाल को शामिल क्यों नहीं किया गया? आप धर्म के आधार पर कानून कैसे बना सकते हैं?

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