नागपुर हिंसा: विहिप और बजरंग दल के आठ कार्यकर्ताओं का आत्मसमर्पण; पुलिस ने इस मामले में दर्ज किया था केस
नागपुर में विहिप और बजरंग दल के आठ कार्यकर्ताओं ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया है। जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने दोनों संगठनों के कार्यकर्ताओं पर छत्रपति संभाजीनगर में औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन से जुड़े मामले में केस दर्ज किया था।
विस्तार
#WATCH | Nagpur, Maharashtra | Eight workers of VHP and Bajrang Dal surrendered before Kotwali police. Police arrested them and produced them before the court.
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Maharashtra police in Nagpur has registered FIRs against office-bearers of the Vishwa Hindu Parishad (VHP) and Bajrang… pic.twitter.com/1ifgl5T3ioविज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) March 19, 2025
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कार्यकर्ताओं ने क्यों किया आत्मसमर्पण?
मामले में अधिवक्ता संजय बालपांडे ने बताया कि, सभी कार्यकर्ताओं ने आत्मसमर्पण किया क्योंकि लोगों में यह धारणा थी कि पुलिस एकतरफा कार्रवाई कर रही है और पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने में ढिलाई बरत रही है... स्थिति शांतिपूर्ण बनी रहे, यह सुनिश्चित करने के लिए आरोपियों ने आत्मसमर्पण किया और उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा... उन्होंने अनुमति लेने के बाद विरोध प्रदर्शन किया लेकिन बाद में हिंसा भड़क गई... पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है और उन्हें अदालत में पेश किया जा रहा है'।
#WATCH | Nagpur | Advocate Sanjay Balpande says, "They surrendered as there was a perception among the public that the police are taking one-sided action and the police are being lax in arresting the accused...To ensure that the situation remains peaceful, the accused surrendered… https://t.co/eQvYDCq0MH pic.twitter.com/GZJELWnmm4
— ANI (@ANI) March 19, 2025
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हिंसा के मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी पर बोले पुलिस आयुक्त
वहीं नागपुर हिंसा के मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी की खबरों पर नागपुर पुलिस आयुक्त डॉ. रविंदर सिंघल ने बताया कि, 'हम जांच कर रहे हैं कि उस व्यक्ति की क्या भूमिका थी, उसने शुरू से ही अपनी भूमिका कैसे निभाई, हम सभी एंगल की जांच कर रहे हैं। अब तक हमने मामले में 50 आरोपियों और 7 नाबालिगों को भी गिरफ्तार किया है, आज भी कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया है'। उन्होंने बताया कि, 'फिलहाल हिंसा प्रभावित इलाके में स्थिति शांतिपूर्ण है और लोगों से जांच में सहयोग मिल रहा है। हम इस बात का भी जायजा ले रहे हैं कि सीसीटीवी कैमरे कैसे क्षतिग्रस्त हुए।' इधर महाराष्ट्र साइबर सेल ने कहा है कि, 'हमने सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करने वाले कुछ लोगों की पहचान की है। उन्हें नोटिस भेजा जा रहा है।'
#WATCH | Maharashtra: On reports of the arrest of mastermind of Nagpur violence, Nagpur Police Commissioner Dr Ravinder Singal says, "...we are investigating what was the role of that person, how did he play his role from the beginning, we are investigating all these things. So… pic.twitter.com/JuE6c7r4pp
— ANI (@ANI) March 19, 2025
मंत्री का दावा- नागपुर हिंसा में 54 लोग गिरफ्तार
इधर महाराष्ट्र के मंत्री योगेश कदम ने बुधवार को कहा कि पुलिस ने नागपुर हिंसा के सिलसिले में अब तक 54 लोगों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पुलिसकर्मियों पर हमलों से सख्ती से निपटा जाएगा। गृह राज्य मंत्री ने पत्रकारों से कहा कि 'हिंसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और कानून का डर पैदा किया जाएगा। उन्होंने पुलिसकर्मियों पर हमला करने की हिम्मत की। हम दिखाएंगे कि पुलिस के डर का क्या मतलब होता है। उन्हें बख्शा नहीं जाएगा'। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि पुलिस का मनोबल प्रभावित न हो, उन्होंने कहा कि सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री कदम ने सोशल मीडिया पर गलत वीडियो प्रसारित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी।
माइनॉरिटी डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता फहीम खान गिरफ्तार
नागपुर में माइनॉरिटी डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) के नेता फहीम खान को सोमवार को नागपुर पुलिस स्टेशन के बाहर विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। फहीम खान शहर में सोमवार रात हुई हिंसा के सिलसिले में अब तक गिरफ्तार किए गए 50 से अधिक लोगों में शामिल हैं, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि खान ने दंगे भड़काने में कोई भूमिका निभाई या नहीं। फहीम खान के नेतृत्व में 50 से 60 लोगों का एक समूह सोमवार को गणेशपेठ पुलिस स्टेशन के बाहर गैरकानूनी तरीके से इकट्ठा हुआ और विश्व हिंदू परिषद के विरोध प्रदर्शन के खिलाफ एक ज्ञापन सौंपा, जो दिन में पहले हुआ था, उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर में कहा गया है। इसके बाद, फहीम खान और आठ अन्य लोग भालदारपुरा इलाके में गए, जहां शिवाजी महाराज चौक के पास अल्पसंख्यक समुदाय के करीब 500 से 600 लोग इकट्ठा हुए थे। अधिकारी ने बताया कि बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।