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बालिका गृह मामला: अदालत ने सभी 21 आरोपियों के खिलाफ तय किए आरोप
Sat, 30 Mar 2019 03:31 PM IST
Gaurav Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Gaurav Pandey
Updated Sat, 30 Mar 2019 03:31 PM IST
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ब्रजेश कुमार ठाकुर (फाइल फोटो)
दिल्ली की अदालत ने मुजफ्फरनगर बालिका गृह यौन उत्पीड़न मामले में दिल्ली की साकेत अदालत ने सभी 21 आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो कानून की विभिन्न धाराओं के अतंर्गत दुष्कर्म व अन्य आरोप तय कर दिए हैं। इससे पहले इस मामले की गुरुवार को उच्चतम न्यायालय में सुनवाई हुई थी। अदालत उस याचिका पर सुनवाई करने के लिए तैयार हुआ था जिसमें बालिका गृह के चर्चित कांड की जांच के दौरान सीबीआई पर लापरवाही बरतने और असली आरोपियों को बचाने की कोशिश का आरोप लगा था।
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बता दें कि बिहार के मुजफ्फरपुर में एक एनजीओ की तरफ से चलाए जा रहे शेल्टर होम में कई लड़कियों के साथ दुष्कर्म और यौन शोषण का मामला सामने आया था। यह मामला टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज की रिपोर्ट के बाद चर्चित हुआ था। हंगामा बढ़ने पर इसकी जांच सीबीआई को सौंपी गई थी, जिसने मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर समेत 21 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
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इस मामले में गुरुवार को तत्काल सुनवाई की अपील वाली एक और याचिका जस्टिस एसए बोबडे और जस्टिस एसए नजीर की पीठ के सामने पेश की गई थी। वकील फौजिया शकील के जरिए दाखिल याचिका में सीबीआई को इस मामले की गहन, उचित और वैज्ञानिक तरीके से जांच करने के निर्देश देने की मांग की गई थी। याचिका में कहा गया था कि पीड़िताओं के बयानों से स्पष्ट है कि ब्रजेश ठाकुर की तरफ से बड़े पैमाने पर वेश्यावृत्ति गिरोह चलाया जा रहा था।
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याचिका में आरोप लगाया गया था कि चार्जशीट की कमियों से यह स्पष्ट है कि सीबीआई असली दोषियों को बचाने की कोशिश कर रही है और इस अपराध में शामिल बाहरी लोगों व ठाकुर के दोस्तों के बारे में पीड़िताओं की तरफ से दिए गए सुरागों की जानबूझकर जांच करने से बच रही है।
याचिका में यह भी दावा किया गया था कि सीबीआई को दिए बयानों में पीड़िताओं ने बताया था कि उन्हें होटलों में भेजा जाता था और उनके साथ शेल्टर होम में आने वाले ठाकुर के दोस्तों व बाहरी लोगों ने भी दुष्कर्म किया था। इतने सारे गंभीर आरोपों के खुलासे के बावजूद सीबीआई ने चार्जशीट में आरोपियों पर दुष्कर्म, हत्या, गैंगरेप, वेश्यावृत्ति गिरोह और मानव तस्करी जैसे गंभीर आरोपों से जुड़ी उचित धाराएं नहीं लगाईं।
Muzaffarpur shelter home case: Delhi's Saket Court frames charges against all accused under various sections of POCSO Act. #Bihar
— ANI (@ANI) March 30, 2019