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Mumbai: MHADA अधिकारी को झूठे केस में फंसाने के आरोप में 7 पुलिसकर्मियों पर मुकदमा, दो अधिकारी भी शामिल
Sat, 08 Oct 2022 06:22 PM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Sat, 08 Oct 2022 06:22 PM IST
सार
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि पुलिस अधिकारियों ने 2018 में फर्जी गवाहों और
दस्तावेज अदालत में पेश कर धोखाधड़ी के झूठे मामले में उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
महाराष्ट्र आवास और क्षेत्र विकास प्राधिकरण (म्हाडा) के एक अधिकारी को धोखाधड़ी कर झूठे मामले में फंसाने और गिरफ्तार कराने का मामला सामने आया है। म्हाडा के अधिकारी की शिकायत के आधार पर खार पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा में दो रिटायर्ड पुलिस अधिकारियों और एक निरीक्षक सहित सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि पुलिस अधिकारियों ने 2018 में फर्जी गवाहों की मदद से फर्जी दस्तावेज अदालत में पेश किए। उसके बाद पुलिस ने धोखाधड़ी के झूठे मुकदमे में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। म्हाडा के अधिकारी का कहना है कि उन्हें दो माह तक जेल में रहना पड़ा। महाराष्ट्र आवास और क्षेत्र विकास प्राधिकरण के फ्लैट सस्ते दरों पर उपलब्ध कराने के बहाने लोगों को ठगने का फर्जी मामला उनपर दर्ज किया गया।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
धारा 182 (झूठी सूचना देना), 192 (झूठे सबूत गढ़ना), 196 (झूठे सबूत का इस्तेमाल करना), 211 (घायल करने के इरादे से किए गए अपराध का झूठा आरोप, 120बी (आपराधिक साजिश) के तहत आईपीसी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि सात आरोपियों की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है।
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शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि पुलिस अधिकारियों ने 2018 में फर्जी गवाहों की मदद से फर्जी दस्तावेज अदालत में पेश किए। उसके बाद पुलिस ने धोखाधड़ी के झूठे मुकदमे में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। म्हाडा के अधिकारी का कहना है कि उन्हें दो माह तक जेल में रहना पड़ा। महाराष्ट्र आवास और क्षेत्र विकास प्राधिकरण के फ्लैट सस्ते दरों पर उपलब्ध कराने के बहाने लोगों को ठगने का फर्जी मामला उनपर दर्ज किया गया।
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इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
धारा 182 (झूठी सूचना देना), 192 (झूठे सबूत गढ़ना), 196 (झूठे सबूत का इस्तेमाल करना), 211 (घायल करने के इरादे से किए गए अपराध का झूठा आरोप, 120बी (आपराधिक साजिश) के तहत आईपीसी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि सात आरोपियों की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है।
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