MP Politics: सीएम पद से हटने के बाद खाली नहीं बैठेंगे शिवराज, नड्डा के साथ बैठक में यह जिम्मेदारी हुई तय!
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विस्तार
मध्यप्रदेश को नया मुख्यमंत्री मिलने के बाद राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पहली बार दिल्ली पहुंचे। राजधानी में उन्होंने पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। दोनों नेताओं की यह मुलाकात करीब एक घंटे से ज्यादा चली। इस बैठक के बाद से कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं कि शिवराज एमपी में रहेंगे या फिर केंद्र सरकार में मंत्री बनेंगे या फिर पार्टी संगठन में उन्हें कोई जिम्मेदारी देने जा रही है। हालांकि शिवराज क्या करेंगे इस पर से पर्दा उठना अभी बाकी है।
शिवराज सिंह चौहान ने जेपी नड्डा के साथ हुई उनकी बैठक की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की है। इसके साथ उन्होंने लिखा कि मुलाकात के दौरान राष्ट्र उत्थान, लोक कल्याण और जनसेवा के विषय पर चर्चा हुई। सेवा ही संकल्प है, के ध्येय के लिए भाजपा के हम समस्त कार्यकर्ता समर्पित हैं। शिवराज ने कहा, आज अच्छी मीटिंग हुई। जो भी अध्यक्ष जी बोलेंगे, वैसा ही होगा। एक पार्टी कार्यकर्ता के रूप में, पार्टी मेरे लिए जो भी भूमिका तय करेगी, मैं उसे निभाऊंगा। पार्टी जो भी तय करेगी, मैं करूंगा। राज्य के साथ-साथ केंद्र में भी रहूंगा। इस बैठक में पूर्व सीएम शिवराज से मध्यप्रदेश में सीएम डॉ. मोहन यादव की कैबिनेट गठन को लेकर सुझाव भी लिए गए हैं।
मीडिया से बातचीत के दौरान शिवराज ये जरूर कह गए कि भारतीय जनता पार्टी की संकल्प यात्रा के दौरान उन्हें कई जगहों पर जाने के लिए कहा जाएगा और वह जाएंगे। इसी दौरान उन्होंने कहा कि वह दक्षिण के राज्यों में जाएंगे। हालांकि इसके बाद शिवराज ने इस मुद्दे पर ज्यादा कुछ नहीं कहा। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद शिवराज सिंह चौहान को पार्टी में सम्मानजनक स्थान और दायित्व दिया जा सकता है। एमपी के सीहोर जिले की बुधनी सीट से विधायक शिवराज मध्यप्रदेश के 4 बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं। वे पार्टी का बड़ा ओबीसी चेहरा हैं। पार्टी उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का पद भी सौंप सकती है।
लोकसभा चुनाव में केवल तीन महीने बचे हैं, लिहाजा मोदी कैबिनेट का विस्तार मुश्किल ही है। ऐसे में उनके फिलहाल केंद्र में मंत्री बनने की संभावना कम लग रही है। लेकिन ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि लोकसभा चुनाव में चौहान विदिशा की अपनी पुरानी लोकसभा सीट से चुनाव भी लड़ सकते हैं। विदिशा सीट से चौहान सांसद रह चुके हैं।
2024 में अगर फिर से केंद्र में मोदी सरकार बनती है, तो शिवराज सिंह चौहान केंद्र में मंत्री बनाए जा सकते हैं। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि उन्हें लोकसभा चुनाव के लिहाज से किसी बड़े राज्य का प्रभारी भी बनाया जा सकता है। दक्षिण के राज्यों में पार्टी का काम करने की बात कहकर शिवराज ने इस बात के संकेत भी दे दिए हैं। साल 2018 में हार के बाद भी शिवराज सिंह चौहान को केंद्रीय संगठन में जिम्मेदारी दी गई थी। तब उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया था और पार्टी के सदस्यता अभियान का दायित्व दिया गया था।
मैं फिर वापस आऊंगा...
मीडिया ने जब पूर्व सीएम चौहान से उनके दिल्ली दौरे के कार्यक्रम के बारे में सवाल किया, तो उन्होंने कहा कि आज मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल की बैठक है। इस बैठक में उनका शामिल होना जरूरी है। ऐसे में वो आज फिर मध्यप्रदेश रवाना होंगे और जल्द दिल्ली वापस लौटेंगे। शिवराज सिंह चौहान ने जाते-जाते मीडिया से बातचीत में कहा, "मैं फिर वापस आऊंगा।"