फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   MP News: Mohan Yadav government betrayed farmers of MSP promise

MP News: अपने ही वादे पर घिरी मोहन यादव सरकार, किसान खड़ी कर सकते हैं बड़ी परेशानी, ये घोषणा बन सकती है मुसीबत

Thu, 22 Feb 2024 02:22 PM IST
Rahul Sampal राहुल संपाल
Updated Thu, 22 Feb 2024 02:22 PM IST
विज्ञापन
सार
अमर उजाला से बातचीत में किसान नेता शिवकुमार शर्मा कक्काजी का कहना है कि बीते दिनों आंदोलन में शामिल होने निकले किसानों को सरकार ने जेलों में बंद कर दिया था। अब सभी किसान बाहर आ गए हैं। लेकिन अभी मध्यप्रदेश के किसानों के सामने यह समस्या है कि कहां जाएं। क्योंकि राजधानी दिल्ली तक किसानों का मार्च अभी तक पहुंचा नहीं है...
loader
MP News: Mohan Yadav government betrayed farmers of MSP promise
MP News: CM Mohan Yadav - फोटो : Amar Ujala/ Himanshu Bhatt

विस्तार

एमएसपी को लेकर कानून की मांग कर रहे किसानों का आंदोलन लगातार जारी है। हरियाणा-पंजाब बॉर्डर पर किसानों और प्रशासन में टकराव देखने को मिला है। इसी बीच सरकार ने एक बार फिर से किसानों से वार्ता का प्रस्ताव रख दिया है। इससे शंभू बॉर्डर पर भी फिर शांति नजर आ रही है। लेकिन अब किसानों का ये आंदोलन मध्यप्रदेश में भी देखने को मिल सकता है। किसान सड़कों पर भाजपा की मोहन यादव सरकार के खिलाफ आंदोलन करते हुए नजर आ सकते हैं। आंदोलन के लिए किसानों ने बैठकों का दौर शुरू कर दिया है।

मध्यप्रदेश के युवा किसान नेता राहुल राज ने अमर उजाला को बताया कि मध्यप्रदेश में चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा ने वादा किया था कि प्रदेश की सत्ता में फिर से काबिज होने पर 2700 रुपये गेहूं और 3100 रुपये में धान की खरीदी करेंगे। धान का सीजन निकल गया है। इधर, गेहूं का पंजीयन प्रदेश में शुरू हो गया है। लेकिन वह भी केंद्र सरकार की एमएसपी 2275 रुपये पर हो रहा है। कई बार किसान संगठन और नेता सरकार को अपने वादे की याद दिला चुके हैं, बावजूद इसके सरकार कोई निर्णय नहीं ले रही है। हम सरकार को महज गेहूं कटाई तक समय दे रहे हैं। जब तक सरकार ने कोई फैसला नहीं लिया, तो हम प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतरेंगे।

राहुल राज का कहना है कि जिस तरह से पंजाब-हरियाणा के किसान अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। अब उसी तर्ज पर मध्यप्रदेश के किसान भी प्रदर्शन करेंगे। क्योंकि आज सरकार उन्हीं से चर्चा कर रही है, जो सड़कों पर सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। अब हम भी यहीं तरीका अपनाएंगे ताकि सरकार मध्यप्रदेश के किसानों से भी चर्चा करें। एमपी के किसान बहुत ही शांत तरीके से सरकार से अपनी मांग रख रहे है, लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। पूरे प्रदेश में कैसे प्रदर्शन करना है, इसके लिए हर जिलों में बैठकों का दौर शुरू हो गया है। आने वाले दिनों में सभी जिलों के साथ राजधानी भोपाल में प्रदर्शन का प्लान तैयार हो गया है।

मध्यप्रदेश भाजपा के प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने अमर उजाला से कहा कि किसानों से 2700 रुपये गेहूं और 3100 रुपये में धान की खरीद का वादा भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में किया है। संकल्प पत्र पांच साल की अवधि के लिए होता है। हमारी सरकार को बने अभी 100 दिन भी पूरे नहीं हुए हैं, बावजूद इसके करीब 40 से ज्यादा संकल्प पूरे हो गए हैं। आने वाले दिनों में किसान भाइयों को किया गया ये वादा भी निश्चित पूरा हो जाएगा।  

दिल्ली भी जाने के लिए तैयार हुए किसान संगठन

अमर उजाला से बातचीत में किसान नेता शिवकुमार शर्मा कक्काजी का कहना है कि बीते दिनों आंदोलन में शामिल होने निकले किसानों को सरकार ने जेलों में बंद कर दिया था। अब सभी किसान बाहर आ गए हैं। लेकिन अभी मध्यप्रदेश के किसानों के सामने यह समस्या है कि कहां जाएं। क्योंकि राजधानी दिल्ली तक किसानों का मार्च अभी तक पहुंचा नहीं है। जबकि शंभू बॉर्डर पर किसानों की आवाजाही पर पुलिस प्रशासन ने रोक लगा दी है।

सरकार बातचीत के लिए तैयार

सूत्रों के मुताबिक, दूसरी तरफ पंजाब-हरियाणा बॉर्डर पर बैठे किसानों की तरफ से भले सरकार का प्रस्ताव खारिज कर दिया गया हो, लेकिन सरकार अभी भी बातचीत के लिए तैयार है। सूत्रों के मुताबिक, पिछली बैठक के दौरान सरकार की तरफ अरहर, उड़द और मसूर पर 100 फीसदी प्रोक्योरमेंट के लिए तैयार होने की बात भी कही गई थी और यह सरकार लिखित में भी देने को तैयार है। सूत्रों के मुताबिक इस बैठक के दौरान सरकार की तरफ से कॉटन और मक्के पर भी MSP देने की हामी भरी गई। सरकार की तरफ से किसानों को कहा गया है कि किसानों को सुनिश्चित करना होगा कि वह फसल और जमीन की उर्वरकता पर भी ध्यान दे और क्रॉप डायवर्सिफिकेशन पर फोकस करें।

एक किसान की मौत, 23 घायल 12 पुलिसकर्मी भी जख्मी

न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कानूनी गारंटी की मांग को लेकर आठ दिनों से शंभू और खनौरी-दातासिंह वाला बॉर्डर पर डटे किसानों ने बुधवार सुबह दिल्ली कूच का प्रयास किया। जवाब में हरियाणा पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने आंसू गैस के गोले बरसाए और रबड़ की गोलियां भी चलाईं। दो किसान गोली लगने से जख्मी हो गए, जिनमें से बठिंडा के गांव बल्लोंके के युवा शुभकरण (23) की मौत हो गई, जबकि दूसरे किसान संगरूर के नवांगांव के प्रीत पाल सिंह को भी गंभीर चोट आई है। उसे रोहतक पीजीआई में भर्ती किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed