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MoS MEA: विदेश में पांच साल में 37,740 भारतीय मजदूरों की मौत, हर दिन 20 से ज्यादा; खाड़ी देश बन रहे कब्रगाह

Fri, 03 Apr 2026 06:50 AM IST
Pavan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Pavan Updated Fri, 03 Apr 2026 06:50 AM IST
सार

विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह की ओर से राज्यसभा में दी गई जानकारी के मुताबिक, विदेश में 2021 से 2025 के बीच कुल 37,740 भारतीय कामगारों की जान गई। हालांकि इन मौतों की वजहों का ब्योरा नहीं दिया गया।

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MoS MEA: 37740 Indian workers died abroad in 5 years, more than 20 a day; Gulf countries are graveyards
कीर्ति वर्धन सिंह, विदेश राज्य मंत्री - फोटो : ANI

विस्तार

सरकार ने विदेश में भारतीय कामगारों की स्थिति को लेकर जो आंकड़े सामने रखे हैं, वे परेशान करने वाले हैं। पिछले पांच वर्षों में विदेशी धरती पर हर दिन औसतन 20 से अधिक भारतीय श्रमिकों की मौत हुई है। इनमें 86 फीसदी से अधिक मौतें खाड़ी देशों में हुईं हैं। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह की ओर से राज्यसभा में दी गई जानकारी के मुताबिक, विदेश में 2021 से 2025 के बीच कुल 37,740 भारतीय कामगारों की जान गई। हालांकि इन मौतों की वजहों का ब्योरा नहीं दिया गया। हालांकि तुलनात्मक रूप से देखें तो खाड़ी देशों में मौतों का औसत 2012-2018 के मुकाबले लगभग दोगुना होकर रोजाना 18 तक पहुंच गया है।
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सबसे ज्यादा खाड़ी देशों में भारतीय की मौतें
खाड़ी देशों में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में सबसे ज्यादा 12,380 मौतें हुईं। इसके बाद सऊदी अरब, कुवैत, ओमान और कतर का नंबर आता है।
 
पांच साल में मौतों के आंकड़े
वर्ष मौतें
2021 8,234
2022 6,614
2023 7,291
2024 7,747
2025 7,854
कुल 37,740
 
खाड़ी देशों में स्थिति
यूएई 12,380
सऊदी अरब 11,757
कुवैत 3,890
ओमान 2,821
मलयेशिया 1,915
कतर 1,760
 
अन्य देशों में 
देश मौतें
अमेरिका 454
सिंगापुर 451
नाइजीरिया 210
यूके 188

उत्पीड़न की भी 80,985 शिकायतें
पांच साल में विदेश में भारतीय मिशनों को भारतीय नागरिकों से गलत व्यवहार, शोषण और काम की जगह से जुड़ी 80,985 शिकायतें मिलीं। इनमें वेतन न मिलना, पासपोर्ट जब्त करना, ज्यादा काम, छुट्टी न मिलना और नौकरी छूटना जैसी शिकायतें रहीं। यूएई में सबसे अधिक 16,965 शिकायतें दर्ज की गईं। कुवैत (15,234), ओमान (13,295), और सऊदी अरब (12,988) का स्थान रहा।
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बढ़ा मौतों का आंकड़ा
सिर्फ खाड़ी देशों की बात करें तो रोजाना करीब 18 मौतें हो रही हैं। आरटीआई जवाबों और संसदीय रिकॉर्डों के विश्लेषण पर आधारित 2018 की रिपोर्ट के मुताबिक 2012 और 2018 के मध्य के बीच खाड़ी क्षेत्र में लगभग 10 भारतीय मजदूरों की हर दिन मौत हुई। वही, दक्षिण-पूर्व एशिया में मौतें कम, लेकिन शिकायतें ज्यादा हैं। म्यांमार में शून्य मौत हुई, लेकिन 2,548 शिकायतें दर्ज हुईं। कुल शिकायतें 2021 के 11,632 से बढ़कर 2025 में 22,479 हो गईं। सरकार ने कहा कि भारतीय मिशन तुरंत मदद करते हैं और कई देशों के साथ श्रमिक सुरक्षा के लिए समझौते किए गए हैं।

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